NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या मामला : पुनर्विचार के लिये न्यायालय में चार नई याचिकायें
इस विवाद के मूल वादकारियों में शामिल एम सिद्दीक़ के वारिस और उप्र जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने पहली पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2019
SC

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में उच्चतम न्यायालय के नौ नवंबर के फ़ैसले पर पुनर्विचार के लिये शुक्रवार को चार नई याचिकायें दायर की गई हैं। इस फ़ैसले में न्यायालय ने अयोध्या में 2.77 एकड़ के विवादित भूखंड पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था।

शीर्ष अदालत में ये पुनर्विचार याचिकायें मौलाना मुफ़्ती हसबुल्ला, मोहम्मद उमर, मौलाना महफ़ूज़ुर रहमान और मिसबाहुद्दीन ने दायर की हैं। ये सभी पहले मुक़दमे में पक्षकार थे।

इससे पहले, दो दिसंबर को इस विवाद के मूल वादकारियों में शामिल एम सिद्दीक़ के वारिस और उप्र जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने पहली पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्होंने कहा है कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का निर्देश देकर ही इस प्रकरण में ‘पूरा न्याय’ हो सकता है।

आपको बता दें कि नौ नवंबर को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने सर्वसम्मति के फ़ैसले में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि की डिक्री ‘राम लला विराजमान’ के पक्ष में की थी और अयोध्या में ही एक प्रमुख स्थान पर मस्जिद निर्माण के लिये उप्र सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को पांच एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्देश केन्द्र सरकार को दिया था।

(भाषा से इनपुट के साथ)

Supreme Court
Ayodhya Case
Ram Mandir
babri masjid

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • cartoon
    भाषा
    अवैध रेत खनन मामला: ईडी ने पंजाब में कई स्थानों पर की छापेमारी
    18 Jan 2022
    संघीय एजेंसी के अधिकारी चंडीगढ़ तथा मोहाली में कम से कम 10 से 12 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
  • covid
    भाषा
    देश में 230 दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक उपचाराधीन मरीज
    18 Jan 2022
    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में सोमवार से ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के मामलों में 8.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • covid
    डी रघुनंदन
    कोविड पर नियंत्रण के हालिया कदम कितने वैज्ञानिक हैं?
    18 Jan 2022
    सरकार के निर्णयों के पीछे संदिग्ध किस्म की मॉडलिंग का प्रयोग था, जिन्हें शीर्षस्थ सरकारी अधिकारियों व विज्ञान प्रशासकों का अनुमोदन हासिल था। इन प्रयोगों के आधार पर असंभव किस्म के पूर्वानुमान पेश किए…
  • Oxfam International report
    सत्यम श्रीवास्तव
    अमीरों के लिए आपदा में अवसर बनी कोरोना महामारी – ऑक्स्फ़ाम इन्टरनेशनल की रिपोर्ट
    18 Jan 2022
    दुनिया में मौजूद आर्थिक, सामाजिक, लैंगिक और नस्लीय असमानता हिंसक समाज ही रचेगी 
  • MGKVP
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    यूपी चुनाव : छात्र संगठनों का आरोप, कॉलेज यूनियन चुनाव में देरी के पीछे योगी सरकार का 'दबाव'
    18 Jan 2022
    वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्र संघ चुनाव कई बार स्थगित किए जा चुके हैं, जिसकी वजह से विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें नज़रबंद किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License