NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने सीरिया पर नए प्रतिबंध लगाए
सीरियाई सरकार ने इन प्रतिबंधों को अमेरिका के "क्रूर व्यवहार" का उदाहरण बताया है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jun 2020
सीरियाई

अमेरिकी प्रशासन ने बुधवार 17 जून को सीरिया के ख़िलाफ़ नए राजनीतिक और आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की। ये प्रतिबंध सीज़र सीरिया सिविलियन प्रोटेक्शन एक्ट पर आधारित है जिसे दिसंबर 2019 में मंज़ूरी दी गई थी और वर्ष 2020 तक इसके राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम का हिस्सा बना।

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट द्वारा 17 जून को जारी किए गए एग्जक्यूटिव ऑर्डर 13894 में "अन्य कार्यवाहियों के साथ मेनू-आधारित प्रतिबंध शामिल हैं। इन प्रतिबंधों में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यात्रा प्रतिबंधों और संयुक्त राज्य अमेरिका की वित्तीय प्रणाली से पृथक्करण उन विदेशी व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए जो सीरिया में संघर्ष विराम या राजनीतिक समाधान में बाधा, रोकथाम या व्यवधान में संलग्न हैं या वित्त करते हैं।"

सीरिया पहले से ही अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए कई प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। हालिया प्रतिबंधों को सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ ने "आर्थिक और राजनीतिक दबाव का एक सतत अभियान की शुरुआत कहा जाएगा" के रूप में क़रार दिया, जो देश में आर्थिक स्थिति को और ख़राब कर सकता है। सीरियाई अर्थव्यवस्था लगभग एक दशक लंबे समय से जारी युद्ध के कारण चरमराई हुई है। इसने बाहरी दुनिया के साथ सीरिया के व्यापार पर लगभग पूरी तरह से रोक लगा दी है। अमेरिका द्वारा किए गए दावों के बावजूद इन प्रतिबंधों का आम लोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है फिर भी लोगों में बेरोज़गारी और ग़रीबी बढ़ी है।

सिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पेडर्सन ने मंगलवार 16 जून को कहा कि सीरिया के आर्थिक पतन के लिए अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंध ज़िम्मेदार हैं।

मंगलवार 16 जून को प्रतिबंधों के मद्देनज़र सीरिया ने अपनी मुद्रा सीरियाई पाउंड का 44% तक अवमू्ल्यन कर दिया। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी करके इन प्रतिबंधों को अमेरिका के क्रूर व्यवहार का एक उदाहरण बताया और इसे सभी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और मानदंडों का उल्लंघन क़रार दिया। सीरियन अरब न्यूज़ एजेंसी ने इस सूचना को प्रकाशित किया। इस महीने की शुरुआत में इसने सीरिया पर अमेरिकी प्रतिबंधों को "आर्थिक आतंकवाद" कहा था जिसमें दावा किया गया था कि तथाकथित सीज़र अधिनियम झूठ और पाखंड पर आधारित है।

सीज़र अधिनियम सीरिया और इसके सहयोगी रूस और ईरान की सरकार से तुर्की और अमेरिका द्वारा समर्थित सशस्त्र मिलिशिया और विद्रोही बलों द्वारा क़ब्ज़ा किए गए क्षेत्रों को फिर से लेने के लिए किए गए देश के अंदर अपने सैन्य अभियानों को रोकने की मांग करता है। सीरियाई सरकार ने यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया है कि वह देश के वर्चुअल विभाजन की अनुमति नहीं दे सकती है।

America
Syria
Syria Civilian Protection Act
USA
Turkey

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License