NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अर्जेंटीना : सीनेट ने बाहरी क़र्ज़ को फिर से प्राप्त करने वाले क़ानून को मंज़ूरी दी
बाहरी सार्वजनिक ऋण की स्थिरता की बहाली का क़ानून अर्जेंटीना के आर्थिक मंत्री को पूर्व राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री के प्रशासन के दौरान लिए गए विदेशी ऋण के भुगतान की शर्तों को फिर से संगठित करने के लिए अधिकृत करता है।
पीपल्स डिस्पैच
06 Feb 2020
argentina

5 फरवरी को, अर्जेंटीना सीनेट ने सर्वसम्मति से "बाहरी सार्वजनिक ऋण की स्थिरता की बहाली" के बिल को मंज़ूरी दे दी। इसे राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज़ की वामपंथी सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस पहल को पिछले सप्ताह चैंबर ऑफ़ डेप्युटी में मंज़ूरी दी गई थी। यह क़ानून, अर्थव्यवस्था मंत्री मार्टीन गुज़मैन पूर्व-दक्षिणपंथी राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री के प्रशासन के दौरान अर्जेंटीना द्वारा लिए गए विदेशी ऋण के भुगतान की शर्तों को फिर से जारी करने के लिए अधिकृत करता है।

आईएमएफ़ के साथ-साथ अन्य बैंकिंग संगठनों के साथ अनुबंधित ऋण के पुनर्गठन की शक्ति देता है। यह गुज़मैन को नए बांड जारी करने के लिए नियम और प्रक्रिया निर्धारित करने की स्वतंत्रता भी देता है, जबकि चयन करने वाले वित्तीय संस्थान और सलाहकार प्रक्रिया समन्वयक या प्लेसमेंट एजेंट के रूप में कार्य करते हैं।

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अर्जेंटीना का कुल क़र्ज़ 323,127 मिलियन डॉलर है, जो उसके जीडीपी का 95% है।

पिछले हफ्ते राष्ट्रपति फ़र्नांडीज़ द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने और आईएमएफ़ के साथ मध्यस्थता वार्ता में उनके समर्थन की तलाश के लिए कई यूरोपीय देशों के अंतरराष्ट्रीय दौरे पर गए थे। फ़र्नांडीज़ फ़्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन की सरकारों का समर्थन जीतने में सफल रहे थे।

हालांकि, इसका अंतिम फ़ैसला अमेरिका के हाथों में है। चूंकि अमेरिका इकलौता देश है जिसके पास अंतर्राष्ट्रीय क़र्ज़ पर नियंत्रण है, इसलिए उसका समर्थन ज़रूरी है। इस संदर्भ में, अर्जेंटीना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ राष्ट्रपति फ़र्नांडीज़ के लिए एक बैठक निर्धारित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे इस वर्ष अप्रैल या मई के महीने में किए जाने की उम्मीद है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Argentina
Mauricio Macri
Argentina Senate
Alberto Fernández
Donand Trump
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब के असली मुद्दों से भटकाने की है बड़ी साज़िशः धर्मवीर गांधी
    20 Feb 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब में पटियाला के पूर्व सांसद (आप) धर्मवीर गांधी से बातचीत की। इसमें उन्होंने आप के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब की राजनीति को मुद्दों से…
  • silver sheet
    समीना खान
    चांदी का वरक़: ऑनलाइन प्रोडक्ट की चमक ने फीका किया पारंपरिक कारोबार
    20 Feb 2022
    लखनऊ और वाराणसी की जिन तंग गलियों में कभी चांदी का वरक कूटने की ठक-ठक हुआ करती थी, वहां अब ख़ामोशी है। वरक़ कूटने का कारोबार लगभग ख़त्म हो गया है। शुद्ध चांदी के वरक़ को बनाने के लिए लगातार तीन घंटे तक…
  • SBI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: 23 हज़ार करोड़ के बैंकिंग घोटाले से लेकर केजरीवाल के सर्वे तक..
    20 Feb 2022
    हर हफ़्ते कुछ ऐसी खबरें होतीं हैं जो पीछे छूट जाती हैं जिन पर बात करना उतना ही ज़रूरी है। ऐसी ही खबरों को एक साथ लाए हैं अनिल जैन..
  • Advertising
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता
    20 Feb 2022
    ...और विकास भी इतना अधिक हुआ कि वह भी लोगों को दिखाई नहीं पड़ा, विज्ञापनों से ही दिखाना पड़ा। लोगों को तो नारियल फोड़ने से फूटने वाली सड़कें दिखाई दीं पर सरकार ने विज्ञापनों में हवाई जहाज उतारती…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ... यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
    20 Feb 2022
    दोस्त दोस्त न रहा...ये रोना और गाना पुराना हो गया है अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास के संदर्भ में। आज तो यही शेर याद आता है कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी/ यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License