NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया : महामारी की दहशत के बीच सांसदों ने असांज की रिहाई की मांग की
असांज समर्थक संसदीय संगठन के सांसदों ने यूके की जेलों में कोरोना फैलने के डर से बेलमार्श से असांज की रिहाई की मांग की है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Apr 2020
Julian Assange

ऑस्ट्रेलिया के दो सांसद एंड्रू विल्की और जॉर्ज क्रिस्टेंसन ने 9 अप्रैल को ब्रिटिश हाउस ऑफ़ कॉमंस और सरकार को असांज की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए ख़त लिखा है। विल्की और क्रिस्टेंसन दोनों ही असांज के गृह संसदीय संगठन के को-चेयर हैं और कई महीनों से विकिलीक्स संस्थापक की रिहाई की मांग करते रहे हैं।

यह ख़त यूके हाउस ऑफ़ कॉमंस कमेटी के चेयर बॉब नील और बोरिस जॉनसन कैबिनेट के रोबर्ट बकलैंड को लिखा गया था, और असांज की रिहाई की मांग की गई थी जो ऑस्ट्रेलिया के नागरिक हैं। ख़त में आसंज की 'सहानुभूतिशील रिहाई' की मांग की गई है और कहा गया कि आसंज डबल्यूएचओ के दिशानिर्देशों के अनुसार रिहाई के लिए एकदम मुनासिब हैं।

ख़त में कहा गया है कि असांज न्यायिक रिमांड के तहत जेल में हैं, हिंसा का कोई इतिहास नहीं है, वह समुदाय के लिए किसी भी तरह का ख़तरा नहीं है, और उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएँ हैं जो कोरोना वायरस संक्रमण को घातक बना सकती हैं। सांसदों के अनुसार मानवीय आधार पर जल्द रिहाई के लिए यह पर्याप्त आधार हैं।

डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी एक एडवाइज़री में कहा गया था कि पुराने कैदियों और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं वाले कैदियों को, न्यायिक हिरासत के तहत, और/या ग़ैर-हिंसक अपराधों के लिए मानवीय आधार पर क़ैद की सज़ा जारी की जानी चाहिए। दुनिया भर की सरकारों ने भीड़भाड़ वाली जेलों में कोरोना फैलने से बचने के लिए सशर्त रिहाई या क़ैदियों की जल्द रिहाई की है।

यूनाइटेड किंगडम जहाँ 61,000 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, वहाँ अभी जेल में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए एक योजना की ज़रूरत है, वहाँ क़ैदियों की जल्द रिहाई की मांग भी नहीं मानी जा रही है। यूके में 80,000 क़ैदी जेल में बंद हैं। एक स्टडी के मुताबिक़ अगर संक्रमण फैलता है तो क़रीब 800 मौतें होने की आशंका है। कोरोना वायरस की वजह से पहली मौत 26 मार्च को हुई थी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

australia
Julian Assange
Julian Assange bail
Australian MPs
United kingdom

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों चर्चा के केंद्र में क्यों है सेक्स एजुकेशन?

2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है

जूलियन असांज का न्यायिक अपहरण


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License