NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
यूपी: आज़मगढ़ में पीड़ित महिला ने आत्महत्या नहीं की, सिस्टम की लापरवाही ने उसकी जान ले ली!
मृत पीड़िता के पति का आरोप है कि महिला ने इंसाफ की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने हताश होकर ये कदम उठाया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Oct 2021
stop rape
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश में सिस्टम की लापरवाही ने एक और पीड़ित महिला की जान ले ली। आजमगढ़ जिले के मेंहनाजपुर थाना क्षेत्र में शनिवार, 9 अक्तूबर को एक कथित दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस की अनदेखी के चलते जहर खाकर जान दे दी। हैरानी की बात ये है कि जो पुलिस महिला के जीवित रहते उसकी शिकायत तक सुनने को तैयार नहीं थी, उसने के मरते ही आनन-फानन में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बता दें कि पीड़िता की मौत के बाद पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही बरतने वाले थानेदार चुन्ना सिंह को निलंबित कर दिया है। मृत पीड़िता के पति का आरोप है कि महिला ने इंसाफ की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की जिसके बाद उसने हताश होकर ये कदम उठाया।

क्या है पूरा मामला?

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, ये घटना 5 अक्तूबर की है। मृतका ने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी और दुष्कर्म की शिकायत की थी। वह इंसाफ की तलाश में कई दिनों से थाने के चक्कर लगा रही थी। लेकिन पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उसने शनिवार दोपहर के करीब जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे तत्काल सीएचसी मेहनाजपुर ले जाया गया जहां के डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

महिला के पति ने मीडिया को बताया कि इंसाफ की गुहार लेकर जब वो अपनी पत्नी संग थाने पहुंचे थे, तब थाने पर दरोगा चुन्ना सिंह और दरोगा विनोद कुमार ने चार घंटे तक बैठाकर समझौते का दबाव बनाया और इसके बाद लगातार थाने के चक्कर कटवाते रहे। जिससे परेशान होकर उनकी पीड़ित पत्नी ने जहर खा लिया।

उन्होंने कहा कि गांव के ही एक शख्स ने उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया है। उन्हें अनिल नामक एक व्यक्ति पर शक है। जिसके खिलाफ उन्होंने मुकदमा दर्ज करने का प्रार्थना-पत्र भी

दिया है। उधर, परिजनों का भी आरोप है कि पुलिस दुष्कर्मियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस का क्या कहना है?

इस घटना पर आजमगढ़ के एसपी सुधीर कुमार सिंह ने एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि महिला ने मारपीट, छेड़खानी के साथ ही दुष्कर्म का भी आरोप लगाया था। स्थानीय पुलिस की लापरवाही के चलते घटनाक्रम घटित हुए है। जिसे देखते हुए प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। महिला की मौत होना दुखद है। अब विवेचना के दौरान जो भी बात सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महिला व आरोपी के घर के बीच की दूरी लगभग 500 मीटर है। आरोपी गांव का प्रतिष्ठित व्यक्ति बताया जा रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में घटना क्या हुई है।

सुधीर कुमार ने कहा, “थाने में महिला ने जहर नहीं खाया, मेरी परिजनों से भी बात हुई है, 55 साल की महिला के साथ दुष्कर्म का मामला है आरोपी की उम्र भी 55 साल है। महिला थाने के गेट पर आकर गिरी हुई थी जब उन्हें गंभीर हालत में देखा गया तो अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।"

विपक्ष का क्या कहना है?

आजमगढ़ जिले में घटी इस घटना को लेकर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है।

अपने ट्वीट में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों पर कार्रवाई ने होने आहत महिला ने थाने में की आत्महत्या- अत्यंत दुखद। यह घटना भाजपा सरकार के मुंह पर तमाचा है जो बड़े दावे कर प्रदेश में आम जनमानस को न्याय देने की बात करती है। दोषी पुलिस अधिकारियों एवं आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करें सरकार।

गौरतलब है कि प्रदेश में महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली योगी सरकार के राज में यह कोई पहली बलात्कार की घटना नहीं हैं जो उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े करती हो। बाते साल ही बहुचर्चित हाथरस कांड में भी पुलिस की भूमिका पर कई सवाल खड़े हुए थे। तब भी पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप था। घटना के 10 दिन बाद तक पुलिस ने किसी की गिरफ़्तारी नहीं की थी। पुलिस और प्रशासन पर पीड़िता के परिवार की सहमति के बिना ही उसका अंतिम संस्कार किए जाने का भी गंभीर आरोप था।

निर्भया कांड के बाद जनता के फूटे गुस्से के चलते भारतीय दण्ड संहिता में हुए महत्वपूर्ण बदलाव के बावजूद देश में बलात्कार के मामलों में कोई कमी नहीं आई है। आज भी परिस्थिति ज्यों कि त्यों हैं। राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो के 2019 की रिपोर्ट के अनुसार देश में हर रोज़ 88 बलात्कार की घटनाएँ सामने आती हैं। अगर और ध्यान से इन आंकड़ों को देखें तो पता चलेगा कि स्तिथि इतनी भयावह है कि 88 महिलाओं में से 14 नाबालिग लड़कियां होती हैं। बलात्कार के मामलों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान के बाद, दूसरे नंबर पर है, जहाँ हर रोज़ करीबन 17 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएँ सामने आती हैं।

यह सिर्फ इसी मामले की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे देश की स्थिति दिखाने वाले आधिकारिक आंकड़े हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ते जा रहे हैं लेकिन जब मामले दर्ज होते हैं तो अदालतों में उन पर सुनवाई पूरी होने में सालों लग जाते हैं और उसके बाद भी बहुत ही कम मामलों में जुर्म साबित होता है और मुजरिम को सजा होती है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोज कम से कम 88 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं लेकिन इनमें अपराध सिद्धि यानी कन्विक्शन की दर सिर्फ 27.8 प्रतिशत है।

यानी हर 100 मामलों में से सिर्फ 28 मामलों में अपराध सिद्ध हो पाता है और दोषी को सजा हो पाती है। इस मामले में सबूत पर्याप्त थे या नहीं और पुलिस की जांच विश्वसनीय या नहीं यह फैसला विस्तार से जारी होने के बाद ही पता चल पाएगा, लेकिन अभी इस मामले का अंत हुआ नहीं है। नाही अंत हुआ है महिलाओं के खिलाफ शासन-प्रशासन के लापरवाही भरे रवैए का, जो पीड़ित को शारिरीक के साथ साथ मानसिक कष्ट भी देती है।

Azamgarh
rape
sexual harassment
Uttar pradesh
rapec case
UP police
crimes against women
violence against women
women safety
Yogi Adityanath

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित


बाकी खबरें

  • fact check
    किंजल
    UP का वीडियो दिल्ली के सरकारी स्कूल में मदरसा चलाने के दावे के साथ वायरल
    30 Nov 2021
    वीडियो को गौर से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने स्कूल के बोर्ड पर ‘प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर’ लिखा हुआ पाया. प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर, गाज़ियाबाद के विजयनगर इलाके में है. यानी, ये घटना उत्तर प्रदेश की है…
  • tripura
    संदीप चक्रवर्ती, शांतनु सरकार
    त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों में ‘धांधली’ के चलते विपक्ष का निराशाजनक प्रदर्शन 
    30 Nov 2021
    यह पहली बार नहीं है जब राज्य को चुनाव पूर्व हिंसा और चुनाव के दिन ‘धांधली’ देखने को मिल रही है, ऐसा ही कुछ दो साल पहले पंचायत चुनावों के दौरान भी देखने में आया था।
  •  Pentagon
    सोनाली कोल्हटकर
    पेंटागन का भारी-भरकम बजट मीडिया की सुर्खियां क्यों नहीं बनता?
    30 Nov 2021
    पेंटागन का भारी-भरकम बजट आम अमेरिकियों के कल्याण के लिए मिलने वाले सरकारी लाभों से चुराया जा रहा है। लेकिन कॉरपोरेट मीडिया या नीति-निर्माता इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं, इस मुद्दे पर उनसे बहस की…
  • Rajya Sabha
    भाषा
    राज्यसभा की ऐतिहासिक सबसे बड़ी कार्रवाई में 12 सांसद निलंबित
    30 Nov 2021
    राज्यसभा के 12 सांसदों को वर्तमान शीत सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह उच्च सदन के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 2020 में आठ सांसदों को निलंबित किया गया था,…
  • media
    अभिषेक पाठक
    कृषि कानून वापसी पर संसद की मुहर, लेकिन गोदी मीडिया का अनाप-शनाप प्रलाप जारी!
    30 Nov 2021
    आज के दौर में मोदी सरकार शोले फ़िल्म में अमिताभ बच्चन के उस सिक्के जैसी हो गई है जिसके दोनों ओर 'मास्टरस्ट्रोक' लिखा है। गोदी मीडिया के उन एंकरों पर तरस भी आता है जिन्होंने सालभर इस कानून और सरकार का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License