NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलियाई सीनेट ने मर्डोक के मीडिया एकाधिकार की जांच शुरू की
पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड द्वारा ऑस्ट्रेलिया में मर्डोक मीडिया एकाधिकार की जांच के लिए पेश किए गए याचिका के कुछ दिनों बाद सीनेट की जांच की घोषणा की गई जिसमें आधे मिलियन लोगों ने हस्ताक्षर किए।
पीपल्स डिस्पैच
13 Nov 2020
ऑस्ट्रेलियाई सीनेट ने मर्डोक के मीडिया एकाधिकार की जांच शुरू की

बुधवार 11 नवंबर को ऑस्ट्रेलियाई सीनेट ने रूपर्ट मर्डोक न्यूज कॉर्प (Rupert Murdoch’s News Corp) द्वारा आयोजित मीडिया मोनोपोली की जांच के पक्ष में वोट किया। जांच करने के इस प्रस्ताव को ग्रीन पार्टी के सीनेटर सारा हैनसन-यंग द्वारा प्रस्तावित किया गया था और अन्य विपक्षी समूह के समर्थन से पारित किया गया। हैनसन-यंग ने ट्विटर पर सीनेट के इस फैसले की घोषणा की। भले ही लिबरल-नेशनल गठबंधन के रूढ़िवादी सत्तासीन गुट ने विरोध नहीं किया लेकिन उनके पास इस फैसले को रोकने के लिए उपयुक्त संख्या नहीं थे।

ये क़दम पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड की एक याचिका के एक हफ्ते से कम समय में उठाया गया है जिसने पूरे ऑस्ट्रेलिया के आधे मिलियन से अधिक हस्ताक्षरकर्ताओं को आकर्षित किया। सीनेट द्वारा लायी गई इस जांच में मर्डोक या न्यूज़कॉर्प का उल्लेख नहीं है लेकिन मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया में एकाधिकार पर केंद्रित है कि वे देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करते हैं और वह चुनौतियां जिसे यह सार्वजनिक प्रसारकों और डिजिटल मीडिया समूह के लिए बनता है।

गार्डियन ऑस्ट्रेलिया से बात करते हुए हैनसन-यंग ने कहा कि "गठबंधन सरकार और न्यूज कॉर्प के बीच मधुर संबंध की जांच होनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हमारे पास लोकतंत्र की मदद करने के लिए एक मजबूत और स्वतंत्र जनहित समाचार उद्योग हो।"

इस याचिका को पेश करते हुए रुड ने कहा कि "मर्डोक कैंसर बन गया है- हमारे लोकतंत्र पर एक अहंकारी कैंसर।" इस याचिका में ऑस्ट्रेलिया में प्रिंट मीडिया को लेकर वर्चुअल एकाधिकार रखने वाले मर्डोक-नियंत्रित मीडिया की जांच करने के लिए रॉयल कमीशन का मांग किया गया। इस याचिका में न्यूज कॉर्प की "फ्री स्पीच" और "पब्लिक डिबेट" को नज़रअंदाज़ करने के ख़तरनाक प्रभाव डालने के प्रेस मोनोपोली का भी आरोप लगाया गया। इसमें हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व कंजर्वेटिव सांसदों सहित पूर्व कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल भी शामिल थे।

भले ही रुड के खुद की लेबर पार्टी के नेतृत्व ने याचिका को पेश करने और संसद में रॉयल कमीशन की मांग का समर्थन करने में संकोच किया लेकिन ग्रीन पार्टी ने इस याचिका की मांगों को आगे बढ़ाने का जिम्मा लिया। लेबर पार्टी ने फिर भी सीनेट की जांच के लिए ग्रीन पार्टी के फैसले का समर्थन किया।

न्यूज़ कॉर्प कई अरब वाला अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह है जिसका मुख्यधारा के मीडिया की दर्शकों की संख्या पर नियंत्रण है और ऑस्ट्रेलिया के अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा में बड़ा कंजर्वेटिव और सेंटर-राइट समाचार पत्र का संचालन करता है।

australia
Australian Senate
Rupert Murdoch’s News Corp
Kevin Rudd

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों चर्चा के केंद्र में क्यों है सेक्स एजुकेशन?

2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल

आकुस के बहाने अमेरिका चीन ही नहीं, दुनिया को डाल रहा ख़तरे में

AUKUS पर हंगामा कोई शिक्षाप्रद नज़ारा नहीं है

चीन ने यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन को "शीत युद्ध मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह" का प्रदर्शन बताया

जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के आदिवासी समूहों के सम्मेलन में क्या कहा गया?

ऑस्ट्रेलियाः हिरासत में चौथी मौत के बाद आदिवासी अधिकार समूह ने चिंता जताई


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License