NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अर्जेंटीनाः गर्भपात के अधिकार की मांग के लिए लोगों ने वर्चुअल प्रदर्शन किया
क़ानूनी, सुरक्षित और मुफ्त गर्भपात के अधिकार के लिए राष्ट्रीय अभियान ने अपनी पंद्रहवीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
पीपल्स डिस्पैच
29 May 2020
अर्जेंटीना

28 मई यानी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस को अर्जेंटीना में क़ानूनी, सुरक्षित और मुफ्त गर्भपात के अधिकार के लिए राष्ट्रीय अभियान ने अपनी पंद्रहवीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर देश में गर्भपात के अधिकारों के लिए संघर्ष में सबसे आगे चल रहे इस आंदोलन ने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण मानव अधिकार को वैध बनाने की मांग करते हुए वर्चुअल तरीक़े से लामबंद होने का आह्वान किया।

हज़ारों महिलाओं, समलैंगिकों और जननाक्षम लोगों (नॉन-बाइनरी पीपल) ने वर्चुअल पैन्यूएलाज़ो में भाग लिया या हरे रंग के स्कार्फ के साथ मार्च किया जो क़ानूनी गर्भपात के लिए नारीवादी संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है। स्वैच्छिक गर्भपात (आईवीई) बिल को मंजूरी देने की मांग करते हुए उन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर हरे रंग के स्कार्फ के साथ अपने संदेश और तस्वीरें साझा कीं। कई नेताओं, सोशल एक्टिविस्ट, मानवाधिकार संगठनों, महिलाओं और एलजीबीटीक्यूआई आंदोलनों ने भी इसमें भाग लिया।

दिन भर इस आंदोलन के ज़रिए कई सम्मेलन, इंटरव्यू और कलात्मक प्रदर्शन किए गए और इन कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो को अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल पर डाला गया।

एक ट्वीट में इस राष्ट्रीय अभियान ने लिखा, "भविष्य यहां है! हमने सड़कों पर आंदोलन के 15 साल होने का जश्न मनाया। एक ऐसे क़ानून के लिए लड़ रहे थे जो अर्जेंटीना में गर्भवती महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह से मान्यता देता है। एक साझा इतिहास के 15 साल हो गए। अब समय आ गया है!"

इस साल सत्ता में एक प्रगतिशील राष्ट्रपति के साथ लगता है कि क़ानूनी गर्भपात अर्जेंटीना में परिणाम तक पहुंच जाएगा। 1 मार्च को नेशनल एसेंबली के एक सत्र में राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज ने घोषणा की कि दस दिनों के भीतर वह देश में गर्भपात अपराध की श्रेणी से हटाने के लिए एक बिल पेश करेंगे। इतिहास में पहली बार देश की मुखिया ने गर्भपात के अधिकार की वकालत की। उनकी इस घोषणा को लेकर महिलाओं, एलजीबीटीक्यूआई समुदाय और नारीवादी आंदोलनों और संगठनों द्वारा जश्न मनाई गई, जिन्होंने इसे देश में लंबे समय से मांग वाले गर्भपात अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता माना।

हालांकि, ठीक इसी समय अर्जेंटीना में COVID-19 के फैलने के चलते इस फैसले को क्रियान्वित नहीं किया जा सका। इस वर्चुएल प्रदर्शन के साथ नारीवादी आंदोलनों ने राष्ट्रपति के उनके वादे को याद दिलाया और जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया।

27 मई तक अर्जेंटीना में कोरोनोवायरस के 13,920 मामलों की पुष्टि हुई जिसमें 500 लोगों की मौत हो गई और 4,336 लोग ठीक हुए।

Argentina
Abortion Rights
Protests
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

सड़क पर अस्पताल: बिहार में शुरू हुआ अनोखा जन अभियान, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जनता ने किया चक्का जाम

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?


बाकी खबरें

  • उपेंद्र स्वामी
    फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस
    25 Apr 2022
    दुनिया भर की: रविवार को हुए मतदान में मैक्राँ को 58.55 फीसदी वोट मिले। दक्षिणपंथी ला पेन ने अगर मौजूदा राष्ट्रपति मैक्राँ को हराकर उलटफेर कर दिया होता तो खासी बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल हो जाती।
  • Brinda Karat
    न्यूज़क्लिक टीम
    NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात
    25 Apr 2022
    कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) और नई शिक्षा नीति (NEP) के विरोध में, छात्र, शिक्षक और राजनेता केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए केंद्रीकृत परीक्षा लागू करने, एमफिल पाठ्यक्रम को खत्म…
  • communalism
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून
    24 Apr 2022
    औरंगज़ेब के ख़िलाफ़ जंग का ऐलान करते हुए देश के हुक्मरान, टाइम मशीन से देश को मुगलकाल में वापस ले जाकर, वापस तलवार लेकर लड़ाई के मैदान में उतरने जैसा तेवर दिखाते हैं।
  • Communalism
    न्यूज़क्लिक टीम
    दक्षिणपंथ का इतिहास; धार्मिक जुलूसों का भावनाएँ भड़काने के लिए इस्तेमाल
    24 Apr 2022
    पिछले कुछ हफ़्तों में भारत ने कई घटनाएँ देखी जहाँ धार्मिक जुलूसों के बाद सांप्रदायिक हिंसा हुई; चाहे राम नवमी के बाद मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा हो या हाल ही में हनुमान जयंती पर दिल्ली के जहांगीरपुरी…
  • bihar
    अनिल अंशुमन
    बिहार : हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक कुंवर सिंह के परिवार को क़िले में किया नज़रबंद
    24 Apr 2022
    कुंवर सिंह की प्रपौत्र वधु पुष्पा सिंह एक वीडियो में बता रही हैं कि उन्हें पूरे परिवार के साथ सरकार व प्रशासन ने घेरेबंदी में रखा हुआ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License