NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ एकतरफ़ा हथियार प्रतिबंधों को लागू करने को तैयार
यूएनएससी ने ईरान के ख़िलाफ़ हथियार प्रतिबंध सहित सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की अमेरिकी मांग को ठुकरा दिया। इन प्रतिबंधों को साल 2015 में परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हटा लिया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
18 Sep 2020
अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ एकतरफ़ा हथियार प्रतिबंधों को लागू करने को तैयार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को फिर लगाने में विफल होने के बाद ट्रम्प प्रशासन ईरान के ख़िलाफ़ दूसरा एकतरफा कार्रवाई करने को तैयार है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने गुरुवार 17 सितंबर को रिपोर्ट किया कि कुछ ही दिनों में यह कार्यकारी आदेश जारी करने को विचार कर रहा है जो ईरान से हथियार खरीदने या बेचने वाले देशों या कंपनियों के ख़िलाफ़ दूसरे प्रतिबंधों का जोखिम पैदा करेगा।

वेनेजुएला और ईरान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि इलियट अब्राहम ने बुधवार को कहा था कि अमेरिकी सरकार सप्ताह के आखिर में और अगले सप्ताह ईरान के साथ हथियारों के व्यापार में शामिल कंपनियों पर दूसरे प्रतिबंध लगाने की घोषणा करेगी।

अक्टूबर में ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के सशस्त्र प्रतिबंधों की समाप्ति के मद्देनज़र अमेरिका का ये निर्णय है। ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिशों के आरोपों को लेकर ईरान के ख़िलाफ़ साल 2007 में यूएनएससी प्रस्ताव 1747 और अन्य प्रस्ताव पारित किया गया था।। साल 2015 में अमेरिका और अन्य देशों के साथ ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) या ईरान परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद यूएनएससी ने प्रस्ताव 2231 को पारित किया जिसके अनुसार हथियार पर पाबंदी अक्टूबर में समाप्त हो जाएगी।

अमेरिका ने कहा कि ईरान ने जेसीपीओए के प्रावधानों और प्रस्ताव 2231 का उल्लंघन किया है ऐसे में यूएस ने हथियारों पर पाबंदी सहित संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने का प्रयास किया है। हालांकि, अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं और यूएनएससी ने पिछले महीने अमेरिकी दावों को ख़ारिज कर दिया है।

हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि 20 अगस्त को यूएनएससी को दिए गए एक महीने के नोटिस की अवधि समाप्त होने पर सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध जिनमें ईरान के ख़िलाफ़ हथियार पर प्रतिबंध शामिल हैं जिसे साल 2016 से पहले लगाया गया था वह स्वतः ही लागू हो जाएगा।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने पोम्पिओ द्वारा किए गए दावे का खंडन किया। उन्होंने एक ट्विटर में कहा कि, उक्त तारीख़ को कुछ भी नया नहीं होने वाला है क्योंकि अमेरिका जेसीपीओए का "भागीदार नहीं है"।

ईरान परमाणु समझौते के अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं चीन, रूस, जर्मनी, यूके और फ्रांस के अनुसार, चूंकि मई 2018 में अमेरिका एकतरफा तरीक़े से इस समझौते से निकल गया है ऐसे में इसका कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों को फिर से लगाने के लिए अमेरिका के आह्वान का समर्थन करने से इनकार कर दिया है और इस महीने की शुरुआत में एक कोऑर्डिनेटिंग बैठक में जेसीपीओए के प्रावधानों का पालन जारी रखने का वचन दिया है।

IRAN
America
unsc
UN Security Council
Venezuela

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License