NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मिलादुन्नबी के जलूसों पर हुए हमले संघ परिवार की गहरी साजिश का हिस्सा : माकपा
"भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा फादर और चादर के नए शब्दों की उत्पत्ति ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा राज में अल्पसंख्यक समुदाय किस हद तक संघ परिवार के निशाने पर हैं।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Oct 2021
cpim

मध्यप्रदेश के कई शहरों धार, जबलपुर और बड़वानी में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकाले गए जुलूस के दौरान हिंसा हो गई और इसके बाद पुलिस के साथ झड़प और लाठीचार्ज की खबरें भी आईं।

इन सब जगहों पर ईद मिलादुन्नबी (मिलाद-उन-नबी भी कहते हैं) का जुलूस निकाला जा रहा था। सुबह सबसे पहले धार जिले में बवाल हुआ। यहां जुलूस निकाल रहे लोग और पुलिसबल आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच झड़प हो गई। लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की तो पुलिस ने भी लाठियां लेकर लोगों को खदेड़ा। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि पहले लोगों की तरफ से पत्थरबाजी हुई या पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज।

इस पूरे मसले को लेकर वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य इकाई ने एक बयाना जारी कर कहां कि मिलादुन्नबी के अवसर पर मध्य प्रदेश में एक साथ पांच शहरों में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के लिए प्रदेश की संघ नियत्रित भाजपा सरकार भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है। बल्कि धार में हुई हिंसा के वीडियो फुटेज देखने से तो साफ है कि पुलिस लाठीचार्ज में सिविल कपड़ों में संघ के कार्यकर्ता भी अल्पसंख्यकों पर लाठीचार्ज कर रहे थे।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा फादर और चादर के नए शब्दों की उत्पत्ति कर यह साबित कर दिया है कि भाजपा राज में अल्पसंख्यक समुदाय किस हद तक संघ परिवार के निशाने पर हैं।

माकपा नेता ने कहा है कि यह अचानक ही नहीं है कि आमतौर पर प्रदेश भर में शांति से मनाये जाने वाले त्यौहार पर एक साथ पांच जगह हमले होते हैं। बड़वानी में शाहपुर में शांतिपूर्ण जुलूस पर पत्थर फेंके जाते हैं और सेंधवा में जुलूस निकालने की अनुमति ही प्रशासन नहीं देता है। धार में एक अल्पसंख्यक युवक की दाढ़ी पकड़ कर पुलिस अधिकारी ही खींच रहा है। इतना ही नहीं खंडवा और जबलपुर में भी पुलिस प्रशासन अगर चौकसी बरतता तो इन अप्रिय घटनाओं से बचा जा सकता था।
 
जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह घटनायें संघ परिवार की ओर से बढ़ती महंगाई और केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता में पैदा हो रहे असंतोष से जनता का ध्यान हटाने और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने की साजिश का हिस्सा है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान को भी प्रदेश में 30 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ जोड़ कर देखा जाना चाहिए, मगर हैरत की बात यह है कि चुनाव आयोग भी इस आपत्तिजनक बयान पर संज्ञान नहीं ले रहा है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने पवित्र त्यौहार पर हुए हमलों और हमलों के बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय के नागरिकों पर ही पुलिस की कार्यवाही दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं निंदनीय भी है। पार्टी सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को प्रदेश के साम्प्रदायिक सद्भाव को बचाने और अल्पसंख्यक समुदाय के नागरिकों को रिहा करने की मांग को लेकर आंदोलित होने का आह्वान किया है।

Eid Milad-Un-Nabi
CPIM
BJP
attacks of minorities

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी
    04 Mar 2022
    विगत 23 फ़रवरी से झारखंड राज्य एकीकृत पोषण सखी संघ के आह्वान पर प्रदेश की पोषण सखी कार्यकर्ताएं विधान सभा के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हुई हैं।
  • health sector in up
    राज कुमार
    यूपी चुनाव : माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य की हर तरह से अनदेखी
    04 Mar 2022
    देश में डिलीवरी के दौरान मातृ मृत्यु दर 113 है। जबकि उत्तर प्रदेश में यही आंकड़ा देश की औसत दर से कहीं ज़्यादा 197 है। मातृ मृत्यु दर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
  • Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : मिर्ज़ापुर के ग़रीबों में है किडनी स्टोन की बड़ी समस्या
    04 Mar 2022
    जिले में किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामले बहुत अधिक हैं, और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते पहले से ही दुखी लोगों की आर्थिक स्थिति ओर ख़राब हो रही है।
  • workers
    अजय कुमार
    सरकार की रणनीति है कि बेरोज़गारी का हल डॉक्टर बनाकर नहीं बल्कि मज़दूर बनाकर निकाला जाए!
    04 Mar 2022
    मंदिर मस्जिद के झगड़े में उलझी जनता की बेरोज़गारी डॉक्टर बनाकर नहीं, बल्कि मनरेगा जैसी योजनाएं बनाकर हल की जाती हैं।
  • manipur election
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र
    03 Mar 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकारा भाषा सिंह ने बातचीत की ह्यूमन राइट्स अलर्ट के बबलू लोइतोंगबन से। आप भी सुनिए मणिपुर के राजनीतिक माहौल में मानवाधिकारों पर छाए ख़ौफ़ के साये के बारे में बेबाक बातचीत।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License