NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
आर्टिफ़िशियल मेटल से बने 'नैनोवायर' में दिमाग़ की तरह गतिविधियां हो सकती हैं
आर्टिफ़िशियल नेटवर्क का इस्तेमाल कर, एक शोध में दिमाग़ की तरह विद्युत क्रियाएं पैदा करने का दावा किया गया है। यह क्रियाएं-''याद करना, भूल जाना, सावधान हो जाना और वापस शांत हो जाना'' हैं।
संदीपन तालुकदार
30 Dec 2019
Artificial Metallic Nanowire Network
Image Courtesy: Phys.org.

आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस उस तरह की मशीनें बनाने की इच्छा रखता है, जिनके पास इंसान के दिमाग़ की तरह कोऑग्नेटिव (संज्ञानात्मक) क्षमताएं हों। आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस के ज़रिये मशीनें बनाने पर बहुत काम किया गया है। लेकिन इंसानी दिमाग़ की कॉपी बनाने का कोशिशें फ़िलहाल नतीजों से काफ़ी दूर हैं। असली बाधा इंसानी दिमाग़ की जटिलता है, जिसके तहत यह ऊंचे दर्जे की गतिविधियों, जैसे भावनाओं को अंजाम देता है।

साइंटिफ़िक रिपोर्ट में प्रकाशित हुए एक पेपर के मुताबिक़, ''आर्टिफिशियल मेटालिक नैनोवायर नेटवर्क'' में दिमाग़ की तरह क्रियाएं करवाई गई हैं। यह इस क्षेत्र में नया विकास माना जा रहा है। आर्टिफ़िशियल नेटवर्क के इस्तेमाल के ज़रिये इस शोध में याद करना, भूल जाना, सावधान हो जाना या शांत हो जाने जैसी दिमाग़ी क्रियाओं की ''विद्युत विशेषताएं (इलेक्ट्रिकल कैरेक्टरस्टिक्स)'' बनाने में कामयाबी मिली है। रिसर्च टीम ने उस उस तंत्र को भी समझाया है, जिसके ज़रिये यह विद्युत विशेषताएं हासिल हुई हैं। 

आधुनिक न्यूरोसाइंस ने बताया है कि दिमाग़ बुनियादी तौर पर न्यूरॉन्स और इनके बीच होने वाले हज़ारों मेल-जोल से चलता है। न्यूरॉन्स और इनमें आपसी संबंधों पर गहराई में काम हुआ है। हालांकि अभी भी कुछ बड़े सवालों के जवाब लेना बाक़ी है। उदाहरण के लिए एक सामूहिक इकाई के तौर पर दिमाग़ कैसे याद करने, सीखने और भूल जाने जैसे कामों को करता है? कैसे दिमाग़ सावधान होकर वापस शांत हो जाता है? इस संबंध में सबसे बड़ी बाधा यह है कि किसी जिंदा दिमाग़ से प्रयोगों के दौरान छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसलिए दिमाग़ अभी भी रोचक अंग बना हुआ है।

साइंटिफ़िक रिपोर्ट रिसर्च में, वैज्ञानिकों ने चांदी से बने कई नैनोवायर्स को आपस में जोड़कर एक दिमाग़ के जैसा ढांचा बनाया। इन चांदी के नैनोवायर्स पर एक नैनोमीटर की एक पोलीमर की परत चढ़ाई गई थी। इसे PVP कहा गया। दो नैनोवायर्स के बीच का जंक्शन, वास्तविक न्यूरॉन के जंक्शन की तरह ही था। चांदी के इन नैनोवायर्स से एक न्यूरोमॉर्फिक ढांचा बनाया गया। जब इसमें वोल्टेज छोड़ा जाता तो यह सक्रिय हो जाता। परिणामस्वरूप जो करंट पैदा होता, वो अपने लिए सबसे बेहतर रास्ता ढूंढ़ता। टीम ने इसका इस रास्ते के बनने का मापन किया। कैसे यह करंट दौड़ने के दौरान इसे ग्रहण करता और छोड़ता है? उन्होंने पाया कि यह प्रक्रिया ऊपर-नीचे होती रहती है, ठीक वैसे ही जैसे हमारे दिमाग़ में होती है। नैनोवायर्स में इन क्रियाओं का दिमाग़ की याद करने, सीखने या भूल जाने, सावधान होने या शांत होने जैसी क्रियाओं से मेल हुआ। 

रिसर्च टीम फ़िलहाल इंसानी दिमाग़ की क्रियाओं पर आधारित एक मेमोरी डिवाइस बनाने के काम में लगी है। यह डिवाइस मौजूदा कंप्यूटर में इस्तेमाल किए जा रहे सिद्धांतों से अलग नियमों पर काम करेगी।

न्यूरोसाइंस, दिमाग़ द्वारा किए जा रहे उच्च स्तर के कामों के पैटर्न को सामने लाने में कामयाब रहा है। इसमें मुख्य औज़ार ''ब्रेन इमेजिंग'' रहा है। दिमाग़ की किसी भी क्रिया की बुनियाद विद्युत और रासायनिक क्रियाएं होती हैं। दिमाग़ द्वारा जो काम किए जाते हैं, उन्हें ब्रैन इमेजिंग में ''इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी पैटर्न'' के तौर पर दर्ज किया जाता है। मौजूदा शोध में भी आर्टिफिशियल नैनोवायर की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया था और उन्हें पुराने प्रयागों में मापी गई दिमाग़ी गतिविधियों से मिलाया गया।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Artificial Metallic Nanowire Network Can Give Rise to Brain-Like Functions

Artificial Metallic Nanowire Network
Artificial intelligence
Brain Area
Human Brain

Related Stories


बाकी खबरें

  • International
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका
    30 Dec 2021
    'पड़ताल दुनिया भर' की के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बात की कि 2021 में अफ़ग़ानिस्तान ने किस तरह एक ध्रुवी अमेरिकी परस्त कूटनीति को…
  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License