NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
क्या मज़दूर इंसान नहीं?: बरेली में बाहर से आने वाले मज़दूरों पर केमिकल का छिड़काव
बरेली के डीएम ने इसके लिए खेद जताया है लेकिन मुख्य अग्निशमन अधिकारी को इस पर कोई पश्चाताप नहीं है। उनका कहना है कि ‘‘किसी भी अच्छे काम में कुछ तकलीफ़ तो होती ही है।“
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Mar 2020
lockdown

लखनऊ/ बरेली (उत्तर प्रदेश):

जिस "सोडियम हाइपोक्लोराइड" केमिकल का छिड़काव बसों को सैनेटाइज़ करने के लिए किया जाना था, उससे बाहर से आए कामगारों को लगभग नहला दिया गया, जिसमें बच्चे भी शामिल थे। तकलीफ़ होने पर अब इनका इलाज किया जा रहा है। बरेली के डीएम ने इसके लिए खेद जताया है लेकिन बरेली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को इस पर कोई पश्चाताप नहीं है। उनका कहना है कि ‘‘किसी भी अच्छे काम में कुछ तकलीफ़ तो होती ही है।“

दरअसल हुआ यूं कि कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में लॉकडाउन होने की वजह से प्रवासी मज़दूर अपने घरों को लौट रहे हैं। रविवार को दूसरे प्रदेशों और ज़िलों से ऐसे ही मज़दूर बड़ी संख्या में बस से बरेली पहुंचे। अब आदेश था कि बाहर से आने वाली सभी बसों को सैनेटाइज़ किया जाए लेकिन कर्मचारियों ने बस के यात्रियों को भी सैनेटाइज़ करने के लिए उनके ऊपर रसायन की बारिश कर दी।

बरेली बस अड्डे पर यातायात पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने "सोडियम हाइपोक्लोराइड" के घोल का उनपर छिड़काव किया।

नोएडा जिला अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर अनुराग भार्गव ने बताया कि सोडियम हाइपोक्लोराइड घोल एक प्रकार का रसायन है जिसके 0.5 प्रतिशत घोल (जिसे डायकिन घोल भी कहा जाता है) का इस्तेमाल किसी भी वस्तु को संक्रमण से मुक्त करने के लिए होता है, सामान्य तौर पर अस्पतालों में इसके 0.5 या 1 प्रतिशत घोल का इस्तेमाल रोजमर्रा की सफाई के लिए होता है।

इस घटना की सपा, बसपा व कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। विपक्ष के नेताओं के ट्वीट के बाद बरेली के जिलाधिकारी ने इस घटना से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

इस घटना के संबंध में सवाल करने पर बरेली के जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कहा, ‘‘प्रभावित लोगों का मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशन में उपचार किया जा रहा है। बरेली नगर निगम एवं दमकल विभाग के दलों को बसों को संक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन अतिसक्रियता में उन्होंने ऐसा किया। संबंधित लोगों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।’’

लेकिन, बरेली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी सी.एम. शर्मा को इस पर कोई पश्चाताप नहीं है। उन्होंने एकतरह से इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा, ‘‘किसी भी अच्छे काम में कुछ तकलीफ तो होती ही है। घोल के छिड़काव से अगर कुछ बूंदें आखों में चली जाएं तो दो-चार सेकेंड की जलन होती है, उससे कोई नुकसान नहीं होता है। अस्थाई बस अड्डे पर सोडियम हाइपोक्लोराइड (ब्लीच) युक्त पानी के घोल का छिड़काव ज़रुरी था। इससे महामारी नियंत्रित होगी।’’

सूत्रों ने बताया, ‘‘रविवार रात पुलिस की मौजूदगी में अस्थाई बस अड्डे पर जिले से गुजर रहे सैकड़ों लोगों को यातायात पुलिस ने पहले एक जगह बैठने को कहा। फिर उनपर पर दमकल गाड़ियों से सोडियम हाइपोक्लोराइड युक्त पानी का छिड़काव किया गया। घोल का पानी आंखों में पड़ने से कुछ लोगों की आंखें लाल हो गयीं, जलन होने लगी और बच्चे ज्यादा परेशान हो गए।’’

उन्होंने बताया, ‘‘इन कामगारों पर दो बार छिड़काव किया गया। कुछ देर के लिए वहां भगदड़ मच गयी।’’

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘‘यात्रियों को संक्रमण मुक्त करने के लिए किए गए केमिकल (रसायनिक घोल के) छिड़काव से उठे कुछ सवाल-- क्या इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश हैं? केमिकल से हो रही जलन का क्या इलाज है? भीगे लोगों के कपड़े बदलने की क्या व्यवस्था है? साथ में भीगे खाने के सामान की क्या वैकल्पिक व्यवस्था?''

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया, ‘‘देश में जारी लॉकडाउन के दौरान जन-उपेक्षा व जुल्म-ज्यादती की अनेकों तस्वीरें मीडिया में आम हैं, लेकिन प्रवासी मजदूरों पर उत्तर प्रदेश के बरेली में कीटनाशक दवा का छिड़काव करके उन्हें दण्डित करना क्रूरता व अमानीवयता है। इसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है। सरकार तुरन्त ध्यान दे।''

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘बेहतर होता कि केन्द्र सरकार राज्यों की सीमाएं सील कर हजारों प्रवासी मजदूरों के परिवारों को बेआसरा व बेसहारा भूखा-प्यासा छोड़ देने के बजाय दो-चार विशेष ट्रेनें चलाकर इन्हें इनके घर तक जाने की मजबूरी को थोड़ा आसान कर देती।''

उत्तर प्रदेश की प्रभारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घटना से जुड़ा वीडियो ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा है, ''उप्र सरकार से गुजारिश है कि हम सब मिलकर इस आपदा के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन कृपा करके ऐसे अमानवीय काम मत करिए।''

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Coronavirus
COVID-19
India Lockdown
Migrant workers
Poor Migrant labours
Yogi Adityanath
AKHILESH YADAV
PRIYANKA GANDHI VADRA

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन
    22 Mar 2022
    दलित शोषण मुक्ति मंच(DSMM) ने पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा माँगा है और कहा राजस्थान सरकार कमजोर तबके की सुरक्षा में विफल रही है। 
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License