NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलियाः हिरासत में चौथी मौत के बाद आदिवासी अधिकार समूह ने चिंता जताई
आदिवासी अधिकारों के पैरोकारों ने हाल में हुए हिरासत में मौतों को लेकर निंदा की है। ये घटना इस बात का संकेत है कि देश के कानून प्रवर्तन में "कुछ बड़ी नाइंसाफी है"।
पीपल्स डिस्पैच
25 Mar 2021
ऑस्ट्रेलियाः हिरासत में चौथी मौत के बाद आदिवासी अधिकार समूह ने चिंता जताई

ऑस्ट्रेलियाई प्रांत न्यू साउथ वेल्स में हिरासत में मौत के नए मामले सामने आने के बाद आदिवासी अधिकार समूहों और आपराधिक न्याय सुधारों की मांग तेज हो गई है। गुरुवार 25 मार्च को आदिवासी कानूनी सेवा (एएलएस) के न्यू साउथ वेल्स और ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र शाखा ने 37 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति एंज़ाक सुलिवन की मृत्यु की पुष्टि की।

एएलएस द्वारा जारी बयान के अनुसार न्यू साउथ वेल्स के बरकिंडजी ट्राइब से संबंध रखने वाले सुलिवन को 18 मार्च को पुलिस के पीछा करने के दौरान एनएसडब्ल्यू के ब्रोकन हिल शहर में मार दिया गया था। इस महीने की शुरुआत में आस्ट्रेलियाई आदिवासी अन्य तीन लोगों की हिरासत में मौत का मामला सामने आने के बाद ये मामला सामने आया।

सुलिवन से पहले मरने वाले तीनों व्यक्तियों की मौत जेल में रहते हुए हो गई। करीब तीस वर्षीय एक पुरुष और पचास वर्षीय एक महिला की मौत की सूचना इस महीने की शुरुआत में संसद में उस समय सामने आई थी जब कॉरेक्टिव सर्विस एनएसडब्ल्यू के कमीशनर पीटर सेवेरिन से 9मार्च को बजट की सुनवाई के दौरान सवाल पूछा गया था।

सेवेरिन ने स्वीकार किया कि अधिकारियों ने इन मौतों को सार्वजनिक करना इसलिए नहीं चाहा कि कथित तौर पर यह "बहुत अधिक क्रोध, बहुत अधिक चिंता और बहुत दुःख का कारण नहीं है।" दूसरी ओर एएलएस जो कि इस मौत के बारे में जानकारी देने वाला एकमात्र गैर-सरकारी संस्था था वह अधिक पारदर्शिता और इन मौतों की उचित जांच का आह्वान करता रहा है।

एनएसडब्ल्यू में दो मौतों के कुछ ही दिनों बाद विक्टोरिया की राज्य सरकार ने 11 मार्च को तीसरे मामले की घोषणा की। एएलएस ने जेल व्यवस्था और कानून प्रवर्तन में पारदर्शिता और तत्काल सुधारों के लिए अपनी मांग को दोहराई। सुलिवन की मौत की खबर के बाद एएलएस ने एक बार फिर इस मांग को दोहराया है।

इस संगठन के अनुसार अप्रैल 1991 में हिरासत में आदिवासी लोगों की मौत को लेकर रॉयल कमीशन की रिपोर्ट में सिफारिश किए किए 339 सुधारों को आपराधिक न्याय प्रणाली इनमें से अधिकांश सुधारों को लागू करने में विफल रही है। एएलएस ने आदिवासी आस्ट्रेलियाई लोगों की हिरासत में 500 से अधिक मौतों का दस्तावेज तैयार भी किया है। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए एएलएस ने सरकार से तत्काल स्वतंत्र जांच शुरू करने की भी मांग की है।

australia
tribal rights
Tribal legal service

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

जम्मू में जनजातीय परिवारों के घर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन 

ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों चर्चा के केंद्र में क्यों है सेक्स एजुकेशन?

2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल

कोरबा : रोज़गार की मांग को लेकर एक माह से भू-विस्थापितों का धरना जारी

आकुस के बहाने अमेरिका चीन ही नहीं, दुनिया को डाल रहा ख़तरे में

AUKUS पर हंगामा कोई शिक्षाप्रद नज़ारा नहीं है

चीन ने यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन को "शीत युद्ध मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह" का प्रदर्शन बताया


बाकी खबरें

  • अखिल गोगोई
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    असम: अखिल गोगोई को एनआईए अदालत ने यूएपीए के तहत सभी आरोपों से किया बरी,जल्द हो सकती है रिहाई
    01 Jul 2021
    किसान नेता और नवनिर्वाचित विधायक अखिल गोगोई  सीएए विरोधी प्रदर्शनों में  शामिल होने की वजह से एनआईए ने  2019 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, तब से वो जेल में ही थे।
  • Ramesh Taurani
    भाषा
    गुलशन कुमार हत्याकांड: अदालत ने निर्माता रमेश तौरानी को बरी करने का फैसला रखा बरकरार
    01 Jul 2021
    न्यायमूर्ति एसएस जाधव और न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की एक खंडपीठ ने मामले में अन्य आरोपी रऊफ के भाई अब्दुल रशीद मर्चेंट को बरी किए जाने का निचली अदालत का फैसला निरस्त कर दिया। पीठ ने इस मामले में अब्दुल…
  • अब ज़रूरी है कि LGBTQIA+ समुदाय के हाथों में कुछ ताक़त दी जाए
    इंद्र शेखर सिंह
    अब ज़रूरी है कि LGBTQIA+ समुदाय के हाथों में कुछ ताक़त दी जाए
    01 Jul 2021
    सकारात्मक कार्रवाई के ज़रिये इंसाफ़ की एक खिड़की खुल सकती है। लेकिन यह खिड़की काफ़ी लंबे वक़्त से बंद है।
  • चीन ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह मनाई
    पीपल्स डिस्पैच
    चीन ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह मनाई
    01 Jul 2021
    पिछले साल से चल रहे इस समारोह में सीपीसी की उपलब्धियों को उजागर किया गया है, जो चीन को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और एक तकनीकी महाशक्ति बनने के लिए सामंतवाद, औपनिवेशिक कब्जे, गरीबी और कई…
  • वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री
    पीपल्स डिस्पैच
    वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री
    01 Jul 2021
    यह घोषणा इस महीने हाल ही में संपन्न विधायी चुनावों के बाद हुई है जिसमें कोई भी पार्टी बहुमत हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाई।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License