NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
महामारी के बीच अमेरिका वैश्विक सैन्य ख़र्च की वृद्धि में आगे
भारत जैसे देशों में रक्षा व्यय में वृद्धि तब भी दर्ज की गई जब इसकी व्यक्तिगत अर्थव्यवस्थाएं महामारी के कारण प्रभावित हुई और वैश्विक जीडीपी पिछले वर्ष 4.4% से अधिक कम हो गई।
पीपल्स डिस्पैच
27 Apr 2021
महामारी के बीच अमेरिका वैश्विक सैन्य ख़र्च की वृद्धि में आगे

COVID-19 महामारी के चलते पिछले साल दुनिया भर के देशों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में कमी के उजागर होने और वैश्विक सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) में 4.4% से अधिक के संकुचन के बावजूद 2020 में वैश्विक सैन्य खर्च 1,981 बिलियन अमरीकी डॉलर तक बढ़ गया। स्वीडन स्थित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) द्वारा सोमवार 26 अप्रैल को प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका अपने रक्षा व्यय में 4.4% से अधिक वृद्धि के साथ सबसे बड़ा योगदानकर्ता था।

साल 2019 की तुलना में वैश्विक सैन्य खर्च में 2020 में 2.6% की वृद्धि हुई जो कुल 2 ट्रिलियन यूएसडी तक पहुंच गया। 2020 में अमेरिकी सैन्य बजट लगभग 778 बिलियन अमरीकी डॉलर था जो कुल वैश्विक सैन्य खर्च का लगभग 39% है। कुल मिलिट्री बजट 252 बिलियन डॉलर के साथ 2019 की तुलना में चीन का रक्षा खर्च 1.9% बढ़ा है।

खर्च में वृद्धि नाटो और यूरोपीय संघ के सभी सदस्यों के बीच दर्ज की गई थी। कुल मिलाकर यूरोप ने 2019 की तुलना में अपने रक्षा व्यय में 4% से अधिक की वृद्धि दर्ज की। एक क्षेत्र के रूप में दक्षिण अमेरिका और मध्य पूर्व में गिरावट दर्ज की गई जबकि बाकी क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की गई।

एसआईपीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में पांच सबसे बड़े खर्च करने वालों में अमेरिका, चीन, भारत, रूस और यूके थे। इन देशों का कुल मिलाकर वैश्विक सैन्य खर्च का 62% हिस्सा था। वैश्विक अर्थव्यवस्था में संकुचन के कारण अधिकांश देशों की जीडीपी में रक्षा व्यय का हिस्सा बढ़ गया। 2019 में औसतन यह वैश्विक जीडीपी के 2.2% से बढ़कर 2020 में 2.4% हो गया जो 2009 के बाद सबसे अधिक वृद्धि है।

पिछले वर्ष सैन्य व्यय में वृद्धि इस तथ्य के कारण बहुत ही कम है, क्योंकि चिली, रूस, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे कई देशों ने अपने रक्षा बजट का थोड़ा हिस्सा COVID-19 के राहत के लिए निकाला। भारत जैसे देश ने पिछले साल अपने रक्षा खर्च को बढ़ाने का फैसाल किया लेकिन अब महामारी की दूसरी लहर के कारण संघर्ष कर रहा है। अमेरिका (778 बिलियन यूएसडी) और चीन (252 बिलियन यूएसडी) के बाद सेना पर खर्च करने वाला भारत (यूएसडी 72.9 बिलियन) अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है।

COVID-19
America
Global military

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • Western media
    नतालिया मार्क्वेस
    यूक्रेन को लेकर पश्चिमी मीडिया के कवरेज में दिखते नस्लवाद, पाखंड और झूठ के रंग
    05 Mar 2022
    क्या दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध का ढोल पीटकर अंग्रेज़ी भाषा के समाचार घराने बड़े पैमाने पर युद्ध-विरोधी जनमत को बदल सकते हैं ?
  •  Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: चुनावी एजेंडे से क्यों गायब हैं मिर्ज़ापुर के पारंपरिक बांस उत्पाद निर्माता
    05 Mar 2022
    बेनवंशी धाकर समुदाय सभी विकास सूचकांकों में सबसे नीचे आते हैं, यहाँ तक कि अनुसूचित जातियों के बीच में भी वे सबसे पिछड़े और उपेक्षित हैं।
  • Ukraine return
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे ठाले:  मौत के मुंह से निकल तो गए लेकिन 'मोदी भगवान' की जय ना बोलकर एंटिनेशनल काम कर गए
    05 Mar 2022
    खैर! मोदी जी ने अपनी जय नहीं बोलने वालों को भी माफ कर दिया, यह मोदी जी का बड़प्पन है। पर मोदी जी का दिल बड़ा होने का मतलब यह थोड़े ही है कि इन बच्चों का छोटा दिल दिखाना ठीक हो जाएगा। वैसे भी बच्चे-…
  • Banaras
    विजय विनीत
    बनारस का रण: मोदी का ग्रैंड मेगा शो बनाम अखिलेश की विजय यात्रा, भीड़ के मामले में किसने मारी बाज़ी?
    05 Mar 2022
    काशी की आबो-हवा में दंगल की रंगत है, जो बनारसियों को खूब भाता है। यहां जब कभी मेला-ठेला और रेला लगता है तो यह शहर डौल बांधने लगाता है। चार मार्च को कुछ ऐसा ही मिज़ाज दिखा बनारस का। यह समझ पाना…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 6 हज़ार नए मामले, 289 मरीज़ों की मौत
    05 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 5,921 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 29 लाख 57 हज़ार 477 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License