NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या की गाय के लिए होगा 'काऊ कोट', स्कूली बच्चों के लिए स्वेटर भी नहीं!
एक तरफ जहां अयोध्या की गायों को उत्तर प्रदेश सरकार कोट पहनाने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई जिलों में स्कूली बच्चों को स्वेटर भी नहीं मिला है। नवंबर खत्म होने को है लेकिन अभी तक बच्चे बिना स्वेटर के स्कूल जा रहे हैं।
रिज़वाना तबस्सुम
25 Nov 2019
UP

गायों की रक्षा के प्रति अपनी गंभीरता दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अब एक नया कदम उठाने जा रही है। यह कदम है गाय को कोट पहनाने का। अयोध्या की गायों को ठंड से बचाने के लिए अब उन्हें कोट पहनाया जाएगा। इसके लिए अयोध्या नगर निगम व्यवस्था करने में जुट गया है।

अयोध्या के नगर आयुक्त डॉक्टर नीरज शुक्ला ने बताया कि रामनगरी अयोध्या में गायों को ठंड से बचाने के लिए उम्दा इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां की बैसिंह स्थित गौशाला में गाय को ठंड से बचाने के लिए 'काऊ कोट' के इंतजाम किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था दो-तीन चरणों में लागू होगी, क्योंकि यहां पर गायों की संख्या 1,200 है। इसलिए पहले यहां पर उनके 100 बच्चों के लिए कोट तैयार कराए जा रहे हैं।

एक तरफ जहां अयोध्या की गायों को उत्तर प्रदेश सरकार कोट पहनाने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई जिलों में स्कूली बच्चों को स्वेटर भी नहीं मिला है। नवंबर खत्म होने को है लेकिन अभी तक बच्चे बिना स्वेटर के स्कूल जा रहे हैं। मालूम हो कि यूपी के प्राथमिक स्कूलों में सरकार के आदेश के बाद अक्टूबर में स्वेटर बंटने थे, लेकिन 22 नवंबर तक गोदामों तक 30 प्रतिशत स्वेटर ही प्राथमिक शिक्षा विभाग पहुंचे हैं।

बात करते हैं पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की। यहाँ पर बच्चे रोज सुबह ठिरठुरती ठंड में स्कूल जा रहे हैं अभी तक बच्चों को स्वेटर नहीं मिले हैं। जिले के अरजाइलाइन ब्लॉक में अभी तक किसी भी बच्चे को स्वेटर नहीं मिला है। नवंबर खत्म होने को है लेकिन स्वेटर कब मिलेगा इसका कोई अंदाजा नहीं है।

बिना स्वेटर के बच्चे.jpg
तीन में पढ़ने वाली छात्रा मीना बताती हैं कि, 'हमारे मम्मी पापा के पास इतने पैसे नहीं है कि वो हमें स्वेटर दिला सकें। स्कूल से भी अभी तक स्वेटर नहीं मिला है। सुबह स्कूल जाने में ठंड लगती हैं। हमें तो ये भी नहीं मालूम है कि हम लोगों को स्वेटर कब मिलेगा।'

शरीर से बेहद दुबले-पतले अनुज पाँचवीं के छात्र हैं। राजतालाब के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले अनुज बताते हैं कि, 'हम लोग रोज सोचते हैं कि हमें आज स्वेटर मिलेगा लेकिन अभी मिला ही नहीं। पता नहीं कब मिलेगा।' नज़र को इधर-उधर घुमाते हुए अनुज बोलते हैं कि, 'पिछली बार तो इस समय तक स्वेटर मिल गया था। लेकिन वो तो बहुत खराब था और बहुत जल्दी फट गया।'

कचनार गाँव के एक माता-पिता जिनके दो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं उन्होने बताया कि ठंड शुरू हो गई लेकिन अभी तक स्वेटर का पता नहीं है। बच्चों की माँ लक्ष्मीना बताती हैं, 'एक शुरुआती ठंड और दूसरी खत्म होती हुई ठंड, यही दोनों तो नुकसान करता है लेकिन सरकार को तो समझ ही नहीं आता है। पता नहीं कब तक हमारे बच्चों को स्वेटर मिलेगा।'

स्वेटर बंटने की बारे में बात करने पर वाराणसी जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव ने बताया, 'काफी स्कूली बच्चों को मिल गया है। करीब एक लाख स्वेटर बंट गया है।' स्कूल का नाम बताकर पूछने पर, हरिकेश यादव बताते हैं, हर जगह अभी नहीं पहुंचा है ना। करीब 40 % स्वेटर अभी नहीं पहुँचा है।' उस स्कूल के बारे में पूछे जाने पर जहां स्वेटर पहुँच गया है शिक्षा अधिकारी का कहना है, 'ब्लॉक के अधिकारी से पूछ लो।’
स्कूल बोर्ड .jpg
स्वेटर के बारे में जब अराजी लाईन ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी स्कन्द गुप्ता से बात की गई तो उन्होने कहा, 'अभी तक हमें पूरा स्वेटर ही नहीं मिला है'। स्कन्द गुप्ता कहते हैं, '27000 स्वेटर हम लोगों को मिलना चाहिए लेकिन अभी तक केवल 11000 स्वेटर ही हमें प्राप्त हुआ है'।

आगे बताते हुए स्कन्द गुप्ता ने कहा, 'अभी तक कोई भी स्वेटर बांटा नहीं गया है। स्त्यापन कराकर जितना जल्दी होगा, हम लोग बाँट देंगे। स्वेटर का जो बंडल आया है वो अभी खुला ही नहीं है, जब हम बंडल खोलेंगे तो उसकी विडियो रिकॉर्डिंग कराएंगे, उसकी क्वालिटी मिलाएंगे, उसके बाद वितरण किया जाएगा'।

ऐसा नहीं है कि ऐसी स्थिति केवल वाराणसी की है। मिर्ज़ापुर, भदोही, चित्रकूट, बांदा, महोबा अधिकतर जिलों में यही स्थिति है। भदोही की रेहाना बताती हैं कि मेरे पति मुझसे (पत्नी और बच्चों से) अलग रहते हैं, हम अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं। ठंड शुरू हो गई है। इंतज़ार देख रहे हैं कि स्वेटर मिल जाये लेकिन अभी तक नहीं मिला है। मेरे पास इतने पैसे नहीं है कि बच्चों को स्वेटर खरीद के दिला सकूँ।

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 1.6 लाख प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 1.57 करोड़ बच्चों में से लगभग 38% बच्चों को सरकार के गलत व्यवहार के कारण स्वेटर नहीं मिले हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह के अनुसार 30 नवंबर तक स्वेटर का पूरा वितरण कर दिया जाएगा। सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने ये भी बताया कि वितरण का 30% काम पूरा हो गया है। हालांकि, दूसरी तरफ, यूपी के शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने दावा किया है कि 70% स्वेटर वितरित किए गए हैं। दोनों अधिकारियों के बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनकी बातों में कितना अलगाव है।

UttarPradesh
Coat for Cow
Yogi Adityanath
yogi sarkar
Poor Education System
Government schools
CRIMES IN UP
Narendra modi
Basic education department

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License