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ईरान परमाणु समझौते के सभी शेष पक्षों ने इसे संरक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी
रूस, चीन और ब्रिटेन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद जेसीपीओए प्रतिबद्धताओं के तहत ईरानी परमाणु कार्यक्रम के आधुनिकीकरण में अपना काम जारी रखने का संकेत दिया।
पीपल्स डिस्पैच
02 Sep 2020
ईरान

ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) या ईरान परमाणु समझौते के शेष सभी पक्षों ने मंगलवार 1सितंबर को वियना में अपनी संयुक्त आयोग की बैठक में इस समझौते को संरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं की फिर से दोहराया है। इसके भागीदारों ने ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों को फिर से लगाने के अमेरिका के फैसले को लेकर अपना विरोध जताया है।

यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ईरान, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों ने माना कि यह समझौता "वैश्विक परमाणु अप्रसार ढ़ाचे का प्रमुख तत्व है जैसा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 द्वारा अपनाया गया है।"यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस इस बैठक की सह-मेजबान है।

यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस के महासचिव हेल्गा श्मिड ने बैठक के बाद ट्वीट किया कि सभी भागीदार इस समझौते के बचाव के लिए एकजुट हुए हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी और चीनी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य फू कोंग ने कहा कि सभी प्रतिनिधियों ने इस बैठक में अपना विचार दोहराया है कि चूंकि अमेरिका इस समझौते से हट गया है इसलिए उसे ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने उनके हवाले से लिखा, "इस स्थिति को बनाए रखने की ज़रूरत है"। उन्होंने यह भी उम्मीद है की कि इस समझौते के शेष पक्षों के बीच सभी मतभेदों को जेसीपीओए के ज्वाइंट कमीशन के भीतर हल किया जाएगा।

इन प्रतिनिधियों ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ ईरान के दृष्टिकोण का भी स्वागत किया जिसके अनुसार ईरान ने अपने परमाणु क्षेत्रों के निरीक्षण की अनुमति दी है।

इन भागीदारों ने ईरान के अरक आधुनिकीकरण परियोजना के लिए अपना समर्थन जारी रखने का भी फैसला किया। साल 2015 में जेसीपीओए के हस्ताक्षर के बाद रूस,चीन और ब्रिटेन इस भारी जल अनुसंधान रिएक्टर के आधुनिकीकरण में शामिल हुए हैं। अमेरिका ने मई 2018में जेसीपीओए से हटने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों से इस आधुनिकीकरण के काम को छूट दी थी। हालांकि, इस साल मई में उन छूटों को समाप्त करने की घोषणा की गई थी जिन्होंने इन देशों द्वारा काम रुकने का डर जताया था।

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IRAN
Russia
iran gets support

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