NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनियों और बीडीएस के समर्थन में इज़रायल के पुरस्कार को अस्वीकार करने का ऑस्ट्रेलियाई इतिहासकार से आग्रह
इस पत्र में वर्षों से अपने कब्जे में इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीनियों से भेदभावपूर्ण और नस्लवादी व्यवहार का हवाला दिया गया है। इसमें हाल ही में इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीनियों को कोरोना वायरस के टीके न देने के निर्णय का भी ज़िक्र किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Feb 2021
फ़िलिस्तीनियों और बीडीएस के समर्थन में इज़रायल के पुरस्कार को अस्वीकार करने का ऑस्ट्रेलियाई इतिहासकार से आग्रह

करीब 250 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविदों ने प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई इतिहासकार एलिसन बैशफ़ोर्ड से अपील करते हुए कहा है कि वे इजरायल के पुरस्कार को अस्वीकार करें। ये पुरस्कार "इजरायल की औपनिवेशिक हिंसा और नस्लभेद को वैध और सामान्य बना" देगा। ये रिपोर्ट मिड्ल ईस्ट आई ने गुरुवार 25 फरवरी को प्रकाशित किया।

एक खुले पत्र में अमेरिका, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षाविदों ने "इजरायल द्वारा फिलिस्तीन की स्वास्थ्य तंत्रों को कमजोर करने और व्यवस्थित रूप से फिलिस्तीनियों को मेडिकल केयर से वंचित करने पर" भी प्रकाश डाला है और यूनिवर्सिटी ऑप न्यू साउथ वेल्स लॉरिएट प्रोफेसर ऑफ हिस्ट्री की ऑस्ट्रेलियाई इतिहासकार एलिसन बैशफोर्ड से कहा है कि बीडीएस (बॉयकॉट, डायवेस्टमेंट, सैंक्शन) मूवमेंट के मद्देनजर पुरस्कार लेने से इंकार कर दें। बीडीएस मूवमेंट का अंतर्राष्ट्रीय अभियान फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इजरायल के कब्जे को समाप्त करने के लिए दबाव डालने का प्रयास करता है। बैशफोर्ड के साथ अन्य विद्वानों को ये पुरस्कार दिया जाना है। बैशफोर्ड सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास पर शोध करती हैं।

इस पत्र में इजरायल के कब्जे के अन्य पहलुओं पर चर्चा की गई है। इसमें नियमित रूप से फिलिस्तीनियों पर अत्याचार करने और उन्हें दबाने के लिए गैरकानूनी, अमानवीय इजरायली कार्रवाइयों पर चर्चा की गई है। इसमें इस बात पर भी चर्चा की गई है कि फिलिस्तीनियों के लिए मेडिकल केयर का इस्तेमाल इजरायल कैसे करता है। इजरायल अपने कब्जे में रहने वाले लोगों को मेडिकल केयर मुहैया कराने के लिए बाध्य है। यह भी चर्चा की गई है कि फिलिस्तीनियों को अपने परिवार के सदस्यों के लिए इलाज कराने के लिए इजरायल जाने की परमिट के बदले में फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायली इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ गुप्त रुप से सहयोग शुरु करने के लिए फिलिस्तीनियों पर दबाव डालने और ब्लैकमेल करने के एक टूल के रुप में इसका कैसे इस्तेमाल किया जाता है।

Palestine
BDS
australian historian
Human Rights

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License