NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकाः स्टील उद्योग के कर्मचारियों की अनुचित वेतन को लेकर हड़ताल
अलेगनी टेक्नोलॉजी के नौ संयंत्रों में 1,300 से अधिक कर्मचारी वृद्धि को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे 2014 के बाद से नहीं बढ़ाया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
31 Mar 2021
Am

कंपनी के साथ काम को लेकर उचित अनुबंध पर सहमति न बनने के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी स्टील उद्योगों में से एक उद्योग के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अलेगेनी टेक्नॉलोजी इंक (Allegheny Technologies Inc. -ATI) के नौ संयंत्रों में 1300 से अधिक कर्मचारियों ने कंपनी से अंतिम समय में मिलों प्रस्तावों को अस्वीकार करते हुए सोमवार 29 मार्च को हड़ताल की शुरूआत की और मंगलवार 30 मार्च को धरना दिया।

यूनाइटेड स्टीलवर्कर्स (यूएसडब्ल्यू) द्वारा इन कर्मचारियों को इकट्ठा किया गया। यूएसडब्ल्यू इस साल जनवरी महीने से चार वर्षीय कार्य अनुबंध को लेकर एटीआई के साथ चर्चा करता रहा है। विवाद का विषय वेतन वृद्धि की दर है। 2014 के बाद से एटीआई में कर्मचारियों की कोई वृद्धि नहीं हुई है।

TribLive से बात करते हुए एक कर्मचारी और यूनियन के सदस्य डेवे ब्रेस्टेंस्की ने यह कहते इस हड़ताल का बचाव किया कि "जब आपको सात वर्षों में वृद्धि नहीं मिली है तो आपको यह करने का अधिकार है।"

इस हड़ताल को टालने के लिए कंपनी के आखिरी समय के प्रस्ताव ने कर्मचारियों को उनके चार साल के अनुबंध में 3,000 डॉलर के पहले वर्ष के भुगतान के साथ वेतन में कुल 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की पेशकश की। उनकी यह पेशकश यूएसडब्ल्यू द्वारा अनुबंध के अगले तीन वर्षों के लिए 3 प्रतिशत, 3.5 प्रतिशत और 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पहले वर्ष में 5,000 अमेरीकी डॉलर की मांग से काफी कम था।

कंपनी के प्रवक्ता ने इस हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों का भुगतान करने के लिए यह "अधिक पर्याप्त" नहीं था। लेकिन यूनियन ने बड़े बोनस की ओर इशारा किया है जिसे कंपनी के अधिकारियों ने हाल ही में खुद लिया है।

ब्रेस्टेंस्की ने कहा कि कंपनी का दावा है कि "2020 के आखिरी तीन महीनों में पैसा खो दिया है और उनको बहुत बड़ा बोनस दिया। अगर वे पैसे खो रहे हैं, तो यह गलत है।"

कंपनी की योजना है कि वह अपने काम को अस्थायी कर्मचारियों से करवाना जारी रखे जबकि यूनियन ने कंपनी द्वारा काम बंद किए जाने का आरोप लगाया है। यूनियन ने यह भी कहा कि यह तब तक हड़ताल करने के लिए तैयार है जब तक कि सद्भाव में प्रबंधन की समझौते की आवश्यकता है।


बाकी खबरें

  • election
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव के मिथक और उनकी हक़ीक़त
    14 Mar 2022
    क्या ये कल्याणकारी योजनाएं थीं? या हिंदुत्व था? और बीजेपी ने चुनावों पर कितना पैसा ख़र्च किया?
  • Plural Democracy
    सहबा हुसैन
    दबाये जाने की तमाम कोशिशों के बावजूद भारत का बहुलतावादी लोकतंत्र बचा रहेगा: ज़ोया हसन
    14 Mar 2022
    जानी-मानी राजनीतिक वैज्ञानिक ज़ोया हसन का कहना है कि पिछले कुछ सालों से कई समूहों और सार्वजनिक विरोधों से बड़े पैमाने पर जो प्रतिक्रियायें सामने आयी हैं, वे बहुमत के शासन की कमी और हमारे लोकतंत्र को…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में लगातार कम हो रहा कोरोना, पिछले 24 घंटों में 2,503 नए मामले सामने आए
    14 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 36 हज़ार 168 हो गयी है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव : 70 सालों से चल रहे चुनावों में कैसे भाग लिया है जनता ने?
    13 Mar 2022
    हाल ही में 5 राज्यों में #Elections ख़त्म हुए हैं। आखिर कैसे देश में हो रहे हैं चुनाव? क्या है जनता की भागीदारी ? इन्ही सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं नीलांजन और सलिल मिश्रा
  • bjp
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या BJP के अलावा कोई विकल्प नहीं ?
    13 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से पांच राज्यों के चुनाव के बाद की स्थिति के बारे में चर्चा की | क्या BJP के सिवा जनता के पास कोई विकल्प नहीं है? क्या Narendra Modi की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License