NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम ईवीएम विवाद: निर्वाचन अधिकारी और तीन अन्य अफ़सर निलंबित, एक मतदान केन्द्र पर पुनर्मतदान के आदेश
असम में चुनाव आयोग की भूमिका पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। ‘समाचार की शक्ल में जीत के विज्ञापन’ देने के मामले में बीजेपी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई न करने के आरोप झेल रहे आयोग के अधिकारी अब बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी में ईवीएम ले जाते ‘पकड़े’ गए हैं!
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Apr 2021
असम ईवीएम विवाद

असम में बीजेपी के एक उम्मीदवार की गाड़ी से ईवीएम लेकर जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस एक घटना ने एक बार फिर चुनाव आयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछले दिनों पहले दौर के मतदान के बाद बीजेपी द्वारा पूरे राज्य के अख़बारों में जीत के ख़बरनुमा विज्ञापन देने को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठे थे कि उसने बीजेपी की बजाय केवल अख़बारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अब दूसरे दौर के मतदान के बाद तो निर्वाचन अधिकारी ईवीएम लेकर एक बीजेपी नेता की गाड़ी में ही जाते नज़र आए।

हालांकि इस घटना पर सवाल उठने पर चुनाव आयोग ने निर्वाचन अधिकारी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और साथ ही असम के रतबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केन्द्र पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है।

चुनाव आयोग ने कहा, ‘‘ ईवीएम की सील हालांकि सही थी, लेकिन फिर भी रतबाड़ी (सु) एलएसी1 के मतदान केन्द्र संख्या- 149 इंदिरा एमवी स्कूल में दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया है।

दरअसल असम के करीमगंज जिले में कांग्रेस और एआईयूडीएफ के कुछ समर्थकों ने ईवीएम को भाजपा के एक उम्मीदवार के वाहन में ले जाए जाते हुए देखा था, जिसके बाद बृहस्पतिवार रात यहां हिंसा भड़क गई थी।, पुलिस को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हवा में गोलियां भी चलानी पड़ी थीं।

भाजपा उम्मीदवार की कार में ईवीएम मिलने के बाद असम के करीमगंज में हिंसा

करीमगंज (असम): असम के करीमगंज जिले में बृहस्पतिवार रात ईवीएम को स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए भाजपा उम्मीदवार के वाहन का इस्तेमाल होते देख भीड भड़क उठी और हिंसा हुई जिसके बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हवा में गोलियां चलायी।

अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बताया कि रतबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र में इंदिरा एम वी स्कूल के निर्वाचन दल का वाहन करीमगंज शहर में स्ट्रांग रूम तक जाने के दौरान खराब हो गया।

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्होंने एक निजी वाहन की मदद ली। संयोग से यह वाहन पत्थरकांडी के निवर्तमान भाजपा विधायक कृष्णानेंदु पॉल के नाम पर पंजीकृत था। वाहन के निमल बाजार क्षेत्र में पहुंचने पर कुछ लोगों ने इसे देखा।’’

पॉल इस बार पत्थरकांडी से भाजपा के उम्मीदवार हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ में मुख्य रूप से एआईयूडीएफ और कांग्रेस के समर्थक थे। भीड़ ने वाहन से तोड़फोड़ की जिसके बाद निर्वाचन दल को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) छोड़कर वहां से जाना पड़ा।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ‘‘उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। लेकिन भीड़ जब नहीं मानी तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलायी।’’

उन्होंने बताया कि उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक इसके बाद ईवीएम को रात में पत्थरकांडी थाना ले गए जहां से इसे करीमगंज में स्ट्रांग रूम में जमा कराया गया।

रतबाड़ी और पत्थरकांडी निर्वाचन क्षेत्र में दूसरे चरण में बृहस्पतिवार को मतदान हुआ।

चुनाव आयोग निर्णायक कदम उठाए, सभी राष्ट्रीय दल ईवीएम के उपयोग का पुनर्मूल्यांकन करें: कांग्रेस

कांग्रेस ने असम में भाजपा के एक विधायक के वाहन से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) मिलने के बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया और कहा कि इस पर आयोग को निर्णायक कदम उठाने चाहिए तथा सभी राष्ट्रीय दलों को ईवीएम के उपयोग का ‘गंभीर पुनर्मूल्यांकन’ करने की जरूत है।

मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग मूक बना रहता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक होगा।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उस वक्त निशाना साधा है जब सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक निजी वाहन में ईवीएम रखे होने और यह वाहन भाजपा के एक विधायक का होने का दावा किया गया है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इस मामले पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘‘चुनाव आयोग की गाड़ी ख़राब, भाजपा की नीयत ख़राब, लोकतंत्र की हालत ख़राब!’’

EC की गाड़ी ख़राब,
भाजपा की नीयत ख़राब,
लोकतंत्र की हालत ख़राब!#EVMs

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 2, 2021

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक खबर का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए सवाल पूछा कि इस मामले में क्या पटकथा लिखी गई थी?

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘क्या स्क्रिप्ट है? चुनाव आयोग की गाड़ी खराब हुई, तभी वहां एक गाड़ी प्रकट हुई। गाड़ी भाजपा के प्रत्याशी की निकली। मासूम चुनाव आयोग उसमें बैठ कर सवारी करता रहा। प्रिय चुनाव आयोग, माजरा क्या है? आप देश को इस पर कुछ सफाई दे सकते हैं? या हम सब मिलकर बोलें चुनाव आयोग की निष्पक्षता को वणक्कम?’’

क्या स्क्रिप्ट है?

चुनाव आयोग की गाड़ी खराब हुई, तभी वहां एक गाड़ी प्रकट हुई। गाड़ी भाजपा के प्रत्याशी की निकली। मासूम चुनाव आयोग उसमें बैठ कर सवारी करता रहा।

प्रिय EC, माजरा क्या है? आप देश को इस पर कुछ सफाई दे सकते हैं? या हम सब मिलकर बोलें EC की निष्पक्षता को वनक्कम? pic.twitter.com/LcQ4nFE3Xi

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) April 2, 2021

इससे पहले प्रियंका ने घटना से संबंधित कथित वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘जब भी निजी वाहन में ईवीएम ले जाये जाने के वीडियो सामने आते हैं तो ये चीजें आम होती हैं कि वाहन सामान्यत: भाजपा उम्मीदवारों या उनके सहयोगियों का होता है, इन वीडियो को इकलौती घटना के तौर पर लिया जाता है और खारिज कर दिया जाता है। भाजपा अपनी मीडिया मशीनरी का इस्तेमाल कर उन लोगों को आरोपी बनाती है जिन्होंने इसका खुलासा किया होता है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि इस तरह की कई घटनाओं की सूचना दी जा रही है और उनके बारे में कुछ भी नहीं किया जा रहा है। चुनाव आयोग को इन शिकायतों पर निर्णायक रूप से कार्रवाई करने और सभी राष्ट्रीय दलों द्वारा ईवीएम पर गंभीर पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।’’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ईवीएम से जुड़ी जालसाजी हर तरफ देखने को मिलती है। असम में दूसरे चरण के मतदान के बाद भाजपा विधायक कृष्णेंद्रु पॉल की कार में ईवीएम मिली। क्या चुनाव आयोग को ईवीएम ले जाने के लिए भाजपा की जरूरत है?

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर चुनाव आयोग अब भी नहीं जागता है और खामोश बना रहा है या फिर ‘मिलीभगत’ करता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें: असम: आख़िर चुनाव आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में क्यों है?

Assam
Assam Elections
Assam EVM controversy
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License