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इराक़ में सरकार-विरोधी प्रदर्शन हिंसा का शिकार
इराक़ी शिया धर्मगुरु मुक्तादा अल-सदर के अनुयायियों ने नासिरिया में कथित रूप से निहत्थे, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला किया जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की मौत हो गई वहीं कई लोग घायल हो गए।
पीपल्स डिस्पैच
30 Nov 2020
इराक़ में सरकार-विरोधी प्रदर्शन हिंसा का शिकार

इराक़ में विशाल सरकार विरोधी प्रदर्शन रविवार 29 नवंबर को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। पिछले दो दिनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हिंसक हमले और झड़पों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से दक्षिणी इराक में हुआ जिनमें सबसे बड़ा प्रदर्शन राजधानी बगदाद, नासिरिया शहर और दक्षिणी शहर कुट तथा अमारा में हुआ।

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का सामना शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के पहले दिन दक्षिणी शहर नासिरिया में प्रभावशाली इराकी शिया धर्मगुरु मुक्तादा अल-सदर के हजारों अनुयायियों के समूह से हुआ जिसके चलते सात लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए।

इस तीव्र और हिंसक झड़पों में मारे गए सात लोगों में से कम से कम पांच लोगों की मौत कथित तौर पर गोली लगने से हुई और कई तंबू जला दिए गए और नष्ट कर दिए गए। इराकी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने बाद में इस क्षेत्र में आपातकाल घोषित कर दिया और स्थानीय पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने हिंसा की जांच के लिए एक समिति भी बनाई।

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पूरी तरह से दोष अल-सदर के अनुयायियों पर लगाया। ये हिंसा पिछले एक साल में हुई सैकड़ों घटनाओं की पुनरावृत्ति की याद दिलाती है जिसमें सरकारी सुरक्षा सैनिकों और सरकार समर्थक और कट्टरपंथी मिलिशिया और राजनीतिक समूहों द्वारा करीब 600 लोगों को मारे जाने की बात सामने आई है।

इराकी कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को खूनी व हिंसक हमलों से बचाने में विफलता के लिए सरकार को दोषी ठहराते हुए रविवार को एक बयान में अल-सदर के अनुयायियों द्वारा की गई हिंसा की कड़ी निंदा की। इसने सरकार से देश में कानून-व्यवस्था बहाल करने और हिंसा के दोषियों को सज़ा दिलाने के साथ-साथ शांतिपूर्ण, अहिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति देने का भी आह्वान किया।

इराक में सरकार-विरोधी प्रदर्शन अक्टूबर 2019 में शुरू हुआ। इन प्रदर्शनकारियों ने देश में राजनीतिक और प्रशासनिक प्रणाली में पूर्ण बदलाव के साथ-साथ सरकारी भ्रष्टाचार को समाप्त करने, ग़रीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और अविश्वसनीय तथा बदतर सार्वजनिक सेवाओं जैसे मुद्दे से निपटने की मांग की।

Iraq
Protest Against Government
Mustafa Al-Kadhimi
communist party

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