NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की
लीमा समूह लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी सरकारों का एक धरा है और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट (ओएएस) और यूरोपीय संघ (ईयू) का समर्थन हासिल है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Mar 2021
अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की

24 मार्च को अर्जेंटीना आधिकारिक तौर पर लैटिन अमेरिका में अमेरिका समर्थक लीमा समूह से हट गया है। राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज की प्रगतिशील सरकार ने कहा कि संगठन के सदस्य के रूप में वेनेजुएला के विपक्ष के एक हिस्से की भागीदारी ने उन स्थितियों को अपनाने का नेतृत्व किया था जिसका सरकार समर्थन नहीं करती थी।

एक बयान में अर्जेंटीना के विदेश मामलों के मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ इस समूह द्वारा बढ़ावा दिए गए अलगाव नीतियों को खारिज कर दिया और कहा कि "वेनेजुएला के लोगों की मदद करने का सबसे अच्छा तरीका एक समावेशी संवाद की सुविधा देना है जो किसी विशेष क्षेत्र का पक्ष नहीं लेता है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय नियंत्रण के साथ बहुमत से स्वीकार किए गए चुनाव को जीतता है।”

अर्जेंटीना की सरकार ने भी वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा सख्त नियमों की आलोचना की। बयान में कहा गया है कि "इस क्षेत्र में महामारी के कहर बरपाए जाने के संदर्भ में वेनेजुएला और उसके अधिकारियों पर लगाए गए प्रतिबंधों और नाकेबंदी के साथ-साथ 2020 में अस्थिर करने के प्रयासों ने इसके नागरिकों की स्थिति को और बिगाड़ दिया है विशेष रूप से इसके सबसे कमजोर क्षेत्रों को और बदतर बना दिया है।

इस देश ने पुष्टि की कि यह "क्षेत्रीय स्थिरता को बरकार रखने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रत्येक राष्ट्र की संप्रभुता और आंतरिक मामलों का सम्मान करने वाले शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक समाधानों की तलाश करेगा।"

लीमा समूह लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी सरकारों का एक समूह है और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट (ओएएस) और यूरोपीय संघ (ईयू) का समर्थन है। इसे अगस्त 2017 में पेरू की राजधानी लीमा में स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की संवैधानिक सरकार के खिलाफ राजनयिक कानूनों को सख्त करना और उनको इस्तीफे के लिए मजबूर करना था।

पूर्व रूढ़िवादी राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री के शासन के तहत, अर्जेंटीना ने इस समूह के साथ गठबंधन किया और बोलिवेरियन रिपब्लिक ऑफ वेनेजुएला पर क्षेत्रीय दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिकी हितों के साथ देश की विदेश नीति का गठबंधन किया। देश के खिलाफ हिंसक अस्थिरता वाले कार्रवाईयों तथा अन्य मुद्दों के साथ अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में विपक्षी नेता जुआन गाएदो की अवैध स्व-घोषणा के लिए इस समूह ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका के एकपक्षीय सख्त प्रतिबंधों के लिए अपना समर्थन दिया है।

Argentina
Venezuela
Latin America
EU
OAS

Related Stories

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

केवल विरोध करना ही काफ़ी नहीं, हमें निर्माण भी करना होगा: कोर्बिन

लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?

"एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी

मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र


बाकी खबरें

  • subhashini
    न्यूज़क्लिक टीम
    UP Elections: जनता के मुद्दे भाजपा के एजेंडे से गायब: सुभाषिनी अली
    23 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल तेज़ी से बदल रहा है, यह मानना है CPI(M) नेता और कानपुर से पूर्व संसद सुभाषिनी अली का। किस तरफ है जनता का झुकाव, क्या हैं चुनावी मुद्दे और किसका है पलड़ा भारी, जानने के…
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब में दलित डेरे व डेरों पर राजनीतिक खेल
    23 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब के लुधियाना से सटे नूरमहल और नकोदर में बसे वाल्मीकि समाज के डेरों की कहानी के संग-संग भाजपा द्वारा डेरों के जरिये खेली गई चुनावी सियासत का…
  • BJP MLA
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार
    23 Feb 2022
    यूपी चुनाव में कई तरह के नज़ारे देखने को मिल रहे हैं। आज चौथे चरण के मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी से लेकर भाजपा तक के ट्वीटर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों से भरे मिले। कहीं भाजपा नेताओं द्वारा धमकी के…
  • यूपी चुनावः सरकार की अनदेखी से राज्य में होता रहा अवैध बालू खनन 
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः सरकार की अनदेखी से राज्य में होता रहा अवैध बालू खनन 
    23 Feb 2022
    राज्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों, एनजीटी की नियमावली और खनिज अधिनियम के निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी की जाती रही है। 
  • Ukraine
    एपी
    यूक्रेन संकट और गहराया, यूरोप के रुख से टकराव बढ़ने के आसार
    23 Feb 2022
    विनाशकारी युद्ध से कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की उम्मीदें दिखाई तो दे रही थीं, लेकिन वे सभी असफल प्रतीत हुईं। रूस के नेता पुतिन को अपने देश के बाहर सैन्य बल का उपयोग करने की हरी झंडी मिल गई और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License