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राजनीति
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अमेरिकी प्रतिबंध सीरियाई लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है: यूएन
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा कि एकतरफा अमेरिकी प्रतिबंध एक दशक लंबे चले युद्ध से नष्ट हुए और देश के नागरिक व स्वास्थ्य सुविधाओं के पुनर्निर्माण में बाधा डालते हैं तथा महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सहायता को भी रोकते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
30 Dec 2020
अमेरिकी प्रतिबंध

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ एलेना दुहान ने मंगलवार 29 दिसंबर को एक बयान में कहा कि सीरिया पर अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध युद्ध ग्रस्त देश के नागरिकों के आधारभूत सुविधाओं में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं और आम सीरियाई लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आम सीरियाई लोगों के मानवाधिकारों पर इसके नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए अपने एकतरफा प्रतिबंधों को हटाने के लिए अमेरिका से आह्वान किया।

मानवाधिकार पर एकपक्षीय प्रतिरोधी नियमों के नकारात्मक प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत दुहान ने कहा, " ये प्रतिबंध सीरियाई लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है, जिनके देश को लगभग 10 वर्षों से चल रहे संघर्ष ने नष्ट कर दिया गया है।"

सीरिया सरकार की COVID-19 महामारी के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय करने की क्षमता पर अमेरिकी प्रतिबंधों के नकारात्मक प्रभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा उठाए गए चिंताओं के बावजूद अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में कई नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसने अन्य प्रतिबंधों के साथ देश के सेंट्रल बैंक को बाहर से मिलने वाली सहायता पर रोक लगा रखा है। पिछले हफ्ते इसने ब्रिटेन में रह रहीं असद की पत्नी और इनके परिवार के सदस्यों पर नए प्रतिबंध लगाए थे।

दुहान ने कहा कि जून 2020 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित तथाकथित सीज़र सीरियन प्रोटेक्शन एक्ट के तहत लगाए गए नए प्रतिबंधों ने COVID-19 महामारी के समय देश में "मानवीय संकट को और भी बदतर" बना दिया है। इस एक्ट के तहत ये प्रतिबंध सीरियाई लोगों के "आवास, स्वास्थ्य के अधिकार और जीवन और विकास के पर्याप्त मानक" पर नियंत्रण करता है। उन्होंने कहा, "अमेरिकी सरकार को अस्पतालों के पुनर्निर्माण के रास्ते में बाधाएं बिल्कुल नहीं डालनी चाहिए क्योंकि हेल्थकेयर की कमी से पूरी जनता के जीवन पर गंभीर खतरा है।"

साल 2011 में शुरू हुए युद्ध से सीरिया उस समय तबाह हो गया जब बाहरी समर्थन वाले कुछ विरोधियों ने बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश की। लगभग एक दशक के बाद बशर अल-असद सरकार विद्रोहियों को हराने में सक्षम हो गई है और अब अधिकांश क्षेत्र को नियंत्रित करती है। हालांकि, इस युद्ध के चलते लगभग 400,000 लोगों की मौत हो गई और लाखों सीरियाई लोग विस्थापित हो गए। सरकार शेष क्षेत्रों पर अपने नियंत्रण को मजबूत करने और देश के पुनर्निर्माण के लिए प्रयास कर रही है। हालांकि, अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने इस प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए कई एकतरफा प्रतिबंध लगाए हैं।

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