NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
अर्जेंटीना ने देश भर में कोविड-19 टीकाकरण शुरू किया
24 दिसंबर को इस दक्षिण अमेरिकी देश ने रूस के 'स्पुतनिक वी' वैक्सीन की 10 मिलियन से अधिक खुराक की कुल मांग में से पहली 300,000 खुराक हासिल कर ली।
पीपल्स डिस्पैच
30 Dec 2020
अर्जेंटीना

300,000 से अधिक रूसी 'स्पुतनिक वी' वैक्सीन के पहले खेप के आने के बाद अर्जेंटीना ने मंगलवार 29 दिसंबर को COVID-19 टीकाकरण शुरू कर दिया। वैक्सीन का ये खेप 24 दिसंबर को अर्जेंटीना पहुंचा था। बुधवार 23 दिसंबर को रूस और बेलारूस के बाद अर्जेंटीना स्पुतनिक वी टीका के "इमर्जेंसी इस्तेमाल" को मंजूरी देने वाला तीसरा देश बन गया।

रशीयन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ- रूस का प्रमुख कोष) के अनुसार, 300,000 खुराक के पहले खेप की ये डिलीवरी अर्जेंटीना सरकार के साथ किए गए सौदे कुल 10 मिलियन खुराक की डिलीवरी का एक हिस्सा है।

अर्जेंटीना को 300,000 खुराक की ये खेप लैटिन अमेरिका में किसी भी अन्य देश की तुलना में वैक्सीन का सबसे बड़ा खेप है।

आरडीआईएफ के अनुसार, स्पुतनिक वी जो रूस में गैमलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किया गया था और दुनिया में सीओवीआईडी-19 के लिए पहला पंजीकृत टीका था वह अपने तीसरे और फाइनल कंट्रोल प्वाइंट एनालिसिस में 91.4% प्रभावी पाया गया है। यह COVID-19 संक्रमण के गंभीर मामलों में भी 100% प्रभावी होने का दावा करता है। स्पुतनिक सबसे किफायती टीकों में से एक है जो फाइजर के विपरीत सिर्फ 10 डॉलर प्रति खुराक में उपलब्ध है। फाइजर की टीके की कीमत यूएस में प्रति खुराक 19 डॉलर से अधिक है।

45 मिलियन से अधिक की आबादी वाले देश अर्जेंटीना में 42,800 से अधिक मौत हो गई और 1.59 मिलियन से अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं। COVID-19 से प्रभावित लैटिन अमेरिकी देशों में ये देश सबसे ज्यादा प्रभावित है। इस साल अक्टूबर महीने में संक्रमण के मामलों और मौतों की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज होने के बाद नवंबर में दोनों ही मामले में कमी देखी गई। हालांकि, पिछले दो हफ्तों में नए मामलों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है।

नए मामलों में वृद्धि को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने देश में अनिवार्य सामाजिक दूरी बनाने के नियमों को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ा दिया है।

वैक्सीन की व्यवस्था स्थानीय सरकारों द्वारा की जाएगी जिसमें सबसे संवेदनशील वर्ग जैसे कि स्वास्थ्य कर्मचारी, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। सिर्फ ब्यूनस आयर्स में अब तक 315,000 लोगों ने टीके के लिए अपना पंजीकरण कराया है।

 

Argentina
COVID19
COVID19 Vaccine
corona virus vaccine
vaccination in argentina

Related Stories

क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं?

2018 की बाढ़ के बाद दोबारा बनाया गया, केरल का FHC राज्य के लचीले सरकारी स्वास्थ्य तंत्र का प्रतिनिधित्व करता है

मानवता को बचाने में वैज्ञानिकों की प्रयोगशालाओं के बाहर भी एक राजनीतिक भूमिका है

निष्प्रभावित कर देने वाली एंटीबॉडीज़ कोविड-19 टीके की प्रभावकारिता के लिए मार्कर हो सकती हैं 

जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर की कोरोना से मौत : न मुआवज़ा, न खेद

कोविड-19: दिल्ली में गृह-आधारित श्रमिकों पर बुरी मार, प्रतिदिन 10 रुपये से भी कम की कमाई

कोविड-19 की वैक्सीन भले ही उपलब्ध हो जाए, लेकिन उसके समान वितरण को किस प्रकार से सुनिश्चित किया जाने वाला है?

महामारी के छह माह बीत जाने के बाद भी विज्ञान इस गुत्थी को सुलझाने में प्रयासरत है

वैचारिक दिवालियेपन का पर्दाफ़ाश कर रहा कोरोना: डॉ. सुषमा नथानी

SARS-CoV-2 संरचना की खोज ने एंटीवायरल दवा को संभव बनाया


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
    02 Apr 2022
    अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
  • इलियट नेगिन
    समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें
    02 Apr 2022
    दो दशकों से भी अधिक समय से कोच नियंत्रित फ़ाउंडेशनों ने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्यवाई को विफल बनाने के लिए 16 करोड़ डॉलर से भी अधिक की रकम ख़र्च की है।
  • DU
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक
    01 Apr 2022
    नई शिक्षा नीति के तहत UGC ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को कई कदम लागू करने के लिए कहा है. इनमें चार साल का स्नातक कोर्स, एक प्रवेश परीक्षा और संस्थान चलाने के लिए क़र्ज़ लेना शामिल है. इन नीतियों का…
  • रवि शंकर दुबे
    इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत
    01 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश की गर्मी ने जहां बिजली की खपत में इज़ाफ़ा कर दिया है तो दूसरी ओर बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी के बीच कैसे समन्वय होता है।
  • सोनिया यादव
    राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!
    01 Apr 2022
    डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में उनके पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेताओं के दबाव में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके चलते उनकी पत्नी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License