NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
भारत-चीन मसले पर शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक, विपक्ष का राजनयिक हल पर ज़ोर
“हम ज़ोर दे कर दोनों सरकारों से कहना चाहते हैं कि इस मसले का यथाशीघ्र राजनयिक हल निकाला जाए, सीमा पर तैनात सैन्य बलों की संख्या में कटौती की जाए और सारे मसलों का द्वीपक्षीय समाधान वार्ता द्वारा, बिना किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के किया जाए।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
17 Jun 2020
modi china

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा पर हालात को लेकर चर्चा करने के लिए 19 जून को सर्वदलीय डिजिटल बैठक बुलाई है। इसके साथ ही उन्होंने सैनिकों का बलिदान व्यर्थ न जाने की बात कही है। उधर, रक्षा मंत्री ने कहा कि गलवान घाटी में सैनिकों को गंवाना बहुत परेशान करने वाला और दु:खद है। विपक्षी दलों ख़ासकर कांग्रेस और वाम दलों ने वास्तविक स्थिति देश के सामने रखने की मांग की है। वाम दलों ने धैर्य और शांति से इस मसले को द्विपक्षीय बातचीत के आधार पर सुलझाने की बात कही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना को लेकर राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो बैठक से पहले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा। उन्होंने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा करना भी जानता है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का बलिदान देश याद रखेगा और इसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया कि भारतीय जवानों ने कर्तव्य का पालन करते हुए अदम्य साहस एवं वीरता का प्रदर्शन किया और अपनी जान न्यौछावर कर दी।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘देश अपने सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। देश इस मुश्किल समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के वीरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है।’’
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए।
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प क्षेत्र में ‘‘यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के चीनी पक्ष के प्रयास’’ के कारण हुई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता, तो दोनों पक्षों को हुए नुकसान से बचा जा सकता था।

पूर्वी लद्दाख के पैंगॉन्ग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में भारतीय और चीनी सेना के बीच गतिरोध चल रहा है। पैंगॉन्ग सो सहित कई इलाके में चीनी सैन्यकर्मियों ने सीमा का अतिक्रमण किया है ।
भारतीय सेना ने चीनी सेना की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और क्षेत्र में अमन-चैन के लिए तुरंत उससे पीछे हटने की मांग की है। गतिरोध दूर करने के लिए पिछले कुछ दिनों में दोनों तरफ से कई बार बातचीत भी हुई है।

मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा पर हालात को लेकर चर्चा करने के लिए 19 जून को सर्वदलीय डिजिटल बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘भारत एवं चीन के सीमा क्षेत्रों में हालात को लेकर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो 19 जून को अपराह्न पांच बजे होगी। इस डिजिटल बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष शामिल होंगे।’’

विदेश मंत्री एस जयशकंर ने चीनी विदेश मंत्री से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि अभूतपूर्व घटनाओं का द्विपक्षीय रिश्तों पर गंभीर असर होगा। चीनी पक्ष को अपनी कार्रवाई की समीक्षा करें और सुधारात्मक उठाए।

मोदी सरकार की प्राथमिकता में देश नहीं, अपने दल की सत्ता मात्र: सुरजेवाला

कांग्रेस ने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 जवानों की शहादत पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में देश नहीं बल्कि अपने दल की सत्ता मात्र है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीमा की सच्चाई देश से छिपाती रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि चीनी सेना के हमले में देश के एक उच्च सैन्य अधिकारी सहित 20 जवानों की शहादत से पूरे देश में भारी रोष और गंभीर चिंता व व्यग्रता है।

उन्होंने केन्द्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि लापरवाह और नाकाम सरकार अपने राजनैतिक जलसों, चुनावी लड़ाइयों, विपक्ष की सरकारें गिराने के षडयंत्रों में व्यस्त रही और सीमा की सच्चाई देश से छिपाती रही।

उन्होंने कहा, 'दुख से कहना पड़ता है कि केंद्रीय भाजपा सरकार की प्राथमिकता में देश नहीं, अपने दल की सत्ता मात्र है।'
उन्होंने कहा कि चीनी सेना के इस दुस्साहस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार ने मौन साध लिया है। देश को उम्मीद नहीं थी कि 40 दिनों की दिल्ली के हुक्मरानों की सरकारी चुप्पी का परिणाम इतना हृदय विदारक होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र भाजपा सरकार की खामियों और नाकामियों की वजह से हमारे सैनिकों की शहादत का यह दुखद और वेदना भरा दिन देश को देखना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी व पूरा प्रतिपक्ष बार बार केंद्र सरकार से गुहार लगाते रहे, आगाह करते रहे कि कुछ बताइये कि आखिर सीमा पर परिस्थितियां क्या हैं, चीन की सेना हमारी सरहदों में कहां तक घुस आई है? और हमारी कितनी जमीन हड़प ली है? सेना के पूर्व अधिकारी भी लगातार आगाह कर रहे थे कि स्थिति गंभीर है व सरकार को सावधान हो कार्यवाही की आवश्यकता है।’’
सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार में सवालों पर पाबंदी है और सूचनाओं पर तालाबंदी है। आज देश से सब कुछ छिपाया जा रहा है। पर क्या मोदी सरकार के पास उन मांओं के लिए कोई जवाब है, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने लाड़ले बेटों की कुर्बानी दी है?
उन्होंने कहा, 'सच्चाई यह है कि देश की हुकूमत चेताए जाने के बावजूद आंखें मूंदे रही और गलवान घाटी में सैनिकों की शहादत होने दी। चीन ने भारत की सरजमीं पर कब्जा कर लिया, उसकी रक्षा करते हुए हमारे सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए, पर दिल्ली में बैठी मोदी सरकार तथा प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री ने मात्र चुप्पी साधे रखने के अलावा क्या किया?'
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आ कर सच्चाई बतानी होगी कि चीन ने हमारी सरजमीं पर कब्जा कैसे किया व 20 सैनिकों की शहादत कैसे हुई? मौके पर आज की स्थिति क्या है? क्या हमारे सैन्य अधिकारी या सैनिक अभी भी लापता हैं? हमारे कितने सैन्य अधिकारी व सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं? चीन ने हमारे कितने हिस्से पर और कहां कहां कब्जा कर रखा है? इस पूरी स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की नीति और रास्ता क्या है?’’
 

उन्होंने कहा कि हमारे शहीदों की शहादत को सलाम करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से हम फिर दोहराते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा व देश की भूभागीय अखंडता के हर मुद्दे पर देश के 130 करोड़ नागरिक एक हैं व सरकार के साथ खड़े हैं, परंतु मोदी सरकार को देश को विश्वास में लेना होगा।

 चीन ने गलवान घाटी पर सम्प्रभुता का दावा किया, चीनी जवानों के हताहत होने पर टिप्पणी से किया इनकार

चीन ने पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद बुधवार को दावा किया कि घाटी की सम्प्रभुता ‘‘हमेशा से उसी की’’ रही है।

भारत ने मंगलवार को कहा था कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प क्षेत्र में ‘‘यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के चीनी पक्ष के प्रयास’’ के कारण हुई।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता तो दोनों पक्षों को हुए नुकसान से बचा जा सकता था।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने सोमवार रात को हुई झड़प में चीनी पक्ष के 43 जवानों के हताहत होने संबंधी रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से संवाददाता सम्मेलन में इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘सीमा पर बल प्रासंगिक मामलों से निपट रहे हैं।’’

प्रवक्ता से सवाल किया गया कि भारत ने हताहतों की संख्या जारी कर दी है, लेकिन चीन अपने हताहत जवानों की संख्या क्यों नहीं बता रहा है, इसके जवाब में झाओ ने कहा, ‘‘मैंने कहा है कि चीनी और भारतीय सीमा बल प्रासंगिक मामले से मिलकर जमीनी स्तर पर निपट रहे हैं। फिलहाल मुझे इस बारे में और कुछ नहीं कहना है।’’

झाओ ने कहा कि चीन एवं भारत की सीमा पर स्थिति को लेकर दोनों पक्ष संवाद के जरिए राजनयिक एवं सैन्य माध्यमों से इसे सुलझा रहे हैं।
उन्होंने संवाददाताओं के कई प्रश्नों के उत्तर में कहा, ‘‘सीमा संबंधी समग्र स्थिति स्थिर एवं नियंत्रण योग्य है।’’

‘खुफिया तंत्र की नाकामी’’ : पूर्व केंन्द्रीय मंत्री पल्लम राजू

हैदराबाद : पूर्व रक्षा राज्य मंत्री एम. एम. पल्लम राजू ने बुधवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘खुफिया तंत्र की नाकामी’’ की वजह से पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए।
दो परमाणु सम्पन्न देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ हमने अपने सैनिक गवाएं हैं और इसका मतलब है कि स्थिति बेहद गंभीर है। पर जिस बात का मुझे अफसोस है कि ये सब एक रात में तो हुआ नहीं होगा। इसमें समय तो लगा होगा।’’

लद्दाख में भारत चीन एलएसी पर मोदी सरकार स्थिति स्पष्ट करे : माले

भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने इस पूरी स्थिति पर बयान जारी करते हुए सरकार से मांग की है कि वह वास्तविक स्थिति साफ करे। अपने बयान में भट्टाचार्य ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास गलवान घाटी में, जो इलाका परंपरा गत रूप से भारत के नियंत्रण में रहा है, चीनी घुसपैठ की रिपोर्टों के बीच मोदी सरकार द्वारा कहा जा रहा था कि चीन और भारत के बीच तनाव कम करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच वहां तीन भारतीय सैनिकों के मारे जाने की ख़बर है (अब यह संख्या 20 है)। यह चीन- भारत सीमा विवाद में 1975 के बाद झड़पों में सैनिकों के हताहत होने की पहली घटना है। भारतीय सैनिकों को बंदी बनाये जाने और चीनी सैनिकों के मारे जाने की भी खबरें हैं।

मोदी सरकार, अपनी चीन नीति के मामले में स्पष्ट तौर पर जमीन खो रही है और इस विफलता की पूर्ति वह घरेलू राजनीति में चीन विरोधी लफ़्फ़ाज़ी को बढ़ावा दे कर करना चाहती है.साथ ही वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति के बारे में जनता को अंधेरे में रखने और जवाबदेही तथा पारदर्शिता के अभाव के मामले में मोदी सरकार, एक और नकारात्मक कीर्तिमान रच रही है।

एक ऐसे समय में जब चीन और भारत दोनों को ही वैश्विक महामारी कोविड 19 के कारण व्यापक जन स्वास्थ्य और आर्थिक दुष्प्रभावों से निपटना है,इसे दोनों देशों का बेहद गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय रवैया कहा जायेगा कि वे सीमा विवाद को जानलेवा झड़पों में तब्दील होने दें।

भट्टाचार्य के अनुसार- “हम जोर दे कर दोनों सरकारों से कहना चाहते हैं कि इस मसले का यथाशीघ्र राजनयिक हल निकाला जाए, सीमा पर तैनात सैन्य बलों की संख्या में कटौती की जाए और सारे मसलों का द्वीपक्षीय समाधान वार्ता द्वारा, बिना किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के किया जाए।”

इसी तरह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर सैनिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि सरकार को एक आधिकारिक बयान देना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था। येचुरी ने कहा कि यह जरूरी है कि दोनों देशों की सरकारें धैर्य और शांति बनाए रखें और आपसी  सहमति और समझ के आधार पर एलएसी पर अलग होने (disengagement) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते रहें।

Narendra modi
Xi Jinping
China
India
Congress
CPM
CPIML
BJP
India-China Border Dispute

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • Law
    सुभाष गाताडे
    'जहां कई सारे वकील होते हैं, वहां अब न्याय नहीं मिलता’
    05 Nov 2021
    आगरा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों पर पहले तो देशद्रोह की धारा लगाई गई और बाद में यह संदेश फैलाया गया कि जो कोई भी अभियुक्त का वकील बनेगा उसे  बहिष्कृत कर दिया जाएगा।
  • COP26
    रेनार्ड लोकी
    सीओपी26: क्या धरती को बचाने की मानवता की यह ‘अंतिम और सर्वश्रेष्ठ कोशिश’ सफल हो सकेगी?
    05 Nov 2021
    एक मौका है जिससे कि हम जलवायु संकट के सबसे बुरे दुष्प्रभाव को रोक सकते हैं, लेकिन इसके लिए विश्व के नेताओं को व्यवसायों को इसके लिए जवाबदेह ठहराना होगा और स्वदेशी समुदायों को सुनना होगा।
  • Zika panic in Kanpur
    विजय विनीत
    कानपुर में ज़ीका की दहशत, अलर्ट मोड पर हेल्थ महकमा
    05 Nov 2021
    बारिश से पहले मच्छरों पर काबू पा लिया गया होता, तो इस वायरस के फैलाव के चलते लोगों में जो डर है, वह नहीं होता। ज़ीका से भले ही किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन प्रभावित इलाकों में ख़ौफ़ और दहशत का…
  • trip waiver
    ऋचा चिंतन
    ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा
    05 Nov 2021
    ऐसा प्रतीत होता है कि इस महीने के अंत में होने जा रहे 12वें विश्व व्यापार संगठन के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले ही भारत-दक्षिण अफ्रीका के कोविड टीकों और प्रौद्योगिकी के संबंध में आइपी छूट के साझा…
  • crackers
    वसीम अकरम त्यागी
    पटाख़ों से ज्यादा ज़हर तो दिमाग़ों में है!
    05 Nov 2021
    सुप्रीम कोर्ट के आदेश को धुएं में उड़ाने वाला #PatakhaTwitter ट्रेंड ने सीधे तौर पर अदालत को चुनौती दे डाली। लेकिन सरकार, प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने में नाकाम रहा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License