NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यमन में हाउथिस को आतंकवादी संगठन घोषित करेगा अमेरिका
हाउथिस के रुप में जाना जाने वाला अंसार अल्लाह साल 2014 से राजधानी साना सहित यमन के अधिकांश क्षेत्रों पर नियंत्रण किए हुए है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Jan 2021
यमन में हाउथिस को आतंकवादी संगठन घोषित करेगा अमेरिका

एक फैसला जो यमन संकट को और अधिक जटिल कर सकता है वह ये है कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने सोमवार 11 जनवरी को घोषणा की कि अमेरिका हाउथिस को "आतंकवादी संगठन" घोषित करेगा। इस घोषणा लाखों यमनियों को नुकसान पहुंचाते हुए यहां अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के लिए मुश्किल पैदा होगी और इसमें देश में युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी भी राजनीतिक वार्ता को रद्द करने की क्षमता है।

हाउथिस या अंसार अल्लाह उत्तरी यमन में स्थित एक समूह है। साल 2014 में व्यापक भ्रष्टाचार और इसकी सऊदी अरब के प्रति अधिक झुकाव का दावा करते हुए हाउथिस ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया और अब्दराबबु मसुर हादी के नेतृत्व वाली सरकार को अदन और बाद में सऊदी अरब भागने के लिए मजबूर किया। तब से यह देश के अधिकांश क्षेत्रों और लोगों को नियंत्रित कर रहा है।

अमेरिका और सऊदी अरब इस बात को कहता रहा है कि अंसार अल्लाह इस क्षेत्र में ईरान का प्रॉक्सी हैं। उधर ईरान ने ऐसे किसी भी लिंक से इनकार किया है।

सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 से हाउथिस के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है और अरब दुनिया के इस सबसे गरीब देश में खाद्य और चिकित्सा की कमी पैदा करते हुए बड़े पैमाने पर जमीनी और समुद्री नाकेबंदी कर रखी है। इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए और लाखों लोगों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण भूखे रहने और मरने के लिए मजबूर होना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस युद्ध ने यमन में "सदी का सबसे बदतर मानवीय संकट" पैदा कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि यमन के लगभग 80% लोग यानी लगभग 30 मिलियन लोग सहायता के रुप में मिलने वाले खाद्य पदार्थ पर निर्भर हैं।

पोम्पियो ने स्वीकार किया कि इस फैसले से देश में मानवीय दशा प्रभावित होगी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से "इस क्षेत्र में ईरानी सरकार की आगे की घातक गतिविधि का पता लगाना है।"

पोम्पियो के कार्यालय द्वारा तीन शीर्ष हाउथिस अधिकारियों अब्दुल मलिक अल-हाउथी, अब्द अल-खलीक बदर अल-दीन अल-हाउथी और अब्दुल्ला याह्या अल-हकीम को भी विशेष रूप से वैश्विक आतंकवादी के रूप में घोषित किया गया।

एक आतंकवादी संगठन के रूप में हाउथिस को घोषित करने के इस फैसले की कई तरह से आलोचना की गई है। कुछ लोगों ने इसे आने वाले जो बाउडेन प्रशासन के लिए इस मामलों को जटिल करने के लिए लिया गया एक फैसला करार दिया है जबकि बाइडेन प्रसाशन यमन में युद्ध में अमेरिकी भागीदारी को समाप्त करने का संकल्प लिया है।

yemen
America
Terrorism
Saudi Arab
Michael Richard Pompeo

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!


बाकी खबरें

  • Modi in Varanasi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : पीएम मोदी की 1 लाख करोड़ की घोषणा कितनी प्रभावी?
    24 Dec 2021
    इसमें से क़रीब 70,000 करोड़ रुपये एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डों के लिए हैं।
  • otting massacre
    सुकुमार मुरलीधरन
    नागालैंड ओटिंग नरसंहार और लोकतंत्र में अपवाद की स्थिति
    24 Dec 2021
    सुकुमार मुरलीधरन लिखते हैं कि नागालैंड में हुई यह हालिया त्रासदी अंदरूनी संघर्ष की स्थितियों में ज़्यादा से ज़्यादा ताक़त के इस्तेमाल को लेकर सज़ा से छूट दिये जाने के ख़तरों और विरोधाभास को सामने…
  • parliament
    रवि शंकर दुबे
    टाइमलाइन : संसद के शीतकालीन सत्र में क्या कुछ हुआ, विपक्षी सांसदों को क्यों रहना पड़ा संसद से बाहर?
    23 Dec 2021
    संसद के दोनों सदनों का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर को ख़त्म हो गया। इस सत्र में भी विपक्ष का विरोध और सरकार की नज़रअंदाज़ी जारी रही।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    अयोध्या ज़मीन घोटाला, 'धर्म संसद' में नफ़रत का खेल और अन्य ख़बरें
    23 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी अयोध्या का ज़मीन मामला, हरिद्वार के धर्म संसद में फैली नफ़रत और अन्य ख़बरों पर।
  • Afghanistan
    न्यूज़क्लिक टीम
    2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत
    23 Dec 2021
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अमेरिकी sanctions की वजह से भुखमरी के भीषण संकट को झेल रहे अफ़गानिस्तान पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बातचीत की। साथ ही चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License