NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका में नस्लभेद-विरोधी प्रदर्शन तेज़
मिनियापोलिस पुलिस की थर्ड प्रेसिंक्ट पर स्थित इमारत को कल प्रदर्शनकारियों द्वारा जला दिया गया। इसे दो दिनों से प्रदर्शनकारियों ने घेर रखा था।
पीपल्स डिस्पैच
29 May 2020
नस्लभेद-विरोधी

संयुक्त राज्य अमेरिका में मिनियापोलिस शहर में दो दिनों के विरोध के बाद प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार 28 मई को शहर के एक पुलिस कार्यालय पर हमला कर दिया। मिनियापोलिस पुलिस के कार्यालय के थर्ड प्रेसिंक्ट पर बनी इमारत को नाराज़ शहरवासियों ने जला दिया। ये लोग हाल ही में हुई एक अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का विरोध कर रहे हैं।

25 मई को जब से 46 वर्षीय फ्लॉयड का लाइव वीडियो वायरल हुआ तब से पुलिस की नस्लवादी और हत्याओं के ख़िलाफ़ मिनियापोलिस और अमेरिका भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कार्यालय के जिस अहाते में आग लगाई गई वह वही है जिसमें फ्लॉयड की हत्या के आरोपी चार पुलिस अधिकारी सेवारत थे।

हालांकि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने तुरंत चार अधिकारियों को निकाल दिया और संघीय जांच ब्यूरो के साथ जांच शुरू की लेकिन आरोपियों पर अभी तक मुकदमा नहीं किया गया है। फ्लॉयड का परिवार और प्रदर्शनकारी हत्या में शामिल अधिकारियों पर तुरंत मुकदमा करने की मांग कर रहे हैं।

27 मई तक सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने इस मांग को उठाते हुए तीसरे अहाते के भवन की घेराबंदी कर दी थी और पुलिस अधिकारियों को उन्हें खुद ही अंदर जाने के लिए मजबूर कर दिया था। शहर के मेयर, राज्य के गवर्नर और मिनेसोटा राज्य के अन्य प्रमुख नेताओं के समर्थन के बावजूद मिनियापोलिस में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक पुलिस कार्रवाई की गई।

रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ आंसू गैस, डंडों और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करने का पुलिस पर आरोप है। 28 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में एक प्रदर्शनकारियों मृत पाए गए जिनके शरीर पर बंदूक की गोली के निशान थे। इस बीच अमेरिका के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन पर भी पुलिस की कार्रवाई हुई।

इसने इमारत के संबंधित अहाते में विरोध प्रदर्शन को तेज़ कर दिया जिसे 28 मई को पुलिस को छोड़ना पड़ा और भागने के लिए मजबूर किया गया। देर रात प्रदर्शनकारी ख़ाली इमारत में घुस गए और उस स्थान को जला दिया।

USA
Racism
Anti-racist protest

Related Stories

युवा श्रमिक स्टारबक्स को कैसे लामबंद कर रहे हैं

अमेरिका में फ्लॉयड की बरसी पर रखा गया मौन, निकाली गईं रैलियां

अमेरिकी नागरिक समाज समूह ने "प्रोटेक्ट द रिज़ल्ट" के लिए देशव्यापी प्रदर्शन की योजना बनाई

सूडान में लगातार हो रही नस्लीय हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

अमेरिका में नस्लवाद-विरोध तेज़ होने के साथ प्रदर्शनकारियों पर हिंसा बढ़ी

नस्लवादियों के खिलाफ उठ खड़े होइए : स्कॉटलैंड यार्ड के भारतीय मूल के आतंक रोधी प्रमुख ने कहा

अमेरिकी बहुत ही चालाक हैं, हमें ट्विटर पर आंदोलन करना सिखा दिया और खुद सड़क पर निकले हैं

अमेरिका को जो चिंगारी जला रही है उसका बारूद सदियों से तैयार होते आ रहा है

Black Lives Matter और अन्य अधिकार  संगठनों ने प्रदर्शनकारियों पर हमले के लिए ट्रंप पर मुक़दमा दायर किया

जॉर्ज फ़्लॉयड हत्या मामला : चारों आरोपी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License