NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान परमाणु समझौते के सभी शेष पक्षों ने इसे संरक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी
रूस, चीन और ब्रिटेन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद जेसीपीओए प्रतिबद्धताओं के तहत ईरानी परमाणु कार्यक्रम के आधुनिकीकरण में अपना काम जारी रखने का संकेत दिया।
पीपल्स डिस्पैच
02 Sep 2020
ईरान

ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) या ईरान परमाणु समझौते के शेष सभी पक्षों ने मंगलवार 1सितंबर को वियना में अपनी संयुक्त आयोग की बैठक में इस समझौते को संरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं की फिर से दोहराया है। इसके भागीदारों ने ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों को फिर से लगाने के अमेरिका के फैसले को लेकर अपना विरोध जताया है।

यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ईरान, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों ने माना कि यह समझौता "वैश्विक परमाणु अप्रसार ढ़ाचे का प्रमुख तत्व है जैसा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 द्वारा अपनाया गया है।"यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस इस बैठक की सह-मेजबान है।

यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस के महासचिव हेल्गा श्मिड ने बैठक के बाद ट्वीट किया कि सभी भागीदार इस समझौते के बचाव के लिए एकजुट हुए हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी और चीनी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य फू कोंग ने कहा कि सभी प्रतिनिधियों ने इस बैठक में अपना विचार दोहराया है कि चूंकि अमेरिका इस समझौते से हट गया है इसलिए उसे ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने उनके हवाले से लिखा, "इस स्थिति को बनाए रखने की ज़रूरत है"। उन्होंने यह भी उम्मीद है की कि इस समझौते के शेष पक्षों के बीच सभी मतभेदों को जेसीपीओए के ज्वाइंट कमीशन के भीतर हल किया जाएगा।

इन प्रतिनिधियों ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ ईरान के दृष्टिकोण का भी स्वागत किया जिसके अनुसार ईरान ने अपने परमाणु क्षेत्रों के निरीक्षण की अनुमति दी है।

इन भागीदारों ने ईरान के अरक आधुनिकीकरण परियोजना के लिए अपना समर्थन जारी रखने का भी फैसला किया। साल 2015 में जेसीपीओए के हस्ताक्षर के बाद रूस,चीन और ब्रिटेन इस भारी जल अनुसंधान रिएक्टर के आधुनिकीकरण में शामिल हुए हैं। अमेरिका ने मई 2018में जेसीपीओए से हटने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों से इस आधुनिकीकरण के काम को छूट दी थी। हालांकि, इस साल मई में उन छूटों को समाप्त करने की घोषणा की गई थी जिन्होंने इन देशों द्वारा काम रुकने का डर जताया था।

JCOPA
IRAN
Russia
iran gets support

Related Stories

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन


बाकी खबरें

  • सतीश भारतीय
    हरियाणा के बजट पर लोगों की प्रतिक्रिया 
    15 Mar 2022
    सरकार बजट को आंकड़ों की लफ़्फ़ाज़ी के साथ पेश तो कर देती है। मगर अधिकतर पढ़े लिखे और आम लोग बजट के बारे में ढंग से जानते नहीं है। क्योंकि उन्हें लगता है कि बजट का उन्हें सीधे तौर पर कोई वाजिब लाभ नहीं…
  • Russia Ukraine
    प्रबीर पुरकायस्थ
    यूक्रेन में तीन युद्ध और तीनों में इंसानियत की हार के आसार
    15 Mar 2022
    रूस पर पश्चिम के आर्थिक युद्ध के कारण दुनिया का ग्लोबल वार्मिंग से युद्ध हारने का जोखिम बढ़ जाता है, लेकिन जो सबसे बड़ी चुनौती है वह यह है कि अमेरिका द्वारा डॉलर का हथियार बनाए जाने का कैसे मुकाबला…
  • भाषा
    भारत की मिसाइल प्रणाली अत्यंत सुरक्षित : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
    15 Mar 2022
    रक्षा मंत्री सिंह ने दुर्घटनावश मिसाइल दागे जाने की घटना पर राज्यसभा में दिए गए एक बयान में कहा कि भारत अपनी शस्त्र प्रणाली की सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
  •  IOC
    भाषा
    मुंबई में अगले साल आईओसी सत्र का आयोजन देश के खेल क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा: प्रमाणिक
    15 Mar 2022
    1983 के बाद 40 साल के अंतराल पर फिर से भारत को इसका मौका मिल रहा है जब आईओसी का सत्र देश में आयोजित किया जाएगा।
  • भाषा
    विश्व चैम्पियनशिप के बाद लवलीना और निकहत एशियाई खेलों के लिये भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम में
    15 Mar 2022
    जरीन ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुए ट्रायल्स के बाद 51 किग्रा वजन वर्ग में जबकि बोरगोहेन ने 69 किग्रा में स्थान पक्का किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License