NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आलोचनाओं के बीच वाट्सऐप ने नई नीति का क्रियान्वयन तीन महीने के लिए टाला
दरअसल नई नीति के चलते इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले लाखों लोग सिग्नल और टेलीग्राम जैसे प्रतिद्वंद्वी मंचों पर स्थानांतरित हो गए थे जिसके चलते वाट्सऐप को बड़ा झटका लगा था।
भाषा
16 Jan 2021
वाट्सऐप

ह्यूस्टन: वाट्सऐप ने विवादित नई प्राइवेसी पॉलिसी (निजता नीति) के क्रियान्वयन को तीन महीने के लिए टालने की घोषणा की है। दरअसल नई नीति के चलते इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले लाखों लोग सिग्नल और टेलीग्राम जैसे प्रतिद्वंद्वी मंचों पर स्थानांतरित हो गए थे जिसके चलते वाट्सऐप को बड़ा झटका लगा था।

फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने बताया कि नीति संबंधी यह बदलाव वैसे आठ फरवरी को प्रभाव में आना था।

वाट्सऐप की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया कि निजी संवाद और प्रोफाइल से जुड़ी अन्य सूचनाओं को लेकर फेसबुक के साथ डेटा साझेदारी प्रभावित नहीं होगी और यह केवल व्यावसायिक चैट से संबंधित है जैसे कि यदि कोई उपयोककर्ता वाट्सऐप के जरिए किसी कंपनी के कस्टमर सर्विस प्लेटफॉर्म पर बात करता है।

वाट्सऐप ने कंपनी के ब्लॉग में कहा, ‘‘हमें कई लोगों से पता चला कि हमारे हाल के अपडेट को लेकर लोगों के बीच बहुत सारी भ्रांतियां हैं। गलत जानकारियां चिंता पैदा कर रही हैं और हम चाहते हैं कि हर कोई हमारे सिद्धांतों एवं तथ्यों को समझे।’’

इसमें आगे कहा गया, ‘‘वाट्सऐप का आधार एक सरल विचार है: आप अपने दोस्तों या परिवारों के साथ जो कुछ भी साझा करते हैं वह आपके बीच ही रहेगा। इसका अर्थ यह है कि हम ‘ऐंड टू ऐंड एनक्रिप्शन’ के जरिए आपके निजी संवाद की हमेशा रक्षा करेंगे। इसलिए न तो वाट्सऐप और न ही फेसबुक इन निजी संदेशों को देख सकते हैं। यही वजह है कि किसे कौन कॉल कर रहा है या संदेश भेज रहा है हम इसका ब्यौरा नहीं रखते हैं। हम आपके द्वारा साझे की जाने वाली लोकेशन को भी नहीं देख सकते हैं और हम आपके कांटैक्ट फेसबुक के साथ साझा नहीं करते हैं।’’

कंपनी ने कहा, ‘‘आठ फरवरी को किसी का भी अकाउंट डिलीट या निलंबित नहीं होगा। हम नीति की समीक्षा करने की खातिर लोगों के पास जाएंगे। 15 मई को नए व्यावसायिक विकल्प उपलब्ध होंगे।’’

कंपनी ने शुक्रवार को एक अलग ब्लॉग पोस्ट में भ्रम की स्थिति को दूर करने के प्रयास किए तथा एक चार्ट भी साझा किया जिसमें स्पष्ट किया गया है कि व्हाटसऐप इस्तेमाल करने पर कौन सी सूचना सुरक्षित है।

इसे भी पढ़ें :क्या वाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी से आपको डरने की ज़रूरत है?

WhatsApp
Whatsapp privacy policy 2021
Whatsapp Privacy
Mark Zuckerberg

Related Stories

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

भारत में प्राइवेसी लॉ नहीं होने का फ़ायदा उठा रहा है WhatsApp

फेसबुक ने घंटो तक बाधित रखा मोदी के इस्तीफे संबंधी हैशटैग, बाद में कहा गलती से हुआ बाधित

फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में भले अपनी दुकान बंद कर ली मगर दुनिया के सामने बहुत गहरे सवाल खोल दिए!

यदि आप नई नीति स्वीकार नहीं करना चाहते, तो वाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करें: अदालत


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार के 24 नए एमएलसी में 15 दाग़ी : एडीआर रिपोर्ट
    15 Apr 2022
    नए एमएलसी में 63 फ़ीसदी पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं अर्थात 15 एमएलसी दाग़ी हैं जबकि सभी करोड़पति हैं।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : वाकई, ये संयोग नहीं प्रयोग चल रहा है!
    15 Apr 2022
    मध्यप्रदेश के खरगोन में हुई हिंसा अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को भी प्रयोग लगने लगी है। हालांकि ये प्रयोग किसकी ओर से किया गया ये बताने में मंत्री जी ज़रा हिचकिचा गए।
  • रबींद्र नाथ सिन्हा
    बढ़ती हिंसा और सीबीआई के हस्तक्षेप के चलते मुश्किल में ममता और तृणमूल कांग्रेस
    15 Apr 2022
    बढ़ती राजनीतिक हिंसा और इसमें ममता की पार्टी कई सदस्यों के शामिल होने के चलते, कोलकाता हाईकोर्ट ज़्यादा से ज़्यादा मामलों को सीबीआई को भेज रहा है।
  • डॉ. माधव गडबोले
    लोकतंत्र की ताक़त इसकी संस्थाओं में निहित है
    15 Apr 2022
    यह आवश्यक है कि संविधान में ‘सुशासन’ को एक मौलिक अधिकार के रूप में स्वीकार करने के लिए जनमत का दबाव बनाया जाए।
  • वर्षा सिंह
    व्यासी परियोजना की झील में डूबा जनजातीय गांव लोहारी, रिफ्यूज़ी बन गए सैकड़ों लोग
    15 Apr 2022
    “हमारी ऐसी फोटो खींचना जो सीधे मोदी जी तक पहुंचे। हमारी ऐसी फोटो खींचना जिससे दुनिया को पता चले कि हमारे साथ क्या-क्या अन्याय हुआ। ...अपनी यात्रा में गंगोत्री-जमुनोत्री-केदारनाथ में उन्होंने कई करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License