NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत
इन धमाकों के कुछ घंटे पहले अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी जारी कर लोगों को 'आईएसआईएस-के' के ख़तरे के चलते हवाईअड्डे से दूर रहने को कहा। इसने बाद में इन विस्फोटों की जिम्मेदारी ली।
पीपल्स डिस्पैच
27 Aug 2021
काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत

अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे के पास गुरुवार 26 अगस्त को हुए दो विस्फोटों में क़रीब 90 लोग मारे गए और 150 से अधिक लोग घायल हो गए। इन विस्फोटों का दावा इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रांत (आईएसकेपीया आईएसएस-के) द्वारा किया गया था जो आईएसआईएस या आईएसआईएल की एक शाखा होने का भी दावा करता है।

मृतकों में 13 अमेरिकी सैनिक शामिल हैं जिन्हें पिछले 20 वर्षों में अमेरिकी सैनिकों के साथ काम करने वाले अमेरिकियों और अफगानियों के बाहर निकलने की निगरानी के लिए तैनात किया गया था। तालिबान ने यह भी दावा किया कि इन विस्फोटों में उसके कम से कम 28 सदस्य मारे गए।

गुरुवार के विस्फोटों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या अगस्त 2011 के बाद से दूसरी सबसे अधिक संख्या है जब चिनूक हेलीकॉप्टर पर हमले में इसके 30 सर्विस मेंबर मारे गए थे। अफगानिस्तान में पिछले 18 महीनों में यह पहली घटना है जिसमें अमेरिकी हताहत हुए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के अब्बे गेट के पास और इसके पास स्थित बैरन होटल के पास जमा लोगों के बीच ये धमाका हुआ। रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा कि कम से कम एक हमला आत्मघाती हमलावर ने किया था।

17 अगस्त को तालिबान के काबुल पर कब्ज़ा करने के बाद से सैकड़ों अफगानी और विदेशी नागरिक हवाई अड्डे पर इकट्ठा हुए हैं। ये हवाईअड्डा विभिन्न दूतावासों के कर्मचारियों से भी भरा हुआ है जिन्हें बंद कर दिया गया है।

अमेरिका ने निकासी प्रक्रिया में सहायता करने और हवाई अड्डे के प्रबंधन को नियंत्रित करने के लिए अपने लगभग 6,000 सैनिकों को तैनात किया है।

तालिबान ने दावा किया कि हवाईअड्डे के उस इलाके में विस्फोट हुए जो अमेरिकी नियंत्रण में था। इसके प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने यह भी कहा कि विस्फोटों के लिए जिम्मेदार लोग "दुष्ट समूह" (evil circles) हैं जिनके खिलाफ "कड़ी कार्रवाई" की जाएगी।

इन विस्फोटों के बाद नॉर्वे, कनाडा, बेल्जियम और अन्य देशों सहित कई देशों ने घोषणा की है कि अफगानिस्तान में उनकी निकासी प्रक्रिया समाप्त हो गई है। तुर्की ने भी अपने सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की जो पिछले छह वर्षों से हवाई अड्डे की रखवाली कर रहे थे।

इस विस्फोट के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यह कहते हुए बदला लेने का संकल्प लिया है कि, "मैं अपने कमांड में हर उपाय के साथ अपने लोगों के हितों की रक्षा करूंगा।" उन्होंने यह भी पुष्टि की कि निकासी प्रक्रिया जारी रहेगी और 31 अगस्त की समय सीमा के भीतर समाप्त हो जाएगी।

Afghanistan
TALIBAN
Kabul airport blast

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • पारस नाथ सिंह
    समझिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत सलाहकारी मंडल क्या है?
    22 Mar 2022
    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत तीन सदस्यों वाले सलाहकारी मंडल का गठन किया है, यहां "द लीफ़लेट" इसकी शक्तियों और हाल के सालों में इसके काम के इतिहास पर नज़र डाल रहा है।
  • जॉन पी रुएल
    यूक्रेन युद्ध से रूस-चीन के संबंधों में मिली नई दिशा
    22 Mar 2022
    यूक्रेन संकट से चीन और रूस के संबंधों में कुछ तनाव आ सकता है, लेकिन इसने दोनों देशों के बीच सहयोग को और भी ज़्यादा गहरा किया है।
  • अजय कुमार
    चुनाव ख़त्म; पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़े, जश्न नहीं मनाइएगा!
    22 Mar 2022
    137 दिनों के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम 80 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में भी 50 रुपए का इज़ाफ़ा हुआ है।
  • भाषा
    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में धामी का शपथ ग्रहण बुधवार को, प्रधानमंत्री भी होंगे शामिल
    22 Mar 2022
    हाल में घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा 70 में से 47 सीटों पर जीत हासिल कर दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ प्रदेश में लगातार दूसरी बार सत्ता में आई है।
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    विश्व जल दिवस : ग्राउंड वाटर की अनदेखी करती दुनिया और भारत
    22 Mar 2022
    विश्व का लगभग समस्त तरल स्वच्छ जल भूजल के रूप में ही है। जलवायु परिवर्तन ने इस भूजल पर संकट खड़ा किया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License