NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
समाज
भारत
शर्म: अमृतसर में पूजा की आड़ में दो महिलाओं को बंधक बनाकर महंतों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
पुलिस के अनुसार आश्रम में छापा मार कर दोनों महिलाओं को बरामद कर लिया गया है। साथ ही आरोपी महंतों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 379, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस आश्रम में होता क्या था।
सोनिया यादव
20 May 2020
Photo Courtesy : The Lallantop
Photo Courtesy : The Lallantop

हमारे देश में आज भी महिलाओं की एक बड़ी आबादी का शोषण कथित संत-समाज और स्वयंभू धर्मगुरुओं द्वारा किया जाता है। ताजा मामला अमृतसर के एक मंदिर से सामने आया है। जहां दो महिलाओं को मंदिर के ही आश्रम परिसर में बंधक बनाकर महंतों द्वारा उनका बार-बार बलात्कार किया गया। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तो वहीं दो फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिलाएं रविवार, 17 मई को अमृतसर के रामतीर्थ मंदिर में माथा टेकने आईं थीं। इस दौरान वह मंदिर परिसर में स्थित डेरा ज्ञाननाथ पहुंची, जहां आरोपी पुजारी नछत्तर नाथ, गिरदारी नाथ, वरिंदर नाथ मौजूद थे। ये दोनों महिलाओं को पूजा के नाम पर डेरे के साथ ही लगे अपने कमरे में ले गए। जहां इन सभी लोगों ने मिलकर इस दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और फिर महिलाओं को बंदी बना लिया। इन तीनों पुजारियों के अलावा इस मामले में उनका ड्राइवर सूरज नाथ भी आरोपी है। जो फिलहाल फरार चल रहा है।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार सोमवार, 18 मई की सुबह इस घटना की जानकारी पंजाब स्टेट एससी कमीशन के मेंबर तरसेम सिंह स्यालका को एक पत्र के माध्यम से मिली। जिसपर तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्होंने एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल को इस संबंध में सूचित किया। इसके बाद डीएसपी अमनदीप कौर की अगुवाई में पुलिस टीम मंदिर रामतीर्थ पहुंची और दोनों पीड़ित महिलाओं को वहां से निकाला गया।

इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 379, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस आश्रम में क्या होता था। पुलिस आश्रम के दस्तावेज और आने-जाने वाले लोगों के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

क्या कहना है पुलिस का?

इस संबंध में डीएसपी (अटारी) गुरप्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एससी आयोग, चंडीगढ़ के सदस्य तरसेम सिंह स्यालका ने थाना लोपोके में एक लिखित शिकायत दी थी। इस शिकायत में कहा गया था कि सीमावर्ती थाना लोपोके में ऐतिहासिक राम तीर्थ परिसर में स्थित गुरु ज्ञान नाथ आश्रम वाल्मीकि तीर्थ के मुख्य महंत गिरधारी नाथ और उसके चेलों ने मंदिर में दो महिलाओं को बंधक बनाकर रखा हुआ है। दोनों महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया जा रहा है।

पुलिस ने आश्रम में छापे मार कर दोनों महिलाओं को बरामद कर लिया है। जो दो आरोपी फरार हुए हैं, उनकी गिरफ्तार के लिए छापे मारे जा रहे हैं।

संतान सुख की मन्नत के लिए प्रसिद्ध है रामतीर्थ मंदिर

इस संबंध में स्थानीय पत्रकार दिव्या सिंह ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, “रामतीर्थ को भगवान राम के पुत्र लव-कुश की जन्म स्थली माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यहीं महर्षि वाल्मीकि आश्रम था, इसलिए यहां आने वाले ज्यादतर लोग संतान प्राप्ति की चाह लेकर आते हैं। हमें जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक ये दोनों पीड़ित महिलाएं भी पिछले दो महीने से परिवार सहित औलाद की मन्नत के लिए यहां आ रही थी। इन महंतों की नज़र थी उनपर, जिसके बाद पूजा और आशीर्वाद की आड़ में इस वारदात को अंजाम दिया गया।”

ये पूछे जाने पर कि क्या पहले भी आश्रम से कोई ऐसी घटना की खबर आई है, दिव्या कहती हैं, “हमारे समाज में लोग अभी भी ऐसी बातों को बदनामी के डर से उजागर नहीं करते। कई बार थोड़ी-बहुत छिट-पुट शिकायतें सुनने को मिलती रही हैं, लेकिन कभी इतना बड़ा मामला नहीं बना। हालांकि कई लोग बताते हैं कि यहां लोग औलाद की चाह में अपनी बहुओं और पत्नियों को इन साधु-संतों के आशिर्वाद और प्रसाद के लिए खुद ही छोड़ जाते हैं। जिसके बाद कई भक्तों की तथाकथित गोद भी भर जाती है।”

आश्रमों और मठों में महिलाओं का शोषण

सामाजिक कार्यकर्ता आर्ज़ू अहूजा के अनुसार हमारे समाज में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं। सरकारें महिला सुरक्षा के तमाम वादे करते नहीं थकती लेकिन सच्चाई अगर हम देखें आज भी महिलाएं कहीं सुरक्षित नहीं हैं। सबसे पहले औरतें अपने घरों में ही प्रताड़ना का शिकार होती हैं। आए दिन उन पर अत्याचार का खबरें सामने आती रहती हैं, कभी बेटी को बोझ समझा जाता है, तो कभी बहू दहेज नहीं लाई, कभी बेटा नहीं जन सकी तो कभी बांझ है ये कहकर उसे बार-बार प्रताड़ित किया जाता है।

आर्ज़ू कहती हैं, “ये बाबा, नीम-हकीम-संतों और पादरियों के पास भेजने वाले लोग परिवार के ही सदस्य होते हैं। उन्हें लगता है कि कोई चमत्कार हो जाएगा और सब ठीक हो जाएगा। रही बात सरकार की तो ऐसे आश्रमों और मठों से तो उनकी राजनीतिक रोटियां चलती हैं वो क्यों परवाह करेंगे? इस देश में साधुओं का ढोंगी चोला पहने राक्षसों का कोई कमी नहीं है।”

पितृसत्ता और राजनीति की देन है अंधविश्वास

स्थानीय महिलावादी संगठन से जुड़ी अर्शदीप कौर ऐसी कई महिलाओँ को मुख्यधारा से जोड़ने का काम करती हैं, जिन्हें उनके परिवारों ने अलग-लग कारणों से पहले आश्रमों में अकेला छोड़ दिया और फिर घर से ही निकाल दिया है।

अर्शदीप बताती हैं, “हमारा समाजिक ताना-बाना ही ऐसा है कि हम लोग आस्था और चमत्कार में कुछ ज्यादा ही विश्वास रखते हैं। हमारे सामने कितने फर्जी बाबाओं के उदाहरण हैं, लेकिन फिर भी आपको हैरानी होगी की आज भी किसी सत्संग, किसी आश्रम में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की ही होगी। कई बार परिवार, तो कई बार महिलाएं खुद ही परेशान होकर इनके चंगुल में फंस जाती है। इसका बहुत बड़ा कारण अंधविश्वास और वैज्ञानिक सोच का न होना है, सभी को लगता है यहां चले जाओ तो ये मुसीबत खत्म हो जाएगी, वहां चले जाओ तो वो परेशानी हल हो जाएगी। बस इसी चक्कर में ये फर्जी लोग भोली-भाली औरतों का फायदा उठाते हैं। ये सब पितृसत्ता की ही देन है। कोई कानून, कोई सज़ा इसे रोक नहीं सकती, जब तक हम औरतें खुद इसके खिलाफ न खड़ी हों।”

अर्शदीप आगे जोर देकर कहती हैं कि समाज और सरकार को ऐसे बाबाओं पर नकेल कसनी चाहिए। देश में कई फर्जी बाबाओं के सेक्स स्कैंडल और रैकेट का भांडाफोड़ हुआ है। बावजूद इसके देश में इन बाबाओं की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। डेरा सच्चा सौदा का मुखिया गुरुमीत रामरहीम साध्वियों के यौन शोषण के आरोप में 20 साल की सजा काट रहा है। स्वयंभू भगवान कहे जाने वाला आसाराम, बाबा रामपाल, भीमानंद, जैसे अनेक नाम हमारे सामने हैं। स्वामी नित्यानंद की तो पूरी सेक्स सीडी सामने आ गई। लेकिन हुआ क्या कुछ नहीं, नित्यानंद ने दूसरा देश कैलासा बना लिया। दरअसल हमारी सरकारें कभी चाहती ही नहीं कि ये रुके क्योंकि अगर ये रुक गया तो उनकी राजनिति भी रुक जाएगी।

punjab
Amritsar
rape case
Ram Tirath temple
illegal confinement
Priests accused for Rape
woman safety

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

पंजाब: धार्मिक ग्रंथों का अपमान निंदनीय, लेकिन इसके लिए 'लिंचिंग' कितनी जायज़?

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 4,194 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत
    11 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.10 फ़ीसदी यानी 42 हज़ार 219 हो गयी है।
  • गोवा में फिर से भाजपा सरकार
    राज कुमार
    गोवा में फिर से भाजपा सरकार
    11 Mar 2022
    गोवा में कुल 40 विधानसभा सीटों पर मतदन हुआ था जिसमें से भाजपा ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की है, कांग्रेस ने 11, गोवा फारवर्ड पार्टी एक सीट, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के खाते में 2 सीटें, आम आदमी…
  • maduro
    तान्या वाधवा
    अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान
    11 Mar 2022
    राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की समाजवादी सरकार और विपक्ष के बीच संवाद प्रक्रिया अक्टूबर 2021 से रुकी हुई थी। इस बीच वेनेजुएला और अमेरिका के बीच के राजनयिक रिश्ते जनवरी 2019 से ही निलंबित थे।
  • wheat
    डैरियो सबाघी
    यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर गंभीर गेहूं संकट का सामना करता मध्य पूर्व
    11 Mar 2022
    मध्य पूर्वी और उत्तरी अफ़्रीकी देश रूस और यूक्रेन से किये जाने वाले गेहूं के आयात पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। पहले से ही दबाव में रह रहे इस क्षेत्र में मौजूदा युद्ध से और भी गंभीर खाद्य संकट पैदा हो…
  • jandesh 2022
    भाषा सिंह
    त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल
    10 Mar 2022
    बात बोलेगी—ये चुनाव परिणाम यह संकेत साफ़ दे रहे हैं कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों तक राजनीतिक एजेंडा सेट करने में भाजपा के पास बढ़त है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License