NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराक़ में सरकार-विरोधी प्रदर्शन हिंसा का शिकार
इराक़ी शिया धर्मगुरु मुक्तादा अल-सदर के अनुयायियों ने नासिरिया में कथित रूप से निहत्थे, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला किया जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की मौत हो गई वहीं कई लोग घायल हो गए।
पीपल्स डिस्पैच
30 Nov 2020
इराक़ में सरकार-विरोधी प्रदर्शन हिंसा का शिकार

इराक़ में विशाल सरकार विरोधी प्रदर्शन रविवार 29 नवंबर को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। पिछले दो दिनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हिंसक हमले और झड़पों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से दक्षिणी इराक में हुआ जिनमें सबसे बड़ा प्रदर्शन राजधानी बगदाद, नासिरिया शहर और दक्षिणी शहर कुट तथा अमारा में हुआ।

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का सामना शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के पहले दिन दक्षिणी शहर नासिरिया में प्रभावशाली इराकी शिया धर्मगुरु मुक्तादा अल-सदर के हजारों अनुयायियों के समूह से हुआ जिसके चलते सात लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए।

इस तीव्र और हिंसक झड़पों में मारे गए सात लोगों में से कम से कम पांच लोगों की मौत कथित तौर पर गोली लगने से हुई और कई तंबू जला दिए गए और नष्ट कर दिए गए। इराकी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने बाद में इस क्षेत्र में आपातकाल घोषित कर दिया और स्थानीय पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने हिंसा की जांच के लिए एक समिति भी बनाई।

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पूरी तरह से दोष अल-सदर के अनुयायियों पर लगाया। ये हिंसा पिछले एक साल में हुई सैकड़ों घटनाओं की पुनरावृत्ति की याद दिलाती है जिसमें सरकारी सुरक्षा सैनिकों और सरकार समर्थक और कट्टरपंथी मिलिशिया और राजनीतिक समूहों द्वारा करीब 600 लोगों को मारे जाने की बात सामने आई है।

इराकी कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को खूनी व हिंसक हमलों से बचाने में विफलता के लिए सरकार को दोषी ठहराते हुए रविवार को एक बयान में अल-सदर के अनुयायियों द्वारा की गई हिंसा की कड़ी निंदा की। इसने सरकार से देश में कानून-व्यवस्था बहाल करने और हिंसा के दोषियों को सज़ा दिलाने के साथ-साथ शांतिपूर्ण, अहिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति देने का भी आह्वान किया।

इराक में सरकार-विरोधी प्रदर्शन अक्टूबर 2019 में शुरू हुआ। इन प्रदर्शनकारियों ने देश में राजनीतिक और प्रशासनिक प्रणाली में पूर्ण बदलाव के साथ-साथ सरकारी भ्रष्टाचार को समाप्त करने, ग़रीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और अविश्वसनीय तथा बदतर सार्वजनिक सेवाओं जैसे मुद्दे से निपटने की मांग की।

Iraq
Protest Against Government
Mustafa Al-Kadhimi
communist party

Related Stories

विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

साल के अंत तक इराक़ छोड़ देंगे सभी अमेरिकी सैनिक

इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की

फ़िलीपींस ने प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक शाखा को "आतंकवादी" घोषित किया

चीन ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह मनाई

सीरिया और इराक़ में अमेरिकी हवाई हमले में एक बच्चे की मौत, तीन अन्य घायल

इराक़ : एक्टिविस्टों की हत्या के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों पर कार्रवाई में प्रदर्शनकारी की मौत, 13 घायल

इराक़ ने अमेरिका से देश से अपने सैनिकों की वापसी में तेज़ी लाने के लिए कहा

बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License