NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कासगंज: क्या अल्ताफ़ पर लड़की भगाने का आरोप झूठा था? 
लड़की के पिता पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी को कहीं भेजकर, अल्ताफ़ के ऊपर लड़की भगाने का आरोप मढ़ दिया।
शिवम चतुर्वेदी
15 Nov 2021
ALTAF
अल्ताफ़ (फाइल फोटो)

कासगंज सदर थाने में 9 नवंबर को अल्ताफ़ की मौत हो जाती है। पुलिस बताती है कि अल्ताफ़ ने खुदकुशी कर ली। अल्ताफ़ पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की को अगवा किया था।

लेकिन स्थानीय लोगों से बात करने पर अल्ताफ़ की मौत की वजह कुछ और ही समझ आ रही है।

क्या ये एक प्रेम प्रसंग का मामला था?

स्थानीय लोगों की बात मानी जाए तो अल्ताफ़, विनोद कुमार भारद्वाज के घर टाइल्स और मार्बल लगाने का काम कर रहा था। इसी बीच अल्ताफ़ और विनोद की बेटी में कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गए, जिसके चलते अल्ताफ़ को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। लोगों से बात करने पर मालूम पड़ता है कि अल्ताफ़ और लड़की का संबंध विनोद और उनके परिवार को मंजूर नहीं था। साथ ही लड़की के भाई ने कथित तौर पर अल्ताफ़ को जान से मारने की धमकी भी दी थी। धमकी की बात अल्ताफ़ के पिता भी बताते हैं। इन आरोपों पर विनोद भारद्वाज का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

स्थानीय लोगों ने लड़की के पिता पर लगाया नया आरोप

अल्ताफ़ के पिता का स्पष्ट कहना है कि अल्ताफ़ कभी भी खुदखुशी नहीं कर सकता, वहीं लोगों के द्वारा अल्ताफ़ की मौत एक सोची समझी साजिश बताई जा रही है। आरोप है कि लड़की के पिता विनोद कुमार भारद्वाज ने अपनी बेटी को कहीं भेज कर अल्ताफ़ के ऊपर लड़की को अपने दोस्त के साथ भगाने का आरोप मढ़ दिया। जिसके बाद पुलिस के द्वारा अल्ताफ़ को हिरासत में लिया गया।

लोगों का कहना है कि थाने के अंदर पुलिस के साथ विनोद भारद्वाज और उनके बेटों ने अल्ताफ़ के साथ मारपीट की, जिसकी वजह से अल्ताफ़ की मौत हो गई। पुलिस जब अल्ताफ़ को गिरफ्तार करने पहुंची थी तब अल्ताफ़ अपने घर में खाना खा रहा था। पुलिस के साथ लड़की का भाई भी गया था। जो अल्ताफ़ को अपने पड़ोस के घर में मार्बल का काम करवाने के बहाने बुला लाया और बाहर खड़ी पुलिस ने अल्ताफ़ को दबोच लिया।

अल्ताफ़ की मौत के बाद लड़की के घर पर ही होने के कयास

स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस दिन अल्ताफ़ की मौत हुई थी, उसके 2 दिन बाद लड़की घर पर वापस आ गई थी। आस पड़ोस के लोग विनोद भारद्वाज से अच्छे संबंध ना होने के कारण ज्यादा कुछ बोलने से कतरा रहे थे।

विनोद भारद्वाज के रिश्तेदारों और पड़ोसियों से नहीं हैं अच्छे संबंध

विनोद भारद्वाज की बहन ने बताया कि उनका संबंध विनोद से समाप्त हो चुका है, उनका कहना है कि विनोद का स्वभाव कुशल ना होने की वजह से विनोद के रिश्तेदारों ने दूरी बना ली है।

वहीं दूसरी तरफ विनोद भारद्वाज के पड़ोसियों का कहना है कि हम पंडित के परिवार से कोई मतलब नहीं रखते और वह भी हम लोगों से कोई मतलब नहीं रखते। ऐसे में हमारा ज्यादा कुछ बोलना ठीक नहीं होगा।

विनोद भारद्वाज के घर पर मिला ताला 

लोगों के आरोपों पर विनोद भारद्वाज का पक्ष जानने के लिए जब यह लेखक उनके घर पहुंचा तो घर के दरवाजे पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से, जब से उनकी बेटी के साथ वारदात हुई तब से वह और उनका परिवार घर पर नहीं है, और घर पर ताला लगा हुआ है।

पुलिस का क्या कहना है?

स्थानीय लोगों के द्वारा विनोद कुमार भारद्वाज पर लगाए गए आरोपों को पुलिस ने खारिज कर दिया। थाना कासगंज एसएचओ राजीव सिरोही ने बताया की लड़की को कहीं भेज कर थाने में अल्ताफ़ के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखवाने का मामला बेबुनियाद है।

साथ ही राजीव सिरोही ने लड़की के घर पर होने या लापता होने की बात भी खारिज कर दी है, सिरोही का कहना है कि लड़की मिल चुकी है और वह मेडिकल के लिए अस्पताल में है। सोमवार को लड़की को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे घर भेज दिया जाएगा।

सिरोही ने बताया कि लड़की को अकेले बरामद किया गया, वह किसी के साथ नहीं थी।

साथ ही सिरोही ने कहा कि जिस लड़के के साथ लड़की फरार हुई थी उस लड़के की खोजबीन जारी है।

क्या था पूरा मामला?

आपको मालूम ही है कि उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में पुलिस के द्वारा अल्ताफ़ को एक लड़की को अगवा करने के आरोप में 8 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

अगले दिन 9 नवंबर को थाना कोतवाली कासगंज में अल्ताफ़ के द्वारा कथित तौर पर बाथरूम में जैकेट की डोरी को फंदा बनाकर खुदकुशी करने की बात सामने आई।

पास के गांव लालपुर में रहने वाले विनोद कुमार भारद्वाज ने आरोप लगाया था की ग्राम अतरौली में मस्जिद के पास रहने वाला अल्ताफ़ उनकी 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को किसी दोस्त के साथ दिल्ली भेज दिया है।

पुलिस हिरासत में मौत को लेकर सवाल उठने पर एसपी सिटी ने पांच पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।

आपको मालूम है कि 5 फ़ीट 6 इंच लंबे अल्ताफ़ की 2 फ़ीट 4 इंच ऊंची टौंटी से कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी करने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

ये भी पढ़ें: ग्राउंड रिपोर्ट: अल्ताफ़ मामले पर मां का बयान, कहा शरीर पर चोट के निशान, उसकी हत्या की गई

( लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं। )

UttarPradesh
UP police
Altaf
Kasganj
custodial death
KASGANJ POLICE

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?


बाकी खबरें

  • J&K
    जसविंदर सिद्धू
    'कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं का मक़सद भारत की सामान्य स्थिति की धारणा को धूमिल करना है'—मिलिट्री थिंक-टैंक के निदेशक
    20 Oct 2021
    मौजूदा हालात सीपीओ (केंद्रीय पुलिस संगठन) बलों के लिए और ज़्यादा समस्यायें पैदा करने वाले इसलिए हैं क्योंकि अब सेना को उन इलाक़ों में तैनात नहीं किया जाता है, जिन इलाक़ों में इमारतें हैं या घनी आबादी…
  • पार्थ एस घोष
    कैसे कश्मीर, पाकिस्तान और धर्मनिर्पेक्षता आपस में जुड़े हुए हैं
    20 Oct 2021
    हिंदुत्व को बढ़ावा देना पाकिस्तान की सैन्य-नौकरशाही एजेंसी द्वारा बिछाए गए जाल में फंसने जैसा है। धर्मनिर्पेक्षता को नकारना दक्षिण एशिया के सामाजिक ताने-बाने की बर्बादी का कारण बन सकता है।
  • Bhutan
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत के निर्णयों को प्रभावित करने वाले नैरेटिव और ज़मीनी हक़ीक़त में इतना अंतर क्यों है? 
    20 Oct 2021
    भूटान और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार को थिम्पू में हस्ताक्षरित 'रोडमैप' ने तो भारत के डोकलाम-नैरेटिव में एक बड़ा सुराख कर दिया है, इतना बड़ा कि उस से होकर अब…
  • valmiki
    राज वाल्मीकि
    महर्षि वाल्मीकि जयंती के बहाने स्वच्छकार समाज को धर्मांध बनाए रखने की साज़िश!
    20 Oct 2021
    ये समाज कभी नहीं सोचेगा कि ये आमंत्रित अतिथिगण जिन महर्षि वाल्मीकि जी की इतनी प्रशंसा कर रहे हैं, जिनके पदचिह्नों पर चलने का उपदेश दे रहे हैं, उनकी तस्वीर तक अपने घर में नहीं लगाते हैं। जिस स्वच्छकार…
  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर : कश्मीर हिंसा या सिंघु लिंचिंगः साज़िश ही साज़िश
    19 Oct 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने कश्मीर में बढ़ती हिंसा और सिंघु बॉडर में हुई लिंचिग के पीछे की साज़िश पर कश्मीर के नेता यूसुफ़ तारागामी और अर्थशास्त्री नवशरण कौर से बातचीत की। एक तरफ़ किसान…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License