NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हाथरस मामले की सीबीआई जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा: सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष अदालत ने इस मामले में फ़ैसला सुनाते हुये कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय पीड़ित परिवार के सदस्यों और गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने और इसकी सीबीआई जांच की निगरानी सहित सभी पहलुओं पर विचार करेगा।
भाषा
27 Oct 2020
सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और फिर उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो करेगा और इलाहाबाद उच्च न्यायालय इसकी निगरानी करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाते हुये कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय पीड़ित परिवार के सदस्यों और गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने और इसकी सीबीआई जांच की निगरानी सहित सभी पहलुओं पर विचार करेगा।

पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश से बाहर कराने के मुद्दे पर सीबीआई की जांच पूरी होने के बाद ही विचार किया जायेगा।

शीर्ष अदालत ने हाथरस की घटना को लेकर गैर सरकारी संगठन, अधिवक्ताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दायर कई याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। इन याचिकाओं में दावा किया गया था कि उत्तर प्रदेश में इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है क्योंकि जांच को पहले ही कुंद कर दिया गया है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि सीबीआई अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट उच्च न्यायालय में पेश करेगी।

पीठ ने उप्र सरकार के अनुरोध पर विचार किया और उच्च न्यायालय से कहा कि वह लंबित जनहित याचिका में दिये गये अपने आदेशों में से एक से पीड़ित का नाम हटाये।

हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से अगड़ी जाति के चार लड़कों ने कथित रूप से बलात्कार किया था। इस लड़की की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी थी।

पीड़ित की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गयी थी। उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार करने के लिये मजबूर किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना था कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया।

न्यायालय ने 15 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुये कहा था कि इस मामले की निगरानी इलाहाबाद उच्च न्यायालय को करने को दी जाएगी।

हालांकि पीड़ित परिवार के वकील ने अपनी आशंका व्यक्त करते हुये न्यायालय से कहा था कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद ही इसे उप्र से बाहर स्थानांतरित किया जाये।

पीठ ने इस आशंका को दूर करते हुये कहा, ‘‘उच्च न्यायालय को इसे देखने दिया जाये। अगर कोई समस्या होगी तो हम यहां पर हैं ही।’’

सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने भी उप्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे का जिक्र किया था जिसमे पीड़ित के परिवार और गवाहों को प्रदान की गयी सुरक्षा और संरक्षण का विवरण दिया गया था। राज्य सरकार ने न्यायालय के निर्देश पर ऐसा किया था।

इससे पहले ही उत्तर प्रदेश ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी और उसने शीर्ष अदालत की निगरानी में इसकी जांच पर भी सहमति दे दी थी।

मेहता ने न्यायालय को सूचित किया था कि पीड़ित के परिवार ने एक अधिवक्ता की सेवायें ली हैं और उसने उनकी ओर से इस मामले को आगे बढ़ाने के लिये सरकारी वकील उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।

न्यायालय का फ़ैसला हाथरस मामले में इंसाफ की उम्मीद को मजबूत करने वाला: कांग्रेस

कांग्रेस ने हाथरस में दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले की सीबीआई जांच इलाहाबाद उच्च न्यायालय की निगरानी में किए जाने संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि इससे इंसाफ की उम्मीद को मजबूती मिलेगी।

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट किया, ‘‘ हाथरस मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला इंसाफ की उम्मीद को मजबूत करता है। परिवार की पहले दिन से मांग थी कि अदालत की निगरानी में जांच हो।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हाथरस की पीड़िता, उसके परिवार के साथ उप्र सरकार द्वारा जघन्य व्यवहार किया गया। चरित्र हनन किया गया। दुर्भावना व पूर्वाग्रह से निर्णय लिए गए।’’

कांग्रेस प्रवक्ता और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा, ‘‘ हाथरस के मामले पर आए उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करती हूं। अदालत की निगरानी में जांच की मांग परिवार ने की थी और इस लड़ाई में राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी ने उनका साथ दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह ज़रूरी था क्योंकि उत्तर प्रदेश की पुलिस और प्रशासन अन्याय करने पर तुले हुए थे। अगर उत्तर प्रदेश की सरकार प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित नहीं रख सकती तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।’’ गौरतलब है कि न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो करेगा और इलाहाबाद उच्च न्यायालय इसकी निगरानी करेगा।

Hathras
Hathras Rape case
CBI
Allahabad High Court
Supreme Court
UP police

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन
    22 Mar 2022
    दलित शोषण मुक्ति मंच(DSMM) ने पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा माँगा है और कहा राजस्थान सरकार कमजोर तबके की सुरक्षा में विफल रही है। 
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License