NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीतापुर जेल भेजे गए आज़म, उनकी पत्नी और बेटा
जेल के सूत्रों ने बताया कि आज़म, उनके बेटे तथा पत्नी को आज अलसुबह सीतापुर जेल स्थानांतरित कर दिया गया। वे मामले की अगली सुनवाई यानी दो मार्च तक सीतापुर जेल में ही रहेंगे। 
भाषा
27 Feb 2020
Azam, his wife and son sent to Sitapur jail
फाइल फोटो

सीतापुर (उत्तर प्रदेश): रामपुर से समाजवादी पार्टी सांसद आज़म खान, उनकी विधायक पत्नी और बेटे को गुरुवार सुबह सीतापुर जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया। 

जेल के सूत्रों ने बताया कि आज़म, उनके बेटे तथा पत्नी को आज अलसुबह सीतापुर जेल स्थानांतरित कर दिया गया। वे मामले की अगली सुनवाई यानी दो मार्च तक सीतापुर जेल में ही रहेंगे। 

रामपुर की एक अदालत ने बुधवार को रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म, रामपुर सदर सीट से विधायक उनकी पत्नी तजीन फातिमा और स्वार सीट से सपा विधायक रहे उनके पुत्र अब्दुल्ला को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए थे। 

आज़म ने यहां संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि पूरा मुल्क जानता है कि उनके साथ क्या हो रहा है। 

सीतापुर जेल स्थानांतरित किए जाने की वजह के बारे में पूछे जाने पर आज़म ने कहा कि यह सरकार का फैसला है।

आज़म, उनकी पत्नी तजीन और पुत्र अब्दुल्ला ने अपर जिला न्यायाधीश—6 (एमपी, एमएलए) धीरेन्द्र कुमार की अदालत में बुधवार को समर्पण किया था जहां से तीनों को दो मार्च तक के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। 

अदालत ने गत 24 फरवरी को आज़म खां परिवार की अग्रिम जमानत की याचिका ठुकरा दी थी और उसकी सम्पत्ति की कुर्की का आदेश देते हुए गैर—जमानती वारंट भी जारी किया था।

गौरतलब है कि विशेष एमपी—एमएलए कोर्ट ने गत मंगलवार को तीनों के कुर्की वारंट के साथ ही गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए थे।

भाजपा के स्थानीय नेता आकाश सक्सेना ने पिछले साल दर्ज कराये गये मामले में अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाये जाने का आरोप लगाया था। एक प्रमाण पत्र रामपुर से तो दूसरा लखनऊ से जारी किया गया है। जांच में आरोप सही पाये गये।

रामपुर नगर पालिका द्वारा जारी एक जन्म प्रमाणपत्र में अब्दुल्ला की जन्मतिथि एक जनवरी 1993 लिखी है। वहीं दूसरे प्रमाणपत्र में उनका जन्मस्थान लखनऊ दिखाया गया है और उनकी जन्मतिथि 30 सितम्बर 1990 लिखी है।

आरोप है कि आज़म और उनकी पत्नी तजीन ने साजिश करके अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाये।

अदालत ने इस मामले में पेश होने के लिये कई बार समन जारी किये लेकिन आज़म खां और उनका परिवार हाजिर नहीं हुआ। उसके बाद अदालत ने कुर्की और गैरजमानती वारंट जारी किया था।

AZAM KHAN
UttarPradesh Sarkar
SP
Rampur
Sitapur jail

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

सपा प्रतिनिधिमंडल को न, दूसरे दलों को हां... आख़िर आज़म का प्लान क्या है?

आज़म के परिवार से जयंत की मुलाकात के क्या मायने निकाले जाएं?

आज़म खान-शिवपाल का साथ छोड़ना! क्या उबर पाएंगे अखिलेश यादव?

'आज़म ख़ान खेमे' की बग़ावत, सपा में टूट के संकेत!

यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर

एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License