NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
बीच बहस :  कोरोना काल में 32 सेकंड का शुभ मुहूर्त!
जब हम कोरोना संक्रमण के नये मामलों में दुनिया में नंबर वन पर पहुंच गए हों, जब कोरोना मरीज़ मिलने की दर फिर बढ़ गई हो तो ऐसे में कैसा शुभ मुहूर्त, कौन सा शुभ मुहूर्त। और सवाल ये भी कि जब बाबरी मस्जिद तोड़ते समय मुहूर्त नहीं देखा तो मंदिर बनाते समय क्या देखना!
मुकुल सरल
04 Aug 2020
 मंदिर
image courtesy :The Financial Express

अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के लिए सोमवार से अनुष्ठान शुरू हो चुका है और बुधवार 5 अगस्त को निर्धारित शुभ मुहूर्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों द्वारा मुख्य पूजन और शिलान्यास किया जाएगा। यह शुभ मुहूर्त मात्र 32 सेकंड का है, जो दोपहर 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड से शुरू होगा और 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकंड तक रहेगा।

विश्वास-अंधविश्वास से अलग इस शुभ मुहूर्त पर तीन तरह से विचार किया जा सकता है

1.       भगवान के लिए शुभ मुहूर्त की क्या ज़रूरत !

2.       कोरोना काल में कैसा शुभ मुहूर्त !

3.       और जब बाबरी मस्जिद तोड़ते समय मुहूर्त नहीं देखा तो मंदिर बनाते समय क्या देखना !

विश्वास-अंधविश्वास की बहस को अलग इसलिए रखा क्योंकि ये सरकार तो हर अंधविश्वास को विश्वास ही मानती है और यही उसकी आधिकारिक नीति बन गई है। जब प्रधानमंत्री गणेशजी को प्लास्टिक सर्जरी की मिसाल मान चुके हों, जब विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री मास इनर्जी इक्वीवैलेंस का संबंध वेदों से बता चुके हों, जब मुख्यमंत्री महाभारत काल में भी इंटरनेट होना बता चुके हैं, जब रक्षामंत्री फ्रांस से खरीदे गए लड़ाकू विमान रफ़ाल की भी धार्मिक प्रतीक चिह्नों के साथ नींबू रखकर पूजा कर चुके हैं, और यही नहीं जब ताली-थाली और घंटा बज़ाकर कोरोना वायरस को भगाया जा चुका हो, बत्ती बुझाकर दीये की गर्मी से कोरोना वायरस को जलाया जा चुका हो तब विश्वास-अंधविश्वास पर बहस का कोई मतलब नहीं रहता।

ख़ैर इससे आगे बढ़ते हैं और पूछते हैं कि क्या भगवान के लिए भी शुभ मुहूर्त की ज़रूरत है? क्या भगवान के पूजन या उनका मंदिर बनाने के लिए कोई पत्री-पंचांग, कोई शुभ मुहूर्त देखने की ज़रूरत है। इसे दो तरह से समझा जा सकता है। आस्थावानों के मुताबिक जिस पल भगवान का नाम ज़बान पर आ जाए वही पल शुभ मुहूर्त है। इसी तरह जिस घड़ी मंदिर का शिलान्यास हो जाए, वही घड़ी सबसे शुभ मुहूर्त है। यानी भगवान के नाम या पूजन के लिए किसी घड़ी की तरफ़ देखने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

इसी आस्था का दूसरा पहलू यह है कि अगर आप भगवान को मानते हैं तो ये भी मानते होंगे कि ये सारी सृष्टि भगवान ने ही बनाई है। ये दिन-रात उसी का करिश्मा हैं। ये 24 घंटें, ये आठों पहर उसी के हैं, उसी के बनाए, उसी के लिए हैं। तो फिर इसमें शुभ-अशुभ क्या!

मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली का दोहा है-

                                                   सातों दिन भगवान के, क्या मंगल क्या पीर

                                                   जिस दिन सोये देर तक भूखा रहे फ़क़ीर

और यहीं तीसरा सवाल भी पूछ लेते हैं कि जब बाबरी मस्जिद तोड़ते समय मुहूर्त नहीं देखा तो मंदिर बनाते समय क्या देखना! जी हां, जब उस समय की कल्याण सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोलकर, झूठी शपथ लेकर बाबरी मस्जिद गिरवा दी, जब भजन-कीर्तन के नाम पर कथित हिन्दुत्ववादियों ने, ‘कार सेवकों’ ने बाबरी मस्जिद पर हमला बोलकर उसे गिरा दिया, तब तो कोई 32 सेकंड, 64 सेकंड का मुहूर्त नहीं था, तब तो जैसे मौका मिला कार सेवक दौड़ लिए मस्जिद की ओर कुदाल-फावड़े-हथौड़े लिए। क्या तब भी वहां मंच पर मौजूद अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, अशोक सिंघल, उमा भारती, विनय कटियार इत्यादि ने ‘कार सेवकों’ से कहा था कि दो मिनट रुकिए, शुभ मुहूर्त आने दीजिए....।

ख़ैर, हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है हमारा दूसरा सवाल कि कोरोना काल में कैसा शुभ मुहूर्त!

जब केंद्रीय गृहमंत्री से लेकर देश में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री तक कोरोना की चेपट में हैं। यूपी की एक कैबिनेट मंत्री की जान तक जा चुकी है।

जब देश में पिछले करीब एक सप्ताह से रोज़ाना 50-55 हज़ार की रफ़्तार से संक्रमण बढ़ रहा हो, जब शुभ मुहूर्त से पहले हम कोरोना संक्रमण के नये मामलों में दुनिया में नंबर वन पर पहुंच गए हों, जब कोरोना मरीज़ मिलने की दर फिर बढ़ गई हो तो ऐसे में कैसा शुभ मुहूर्त, कौन सा शुभ मुहूर्त।

इसे पढ़ें : गृहमंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ कुछ ज़रूरी सवाल

आपसे में कुछ आस्थावान कहेंगे कि राम मंदिर का शिलान्यास शुरू होते ही कोरोना का अंत शुरू हो जाएगा, तो उन्हें जान लेना चाहिए कि पिछले 30 साल में राम मंदिर का ये दूसरी बार शिलान्यास हो रहा है। और ये भी जान लेना चाहिए कि रामलला के एक मुख्य पुजारी समेत वहां सुरक्षा में तैनात कई कर्मचारियों को कोरोना हो चुका है। और अभी अगर आप और जांच करेंगे तो आपको असलियत पता चल जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार, 4 अगस्त को जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना के 52,050 नए मामले सामने आए हैं। नए मामलों में भारत आज दूसरे दिन पहले नंबर पर है। सबसे बुरी हालत वाले अमेरिका में भी इस दौरान कुल 45,585 मामले और  ब्राजील में 16,641 मामले सामने आए।

india.PNG

भारत में इसी 24 घंटे में कोरोना से 803 मरीज़ों की मौत हुई है। देश भर में अब कुल संक्रमित मरीज़ों की संख्या 18,55,745 हो गयी है। इनमें सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 5,86,298 हो गयी है। कोरोना मरीज़ मिलने की दर ने भी चिंता खड़ी कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के ही मुताबिक तीन दिन पहले जहां 100 टेस्ट करने पर 9 से कम मरीज़ मिल रहे थे वहीं अब करीब 14 मरीज़ मिल रहे हैं।

ऐसे संकट की घड़ी में हमारे लिए तो वही शुभ दिन और शुभ मुहूर्त होगा जब कोरोना के मामले बढ़ने की बजाय घटने लगेंगे

हमारे लिए तो वही शुभ दिन और शुभ मुहूर्त होगा जब हर मरीज़ को उचित इलाज मिलने लगेगा

हमारे लिए तो वही शुभ मुहूर्त होगा जिस दिन कोरोना वायरस से लड़ने का टीका ईजाद हो जाएगा। दवा-वैक्सीन हर ग़रीब तक पहुंच जाएगी

हमारे लिए तो शुभ मुहूर्त वही होगा जिस दिन लोगों को अपनी खोई हुई नौकरी वापस मिल जाएगी

हमारे लिए तो शुभ मुहूर्त वही होगा जिस दिन लाखों-करोड़ों बेरोज़गारों के लिए रोज़गार का इंतज़ाम हो जाएगा

कुल मिलाकर आपकी नोटबंदी, अनियोजित लॉकडाउन और दूसरे फ़ैसलों ने देश में जितनी बर्बादी फैलाई है जिस दिन उसकी भरपाई हो सकेगी, हमारे लिए तो वही शुभ दिन और शुभ मुहूर्त होगा।

Coronavirus
COVID-19
Corona in India
Corona cases
ayodhya
Ram Mandir
Bhoomi Poojan
Ram Janam bhoomi
BJP
RSS
modi sarkar
Pandemic Coronavirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • SFI PROTEST
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
    09 Feb 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौत दी।
  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License