NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी में आंदोलनकारी किसानों पर हमला, कई की मौत, भारी तनाव, पुलिस बल तैनात
आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की गाड़ी से कुचलने से कई किसानों की मौत हो गई, जिसके बाद रविवार को वहाँ हिंसा भड़क गई। घटना की सूचना मिलने पर राकेश टिकैत समेत कई किसान नेता लखीमपुर पहुंच रहे हैं। विपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस्तीफ़े की मांग की है।
असद रिज़वी
03 Oct 2021
Attack on agitating farmers in Lakhimpur Kheri

राजधानी लखनऊ से 130 किलोमिटर दूर लखीमपुर खीरी में किसानों पर बर्बर हमला हुआ है। आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गाड़ी से कुचलने से कई किसानों की मौत हो गई, जिसके बाद रविवार को वहाँ हिंसा भड़क गई। किसान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और प्रदेश उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लखीमपुर आगमन पर विवादास्पद तीन कृषि क़ानूनों के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे थे।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मिश्रा, लखीमपुर खीरी तिकुनिया के “बनवीर” गाँव के दौरे पर आने वाले थे। गृह राज्यमंत्री के बनवीर पहुंचने की ख़बर से पहले,रविवार को हजारों किसानों ने महाराजा अग्रसेन खेल मैदान में बने “हेलीपैड” पर कब्जा कर लिया। केंद्रीय मंत्री के दौरे को लेकर उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी वहाँ आ रहे थे।

प्राप्त समाचार के उप मुख्यमंत्री मौर्य के दौरे में आंशिक परिवर्तन भी हुआ। हेलीपैड पर किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए वह “हेलीकॉप्टर” के बजाय सड़क के रास्ते कार से लखीमपुर पहुंचे। वहाँ उन्होंने वे वंदन गार्डेन में कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन तिकुनिया में किसान काले झंडे लेकर उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन के लिए तैयार थे। 

दोपहर बाद करीब  दो बजे उप मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का काफिला तिकुनिया के लिए रवाना हुआ।

भारतीय किसान यूनिन का आरोप है कि लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों को गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने गाड़ी से रौंदा जिसमें 3 किसानों की मौत हो गई है। लेकिन ये शुरुआती बयान है। इसके बाद कई तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं। कुछ मीडिया संस्थानों ने 6 और 8 लोगों की मौत की बात कही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

हालाँकि लखीमपुर के एक चिकित्सा अधिकारी ने पुष्टि की है इस घटना अब तक 2 लोगों के मौत की सूचना है। इसके अलावा एक किसान की हालत नाज़ुक है। वहीं बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे किसान घायल भी हुए हैं, जिनको स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चिकित्सा अधिकारी ने बताया की मृतक को अभी तक “पोस्टमार्टम” के लिए नहीं भेजा गया है। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के लिये संयुक्त किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का इंतज़ार हो रहा है। किसान संगठन का कहना है कि राकेश टिकैत भी ग़ाज़ीपुर से लखीमपुर खीरी के लिए निकल चुके हैं। 

इस हादसे के बाद शांतिपूर्ण चल रहा प्रदर्शन,हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों में वहाँ लगी भाजपा नेताओं की होर्डिंग फाड़ दीं और तीन गाड़ियों को आग लगा दी है। मौक़े पर भारी बवाल के बाद बड़ी संख्या में फ़ोर्स मौके पर मौजूद है। 

वहीं हिंसा होने में बाद उप-मुख्यमंत्री का केशव प्रसाद मौर्य का काफिला वापस हो गया है। बताया जा रहा है लखीमपुर खीरी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के दौरे के मद्देनजर किसानों का विरोध प्रदर्शन करने का इरादा था जिसकी जानकारी पुलिस प्रशासन व ख़ुफ़िया विभाग को भी थी। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन माहौल ख़राब होने से रोकने में नाकाम रहा है। मौक़े पर पर्याप्त पुलिस फोर्स की तैनाती नहीं की गई थी।

उल्लेखनीय है कि किसान तीन कृषि कानूनों के अलावा नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री  अजय मिश्रा के एक बयान से नाराज़ होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बता दें कि किसानों ने 26 सितंबर, को केंद्रीय राज्यमंत्री को लखीमपुर में संपूर्णानगर क्षेत्र में काले झंडे दिखाए थे, जब वह एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। जनसभा में मंत्री जी ने ख़ुद के विरोध की बात करते हुए खुले मंच से किसानों को कथित धमकी दी थी। 

प्रदर्शन करने वालों की तरफ़ इशारा करते हुए उन्होंने कहा था कि अगर हम गाड़ी से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। मंत्री ने धमकी भरे लहजे में कहा था कि “सुधर जाओ, नहीं तो सामना करो, वरना हम सुधार देंगे दो मिनट लगेंगे। विधायक-सांसद बनने से पहले से लोग मेरे विषय में जानते होंगे कि मैं चुनौती से भागता नहीं हूं।”

जब इस मामले की अधिक जानकारी के लिए स्थानीय पुलिस-प्रशासन से संपर्क किया तो उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। बताया जा रहा है की वह इंटरनेट सेवाओं को बंद किया जाने पर विचार भी हो रहा है।

इस मामले को लेकर यूपी की राजनीति में उबाल आ गया है और विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा “कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा,गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है। उप्र दंभी भाजपाइयों का ज़ुल्म अब और नहीं सहेगा। यही हाल रहा तो उप्र में भाजपा के लोग न तो गाड़ियों से चल पाएंगे न ही उतर पाएंगे।

अखिलेश में एक दूसरे ट्वीट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफ़े की माँग करते हुए लिखा की लखीमपुर खीरी में भाजपाइयों द्वारा गाड़ी से रौंदे जाने की घटना में गंभीर रूप से घायल किसान नेता श्री तेजिंदर सिंह विर्क जी से अभी थोड़ी बात हो पाई। उनकी अति गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराए। बस एक माँग मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दें।

कांग्रेस ने भी भाजपा को निशना बनाया है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के कहा है कि “भाजपा देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? यदि वे आवाज उठाएँगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर रौंद दोगे?” “बहुत हो चुका। ये किसानों का देश है, भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है।” किसान सत्याग्रह मजबूत होगा और किसान की आवाज और बुलंद होगी।

राष्ट्रीय लोक दल में जयंत चौधरी ने भी ट्विटर पर लिखा है, लखीमपुर खीरी से दिल दहलाने वाली खबरें आ रहीं हैं! केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का काफिला आंदोलनकारी किसानों पर चढ़ा दिया गया! दो किसानों की मौत हो गई और कई घायल हैं। विरोध को कुचलने का काला कृत्य जो किया है, साजिश जब गृह मंत्री रच रहे हैं, फिर कौन सुरक्षित है? 

सूचना है कि सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गाँधी या प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लखीमपुर पहुँच रहे हैं। अन्य विपक्षी नेताओं की भी सोमवार को वहां पहुंचने की संभावना है।

सभी फोटो- सज्जाद बाक़र 

(असद रिज़वी लखनऊ स्थित वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

Lakhimpur Kheri
farmers protest
Attack on Farmers
Union Minister Ashish Mishra
kisan andolan
Indian Farmers Union
Samyukt Kisan Morcha
rakesh tikait
UP police
Yogi Adityanath

Related Stories

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License