NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अवीक सरकार बने पीटीआई के नये चेयरमैन
‘आनंद बाजार समूह’ के मुख्य संपादक के तौर पर सरकार समूह के प्रकाशनों में हुए बदलाव के कारण रहे। समूह के प्रकाशनों में बांग्ला दैनिक ‘आनंदबाजार पत्रिका’ और अंग्रैजी दैनिक ‘द टेलीग्राफ’ शामिल हैं जिनका संपादन उन्होंने खुद किया है।
भाषा
31 Aug 2020
अवीक सरकार

नयी दिल्ली: आनंद बाजार प्रकाशन समूह के एडिटर एमेरिटस एवं उपाध्यक्ष अवीक सरकार को देश की प्रमुख समाचार एजेंसी, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) का चेयरमैन चुना गया है।

सरकार के चुने जाने की पुष्टि पीटीआई के निदेशक मंडल ने शनिवार को अपनी बैठक में की। वह पंजाब केसरी समाचार-पत्र समूह के प्रधान संपादक, विजय कुमार चोपड़ा की जगह लेंगे।

सरकार (75) ने बतौर पत्रकार अपना प्रशिक्षण विद्यार्थी रहने के दौरान ही शुरू कर दिया था। तब उन्होंने महज स्कूली शिक्षा पूरी की थी। कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद वह ब्रिटेन गए जहां उन्होंने ‘द संडे टाइम्स’ के दिग्गज संपादक, सर हैरोल्ड ईवान्स के मातहत काम किया। उन्हें पत्रकारिता का प्रशिक्षण डिजाइन में एडविन टेलर से और उप-संपादन में इयान जैक जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों से मिला।

‘आनंद बाजार समूह’ के मुख्य संपादक के तौर पर सरकार समूह के प्रकाशनों में हुए बदलाव के कारण रहे। समूह के प्रकाशनों में बांग्ला दैनिक ‘आनंदबाजार पत्रिका’ और अंग्रैजी दैनिक ‘द टेलीग्राफ’ शामिल हैं जिनका संपादन उन्होंने खुद किया है।

इसके अलावा, कोलकाता स्थित यह समूह विभिन्न भाषाओं में छह टीवी समाचार चैनलों का भी संचालन करता है जिनमें सबसे प्रमुख हिंदी भाषा का एबीपी न्यूज है। यह समूह कई पत्रिकाएं भी प्रकाशित करता है।

सरकार की दिलचस्पी कई विषयों में है। किताबों, भोजन, शराब (वाइन) और कला से उन्हें सबसे ज्यादा लगाव है। फिटनेस को लेकर उन्हें जुनून है और हर दिन वह करीब दो घंटे योग, भारोत्तोलन और रोइंग (नौकायन) को देते हैं। वह 10 साल तक रोयल कलकत्ता गोल्फ क्लब (आरसीजीसी) के कैप्टन रहे हैं।

वह पेंगुइन इंडिया के संस्थापक प्रबंध निदेशक, बिजनेस स्टैंडर्ड के संस्थापक संपादक रहे हैं और 2003 में एबीपी समूह द्वारा स्टार न्यूज की खरीदारी में उनकी अहम भूमिका रही है।

सरकार और चोपड़ा के अलावा, पीटीआई बोर्ड के सदस्यों में विनीत जैन (टाइम्स ऑफ इंडिया), एन रवि (द हिंदू), विवेक गोयनका (एक्सप्रेस ग्रुप), महेंद्र मोहन गुप्ता (दैनिक जागरण), के एन शांत कुमार (डेक्कन हेराल्ड), रियाद मैथ्यू (मलयालयम मनोरमा), एम वी श्रेयम्सकुमार (मातृभूमि), आर लक्ष्मीपति (दिनामलार), होरमूसजी एन कामा (बॉम्बे समाचार), प्रवीण सोमेश्वर (हिंदुस्तान टाइम्स), जस्टिस आर सी लाहोती, दीपक नय्यर, श्याम सरन और जे एफ पोचखानवाला शामिल हैं।

Aveek Sarkar
PTI
PTI New Chairman

Related Stories

ट्रस्ट और राष्ट्र के बीच प्रेस

मोदी सरकार ने लगाया समाचार एजेंसी 'पीटीआई' पर 84.4 करोड़ रुपये का जुर्माना

PTI पर राष्ट्र-विरोधी रिपोर्टिंग का आरोप और तमिलनाडु में पुलिस टॉर्चर

आख़िर प्रसार भारती पीटीआई से ख़फ़ा क्यों है?

पीटीआई ने करीब 300 की छटनी की


बाकी खबरें

  • भाषा
    चारा घोटाला: झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत दी
    22 Apr 2022
    लालू प्रसाद के खिलाफ रांची में चारा घोटाले का यह अंतिम मामला था और अब उनके खिलाफ पटना में ही चारा घोटाले के मामले विचाराधीन रह गये हैं। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में…
  • अजय कुमार
    जहांगीरपुरी में चला बुल्डोज़र क़ानून के राज की बर्बादी की निशानी है
    22 Apr 2022
    बिना पक्षकार को सुने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कानून द्वारा निर्धारित यथोचित प्रक्रिया को अपनाए बिना किसी तरह के डिमोलिशन की करवाई करना अन्याय है। इस तरह के डिमोलिशन संविधान के अनुच्छेद…
  • लाल बहादुर सिंह
    संकट की घड़ी: मुस्लिम-विरोधी नफ़रती हिंसा और संविधान-विरोधी बुलडोज़र न्याय
    22 Apr 2022
    इसका मुकाबला न हिन्दू बनाम हिंदुत्व से हो सकता, न ही जातियों के जोड़ गणित से, न केवल आर्थिक, मुद्दा आधारित अर्थवादी लड़ाइयों से। न ही महज़ चुनावी जोड़ तोड़ और एंटी-इनकंबेंसी के भरोसे इन्हें परास्त किया…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: पंचायत चुनावों को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला
    22 Apr 2022
    कई आदिवासी संगठन पंचायती चुनावों पर रोक लगाने की मांग को लेकर राजभवन पर लगातार धरना दे रहें हैं। 
  • अनिल जैन
    मुद्दा: हमारी न्यायपालिका की सख़्ती और उदारता की कसौटी क्या है?
    22 Apr 2022
    कुछ विशेष और विशिष्ट मामलों में हमारी अदालतें बेहद नरमी दिखा रही हैं, लेकिन कुछ मामलों में बेहद सख़्त नज़र आती हैं। उच्च अदालतों का यह रुख महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और दूसरे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License