NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वेनज़ुएला चुनावों को मान्यता देने के लिए ईयू में साम्राज्यवाद-विरोधी याचिका दायर
इस याचिका पर 30 से अधिक देशों के 3,500 से अधिक हस्तियों ने हस्ताक्षर किया है और यह वेनेज़ुएला में सत्ता परिवर्तन के यूएस के प्रयासों के ख़िलाफ़ एक सप्ताह के वैश्विक अभियान का हिस्सा है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Dec 2020
वेनज़ुएला

यूरोपियन नेटवर्क ऑफ सॉलिडैरिटी के सदस्यों ने यूरोपीय संघ को आगामी वेनेजुएला चुनावों को मान्यता देने का आह्वान करते हुए एक याचिका पेश की। इस याचिका पर प्रमुख वामपंथी हस्तियों और यूरोप तथा लैटिन अमेरिका के नेताओं ने हस्ताक्षर किए। इस पर अब तक 30 से अधिक देशों से 3,500 से अधिक हस्ताक्षर किए गए हैं।

ये हस्ताक्षर अभियान लैटिन अमेरिकी राष्ट्र में शासन परिवर्तन के प्रयासों के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। वेनेजुएला में 6 दिसंबर को संसदीय चुनाव होना निर्धारित है जो जनवरी 2019 में समाजवादी सरकार को उखाड़ फेंकने की घृणित कोशिश के बाद यह पहला राष्ट्रव्यापी चुनाव है।

याचिकाकर्ताओं ने यूरोपीय संघ के नेताओं को कहा है कि यदि वे अंतरराष्ट्रीय शांति निर्माण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता के बारे में गंभीर हैं तो "वेनेजुएला में हिंसा और टकराव के रास्ते" को खारिज करे। इस याचिका में दुनिया भर में शांति और विकासशील लोकतंत्र के लिए अपने घोषित उद्देश्यों के विपरीत होने के लेकर वेनेजुएला में पर्यवेक्षकों को भेजने से यूरोपीय संघ के इनकार की आलोचना की गई।

इस याचिका में यह भी कहा गया है कि यह विरोधाभास "अमेरिकी प्रशासन से स्थायी दबाव का उत्पाद है" जो एक शासन परिवर्तन का गंभीर प्रयास है जो या तो लोकतंत्र या चुनावी प्रक्रिया का सम्मान नहीं करता है। इस याचिका में कहा गया है कि वाशिंगटन के क्रूर व्यक्तियों की नीति के साथ यह गठबंधन स्वतंत्र विदेश नीति के त्याग का एक गंभीर संकेत है जिसे कई भाषणों में इस उद्देश्य को जाहिर किया गया है।”

इस याचिका पर हस्ताक्षर करने वालों में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अडोल्फो पेरेज़ एस्क्विवेल, इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया, पूर्व वामपंथी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जीन-ल्यूस मेलेनचॉन, ब्राजील की वर्कर्स पार्टी के प्रमुख ग्लेसी हॉफमैन, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अल्फ्रेड डी ज़यास और ब्रिटिश संगीतकार रॉजर वाटर्स तथा कई अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।

यूरोपीय नेटवर्क ऑफ सॉलिडैरिटी विथ वेनेजुएला के प्रतिनिधियों द्वारा ये याचिका यूरोपीय आयोग में दी गई। इसके बड़े पैमाने पर समर्थन की वजह से वेनेजुएला की सरकार ने इस प्रयास की सराहना की। वेनेजुएला के विदेश मंत्री जॉर्ज अर्रेजा द्वारा पोस्ट किए गए एक ट्वीट में एक्टिविस्टों और हस्ताक्षरकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, "इतनी बड़ी संख्या में एकजुटता दिखाने के लिए दुनिया भर के साथियों को धन्यवाद"।

ये याचिका यूरोपीय नेटवर्क ऑफ सॉलिडैरिटी विथ वेनेज़ुएला द्वारा वेनेजुएला के साथ साम्राज्यवाद विरोधी सप्ताह के एक भाग के रूप में पेश किया गया है जो 1 दिसंबर से शुरू होता है और 8 दिसंबर को समाप्त होता है। इस अभियान ने दुनिया भर की सरकारों से वेनेजुएला को अस्थिर करने के अमेरिकी प्रयासों को अस्वीकार करने और स्वघोषित अंतरिम राष्ट्रपति जुआन गायदो की मान्यता रद्द करने के लिए बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया आधारित एकजुटता-निर्माण गतिविधियों की योजना बनाई है।

Venezuela
venezuela elections
anti imperialists file petition in EU

Related Stories

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया

अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

पेरू और सेंट लूसिया ने वेनेज़ुएला-विरोधी लीमा समूह से हटने की घोषणा की

वेनेज़ुएला में विश्व के नेता साम्राज्यवाद-विरोधी, नवउदारवाद-विरोधी संघर्षों के लिए एकजुट

ALBA-TCP ने कोविड-19 टीकों की ख़रीद में वेनेज़ुएला की वित्तीय रोक की निंदा की

अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की

ब्राज़ील में ‘गुलाबी लहर’ की वापसी 

वेनेजुएला, क्यूबा और निकारागुआ के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग लैटिन अमेरिका में बढ़ी


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License