NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सीएए-विरोधी प्रदर्शन: अलीगढ़ जा रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान को रोका गया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जा रहे पूर्व विशेष पुलिस महानिरीक्षक अब्दुर रहमान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और नई दिल्ली लौटने को कहा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Feb 2020
अब्दुर रहमान

अलीगढ़ (उप्र) : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन को संबोधित करने जा रहे पूर्व विशेष पुलिस महानिरीक्षक अब्दुर रहमान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और नयी दिल्ली लौटने को कहा। महाराष्ट्र के आईपीएस अधिकारी रहमान ने सीएए के विरोध में 11 दिसंबर को पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उन्होंने यह कदम सांप्रदायिक और असंवैधानिक नए नागरिकता कानून के प्रति विरोध स्वरूप उठाया है।

रविवार को रहमान को अलीगढ़ के लोढ़ा थाने ले जाया गया। रहमान ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें पुलिस ने एक नोटिस दिया है कि एएमयू में उनकी मौजूदगी से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती हैं। लिहाजा, उन्होंने इसका पालन करने का फैसला किया है। वह प्रशासन की अनुमति लेने के बाद फिर से अलीगढ़ आएंगे। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने बताया कि उन्हें ‘एएमयू स्टूडेंट्स कोआर्डिनेशन कमेटी’ ने नए नागरिकता कानून पर रविवार को संबोधित करने के लिए बुलाया था।

उन्होंने कहा था, ‘यह विधेयक भारत की धार्मिक बहुलतावाद के खिलाफ है। मैं सभी न्यायप्रिय लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे लोकतांत्रिक तरीके से इस विधेयक का विरोध करें। यह संविधान की बुनियादी विशिष्टताओं के खिलाफ है।’ रहमान ने एक बयान जारी कर कहा था, ‘मैं इस विधेयक की आलोचना करता हूं। सविनय अवज्ञा के रूप में मैंने फैसला किया है कि मैं कल से दफ्तर नहीं जाउंगा। मैं इस सेवा को अंतत: छोड़ रहा हूं।’

चार दिनों में पीएफआई के 108 सदस्य उप्र से गिरफ्तार

संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने के आरोप में उप्र पुलिस ने पिछले चार दिनों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 108 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पीएफआई से संबध्द 25 और लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने सोमवार को बताया, ‘पिछले चार दिनों में उप्र में पीएफआई के 108 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।’

उन्होंने बताया, ‘यह अभी एक शुरुआत है, हम इनकी जड़ों तक जाएंगे और इनको कहां से किस जरिये से मदद मिलती थी इसकी जाचं करेंगे। हम केंद्रीय जांच एजेंसियों के संपर्क में भी हैं।’

प्रेस कांफ्रेस में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि पिछले 4 दिनों में पीएफआई के 108 सदस्यों को हिंसा के दौरान उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है, इनमें लखनऊ में 14, बहराइच में 16, सीतापुर में 3, मेरठ में 21, गाजियाबाद में 9, मुजफ्फरनगर में 6, शामली में 7, बिजनौर में 4, वाराणसी में 20, कानपुर में 5, गोंडा, हापुड़ और जौनपुर में एक-एक पीएफआई सदस्य शामिल है।

उनसे जब पूछा गया कि क्या प्रदेश पुलिस पीएफआई को मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर ईडी के संपर्क में है इस पर उन्होंने कहा, 'हम सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और ईडी समेत तमाम एजेंसियों के संपर्क में हैं। हम इस बारे में बाद में सही समय आने पर जानकारी साझा करेंगे।’ अपर मुख्य सचिव गृह अवस्थी ने दावा किया कि उप्र पहला ऐसा राज्य है जिसने पीएफआई के विरुध्द इतनी तेजी से और सख्ती से कदम उठाये है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

CAA
NRC
Protest against CAA
Protest against NRC
IPS Officer Abdur Rahman
Aligarh Muslim university
AMU
Citizenship Amendment Act

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन

समान नागरिकता की मांग पर देवांगना कलिता, नताशा नरवाल को गिरफ्तार किया गया: पिंजरा तोड़

ग़ैर मुस्लिम शरणार्थियों को पांच राज्यों में नागरिकता

नताशा और महावीर नरवाल: इंसाफ़ एक दूर की कौड़ी

नताशा नरवाल को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए मिली ज़मानत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष करती महिलाएं सत्ता को क्या संदेश दे रही हैं?

विरोध-प्रदर्शन और चुनावी रणनीति बिगड़ने के डर से भाजपा ने सीएए को लटकाया?


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License