NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आर्मेनिया और अजरबैजान ने वार्ता के अंतरराष्ट्रीय आह्वान को नकारा, संघर्ष जारी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा मंगलवार को इस मुद्दे पर बैठक के बाद संघर्ष रोकने के लिए परिषद महासचिव के आह्वान का समर्थन किया।
पीपल्स डिस्पैच
30 Sep 2020
आर्मेनिया और अजरबैजान

शांति एवं वार्ता के लिए अंतरराष्ट्रीय आह्वान को खारिज करते हुए आर्मेनिया और अजरबैजान ने मंगलवार 29 सितंबर को जारी संघर्ष के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया। रूस के सरकारी टेलीविजन से अलग-अलग बात करते हुए अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनियन ने कहा कि लड़ाई जारी रहने पर कोई बातचीत नहीं हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मुद्दे पर बैठक की और दोनों पक्षों द्वारा सैनिकों के इस्तेमाल को लेकर निंदा की। इसने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के संघर्ष को तुरंत समाप्त करने और सार्थक वार्ता करने आह्वान का समर्थन किया।

मंगलवार को दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर नागरिकों के इलाक़े को निशाना बनाने और लोगों के मारे जाने को लेकर आरोप लगाया। सैनिकों के नुकसान की ख़बर नहीं सामने आई है। आर्मेनिया ने मंगलवार को कहा कि तुर्की के एक लड़ाकू विमान ने हमारे एक युद्धक विमान को अर्मेनियाई क्षेत्र के भीतर मार गिराया है। तुर्की ने इस आरोप से इनकार किया।

नागोर्नो-करबाख अजरबैजान का एक अलग क्षेत्र है जहां अर्मेनियाई नस्ल के लोगों की बहुलता है। साल 1991 में सोवियत संघ के विघटन के समय इस क्षेत्र ने अजरबैजान से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की जिससे दो देशों अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध हुआ।

साल 1994 में तीन पक्षों अजरबैजान की सरकार, आर्मेनिया की सरकार और नागोर्नो कराबाख के नेताओं के बीच रूस की मध्यस्थता के बाद युद्ध विराम हुआ था। युद्धविराम के इस समझौता के चलते अजरबैजान क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को अर्मेनियाई नियंत्रण में रहने दिया गया। इस विवाद का अंतिम समाधान अभी भी लंबित है जिससे समय-समय पर संघर्ष भड़क जाता है।

ताज़ा झड़प रविवार 27 सितंबर को शुरू हुआ। इसे दोनों देशों के बीच साल 2016 में हुई झड़पों के बाद से सबसे भयावह माना जा रहा है।

Armenia
Azerbaijan
Nagorno-Karabakh
UN Security Council
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इथियोपिया में संघर्ष तत्काल रोकने की अपील की

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?

दुनिया भर की : नेतन्याहू के जानेभर से इज़रायल भला नहीं बन जाएगा


बाकी खबरें

  • modi
    विजय विनीत
    बनारस में फिर मोदी का दौरा, क्या अब विकास का नया मॉडल होगा "गाय" और "गोबर"? 
    23 Dec 2021
    मोदी ने बनारस दौरे पर दिए अपने भाषण में यह नहीं बताया कि डबल इंजन की सरकार के विकास से किस वर्ग के लोगों की आमदनी बढ़ी? चाहे वो किसान हो, मजदूर हो या फिर व्यापारी, कोई इस स्थिति में नहीं है कि वो यह…
  • paul
    कैप्टन पॉल वाटसन
    पृथ्वी पर इंसानों की सिर्फ एक ही आवश्यक भूमिका है- वह है एक नम्र दृष्टिकोण की
    23 Dec 2021
    जहाँ एक तरफ दुनिया के महासागर, गैर-मानवीय जानवर और पेड-पौधे हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को बरक़रार रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वहीं हम इसे नुकसान पहुंचाने के लिए इतने आतुर क्यों हैं?
  • dharm sansad
    अजय कुमार
    हरिद्वार में ‘धर्म संसद’ के नाम पर तीन दिन तक चलते रहे अल्पसंख्यक विरोधी भाषण, प्रशासन मौन! 
    23 Dec 2021
    ‘धर्म संसद' नाम का इस्तेमाल कर उत्तराखंड के हरिद्वार में 17 दिसंबर से लेकर 19 दिसंबर तक एक ऐसी सभा का आयोजन हुआ जिसमें सब कुछ अपवित्र और आपत्तिजनक था।
  • mid day meal
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    उत्तराखंड : दलित भोजन माता की नियुक्ति और विवाद का ज़िम्मेदार कौन है?
    23 Dec 2021
    चंपावत के सूखीढांग इंटर कॉलेज मामले में कई बड़े झोल सामने आ रहे हैं। कभी भोजन माता की नियुक्ति को अवैध बताया जा रहा है, तो कभी जातिवाद का मुद्दा हावी हो रहा है। बहरहाल, मामला जो भी हो ज़िम्मेदारी और…
  • Saudis
    पीपल्स डिस्पैच
    यमन में युद्ध अपराध की जांच कर रहे यूएन इंवेस्टिगेटर की जासूसी के लिए सऊदी ने किया पेगासस का इस्तेमाल
    23 Dec 2021
    सऊदी अरब ने यमन में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के सदस्यों के ख़िलाफ़ आपराधिक मुकदमा चलाने की सिफ़ारिश करते हुए स्वतंत्र पैनल द्वारा एक रिपोर्ट जारी करने से हफ्तों पहले ही संयुक्त राष्ट्र के एमिनेंट…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License