NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरियाई पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार और अत्याचार-विरोधी कार्यकर्ता फ़ातिहा ब्रिकी को हिरासत में लिया
प्रिज़नर्स राइट ग्रुप सीएनएलडी के अनुसार, राजनीतिक रूप से प्रेरित कारणों जैसे कि सरकार-विरोधी हिरक आंदोलन के सदस्य होने के कारण वर्तमान में अल्जीरियाई जेलों में कम से कम 260 राजनीतिक बंदी हैं।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jun 2021
अल्जीरियाई पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार और अत्याचार-विरोधी कार्यकर्ता फ़ातिहा ब्रिकी को हिरासत में लिया

नॉर्थ अफ्रीका जर्नल की 22 जून की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल्जीरिया में पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता फातिहा ब्रिकी को उनकी अचानक गिरफ्तारी के कारणों का खुलासा किए बिना गिरफ्तार कर लिया है। इस रिपोर्ट में ब्रिकी के परिवार और अल्जीरियन प्रिजनर्स राइट ग्रुप 'नेशनल कमेटी फॉर द लिबरेशन ऑफ डिटेनीज़ (सीएनएलडी) के हवाले से कहा गया है कि उन्हें गुरुवार 17 जून को गिरफ्तार किया गया था और उसके घर की भी अल्जीरियाई अधिकारियों ने तलाशी ली थी।

विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त एक शिक्षक ब्रिकी सीेनएलडी के सदस्य होने के अलावा वे एक अत्याचार-विरोधी एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। इस महीने देश के विधायी चुनावों से ठीक पहले सरकार द्वारा देश में 'अनधिकृत प्रदर्शन' पर प्रतिबंध लगाने से पहले देश के क्रांतिकारी हिरक आंदोलन द्वारा हर शुक्रवार को आयोजित साप्ताहिक सत्ता-विरोधी प्रदर्शनों में वह नियमित तैर पर शामिल होती थीं।

उनकी गिरफ्तारी की खबर सार्वजनिक होने के बाद भी अल्जीरियाई अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है कि उनकी हिरासत के पीछे क्या कारण है। उनके परिवार ने खुलासा किया कि रविवार 20 जून को जब वह हिरासत में थी तब उन्हें उनसे मिलने से रोका गया था।

12 जून को चुनाव से पहले के दिनों में अल्जीरियाई अधिकारियों ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, विपक्षी हस्तियों, पत्रकारों, वकीलों और हिराक आंदोलन के नेताओं और सदस्यों पर गिरफ्तारी और कार्रवाई का एक व्यवस्थित अभियान शुरू किया। कई लोगों को सरकार की आलोचना करने और विरोध करने और चुनावों के राष्ट्रीय बहिष्कार की वकालत करने के लिए हिरासत में लिया गया था, वहीं कुछ लोगों को राजनीतिक रूप से तैयार किए गए आरोपों पर गिरफ्तार किया गया था।

पिछले साप्ताहिक शुक्रवार के दो विरोध प्रदर्शनों में अल्जीरियाई इतिहास में हाल की सबसे बड़ी सामूहिक गिरफ्तारी में करीब 2000 प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार किया गया था। वाक्य स्वतंत्रता, विरोधियों की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता के इन उल्लंघनों को अल्जीरियाई राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बाउने के आश्वासन के बाद भी किया गया। उन्होंने अक्सर हिरक आंदोलन की मांगों के लिए समर्थन व्यक्त किया था और यहां तक कि आंदोलन की प्रशंसा भी की थी। उन्होंने पूर्व में गिरफ्तार कई राजनीतिक कैदियों की जेल से रिहाई का भी आदेश दिया था, जिनमें से कुछ को फिर से गिरफ्तार किया गया था।

Algeria
Human Rights
Prisoners Right Group CNLD

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यूक्रेन युद्ध से रूस-चीन के संबंधों में मिली नई दिशा

मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश के 24 घंटो में 7,495 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर हुए 280
    23 Dec 2021
    देश में कोरोना वायरस का नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है | कल बुधवार को तमिलनाडु में ओमिक्रॉन के 34 नए मामले सामने आए हैं |
  • chile
    एमिलिया रोजास-सासे
    नज़रिया : ग्रेबिएल बोरिक की जीत चिली के वामपंथ के लिए बड़ा मौक़ा
    23 Dec 2021
    डी डब्ल्यू की एमिलिया रोजास लिखती हैं कि राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे साफ़ होने से यही पता चलता है कि चिली में मतदाता बदलाव चाहते हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : किसी के पास ईडी-सीबीआई है, किसी के पास भाई है, बहन है और जनता के पास...!
    23 Dec 2021
    जनता के पास है उसका वोट, जिसके लिए ये सारा जतन है, लेकिन उसी वोट को लेकर उसे पकड़ा दिया जाता है झुनझुना, कि अगले पांच साल तक बजाते रहो...।
  • Gabriel Boric
    बी. सिवरामन
    लैटिन अमेरिका दर्शा रहा है कि दक्षिणपंथी उभार स्थायी नहीं है
    23 Dec 2021
    क्या चिली के चुनाव में वामपंथ की जीत टर्निंग प्वाइंट साबित होगी?
  • Raam
    सबरंग इंडिया
    अयोध्या में मची जमीन की लूट, भगवान राम के आदर्शों की भी उड़ाईं धज्जियां
    23 Dec 2021
    राम की नगरी अयोध्या में राम के नाम पर जमीनों की लूट मची है। आलम यह है कि घोटालेबाज नेताओं और अफसरों ने नैतिकता के साथ भगवान राम के आदर्शों की भी धज्जियां उड़ा दी हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License