NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
कानून
नज़रिया
समाज
भारत
हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में ताल मिलाता नज़र आया।
ज़ाकिर अली त्यागी
08 Jan 2022
हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!

यूपी के हरदोई में एक जनाज़े को क़ब्रिस्तान में यह कहकर नही दफ़नाने दिया गया कि यह ज़मीन क़ब्रिस्तान की नही बल्कि भगवान श्री ठाकुर जी महाराज ट्रस्ट के नाम है, जिसका मामला कोर्ट में लंबित है, बाद में मृतकों के परिजनों ने मृतक को अगले दिन यानी 26 घण्टे बाद दूसरे क़ब्रिस्तान में दफ़नाया, न्यूज़क्लिक ने इस मामले में दोनों पक्षों और प्रशासन से बात कर सच्चाई जानने की कोशिश की।

हरदोई के कस्बा मल्लावा के मिर्जापुर मोहल्ले में रहने वाले 55 वर्षीय मोहम्मद यामीन की मंगलवार सुबह बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी, उनके परिजन शाम 4 बजे जनाज़ा लेकर क़ब्रिस्तान पहुंचे। क़ब्रिस्तान कमेटी के सदस्य शुएब आलम के मुताबिक़, बीजेपी से संबंध रखने वाले राकेश चंद्र गुप्ता ने शव को दफनाने नहीं दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन को भगवान श्री ठाकुर जी महाराज ट्रस्ट की होने का दावा किया।

मृतक मोहम्मद यामीन के बड़े बेटे मोहम्मद हारून ने न्यूज़क्लिक को बताया कि "मेरे पापा की मंगलवार सुबह मृत्यु हो गई थी, मिर्जापुर मोहल्ले के क़ब्रिस्तान में क़ब्र खोदी गई थी, जैसे ही हम शाम को 4 बजे जनाज़े को क़ब्रिस्तान लेकर पहुंचे तो राकेश चंद्र गुप्ता मल्लावा थाने की पुलिस के साथ खुदी हुई क़ब्र के पास पहले से खड़े थे, उन्होंने जनाज़े को दफनाने का विरोध किया, इतना ही नहीं पुलिस भी उनका साथ दे रही थी, तहसीलदार और जिलाधिकारी भी क़ब्रिस्तान पहुंच गये, क़स्बे की दुकानें बंद होने लगी क्योंकि माहौल खराब होने की संभावना महसूस होने लगी थी, अगले दिन बुधवार को भी जनाज़ा क़ब्रिस्तान में रखा रहा, हमने माहौल ख़राब न हो इसलिए दूसरे दिन शाम को 4 बजे दूसरे क़ब्रिस्तान में कब्र खोद जनाज़े को दफ़नाया, हम इस क़ब्रिस्तान में सैकड़ों सालों से मुर्दों को दफ़्न करते आ रहे है हमारी कोशिश है कि आगे किसी का जनाज़ा न रोका जाये इसलिए जल्द से जल्द इसका हल निकाला जाये"

क़ब्रिस्तान में जनाज़े को दफ़नाने का विरोध करने वाले राकेश चंद्र गुप्ता ने न्यूज़क्लिक के लिए बात करने पर कहा कि "मैं भगवान श्री ठाकुर जी महाराज ट्रस्ट का ट्रस्टी हूं, मेरे दादा ने इस जमीन को ट्रस्ट के नाम कर दिया था लेकिन पता नही कैसे तहसील की तरफ़ से इस जमीन को खसरा खतौनी में सन 1993 में क़ब्रिस्तान के नाम कर दिया गया, दरअसल इस विवादित जमीन के दोनों तरफ़ क़ब्रिस्तान है, नगरपालिका इस जमीन को कूड़ा डालने के लिए इस्तेमाल करता था, हमने प्रशासन से गुहार लगाई तो नगरपालिका ने इसमें कूड़ा डालना बंद कर दिया, लेकिन जहां पर जनाज़े को दफ़नाने की बात थी वो जमीन मेरे दादा ने भगवान श्री ठाकुर जी महाराज ट्रस्ट के नाम कर दी थी, हम इस मामले को कोर्ट में ले गये थे, जो कि अभी लंबित है, मैंने थाने में जनाज़े को रोकने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था जिसके बाद प्रशासन ने क़दम उठाया और जनाज़े को दफ़नाने से रोका"

न्यूज़क्लिक के लिए जब इस मामले में क़ब्रिस्तान कमेटी के सदस्य शुएब आलम से बात की तो उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया कि "क़ब्रिस्तान के बीच में कोई ऐसी जमीन ही नही है जिसका कोई खसरा नंबर हो, 1341 भूखंड संख्या में क़ब्रिस्तान दर्ज है, लेकिन राकेश चंद्र गुप्ता इस क़ब्रिस्तान के बीच मे कोई नये नंबर से बीच मे क़ब्रिस्तान बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारे नंबर को प्रशासन ने 1341 में कन्वर्ट कर दिया है जबकि ऐसा होता ही नही है, शुऐब आलम ने बताया कि राकेश से प्रशासन ने भी कहा है कि यदि यह जमीन आपकी है तो 20 जनवरी तक तहसील में अपने भूलेख दिखाये और प्रशासन ने राकेश से यह भी कहा कि अभी यह मामला लखनऊ की हाइकोर्ट बेंच में लंबित है यदि आपको तब तक जनाज़े दफ़नाने पर आपत्ति है तो कोर्ट से स्टे लेकर आये, आज तो हम यहां जनाज़े को दफनाने से रोक रहे है लेकिन आगे से नही रोकेंगे"

शुएब आलम ने आगे कहा कि "क़ब्रिस्तान के बीच मे राकेश की जमीन है इसके कोई सुबूत नहीं हैं। उसके बाद भी प्रशासन अड़ा रहा कि यहां जनाज़ा नही दफ़नाने दिया जायेगा, 10-12 थानों की पुलिस पीएसी क़ब्रिस्तान में तैनात हो गई और हमें प्रशासन ने दबाव बनाकर मज़बूर किया कि हम दूसरी जगह जनाज़े को दफनायें, हमने 26 घण्टे बाद उसी क़ब्रिस्तान में दूसरी जगह जनाज़े को दफ़नाया’’

जब इस मामले में बिलग्राम तहसील के एसडीएम रामविलास यादव से बात की तो उन्होंने बताया "मामला हाल ही में संज्ञान में आया है जिसके बाद हम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए दोनों पक्षों में समझौता कराया, दोनों पक्षों को वक़्त दिया गया है कि वह अपने अपने भूलेख जमा करें उसके बाद ही जांच कर आगे कार्रवाई की जायेगी"!

इस बारे में एसडीएम से सवाल किया गया कि बिना जांच के जनाज़े को वहां दफ़नाने से क्यों रोका गया, तो एसडीएम ने कहा कि "कानून व्यवस्था बिगड़ सकती थी जिसके लिए हमने जनाज़े को उस जगह न दफ़ना कर दूसरी जगह दफ़नाने की बात कही, मामले की जांच जारी है जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है"।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
 

UP
BJP
crime
right wing politics

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी

पश्चिम बंगाल: विहिप की रामनवमी रैलियों के उकसावे के बाद हावड़ा और बांकुरा में तनाव

यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें

राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!

जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

यूपी चुनाव: छुट्टा पशुओं की बड़ी समस्या, किसानों के साथ-साथ अब भाजपा भी हैरान-परेशान

उत्तराखंड: एआरटीओ और पुलिस पर चुनाव के लिए गाड़ी न देने पर पत्रकारों से बदसलूकी और प्रताड़ना का आरोप

उत्तराखंड चुनाव: राज्य में बढ़ते दमन-शोषण के बीच मज़दूरों ने भाजपा को हराने के लिए संघर्ष तेज़ किया


बाकी खबरें

  • loksabha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    शीत सत्र: राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन के विरोध में दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों का वाकऑउट
    30 Nov 2021
    सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सदन चले और आपको सहयोग करें। हम यहां हवामहल में रहने के लिए नहीं आते, हम चर्चा और आम लोगों के मुद्दे उठाने के लिए आते हैं। हम चाहते…
  • kisan andolan
    बादल सरोज
    क्या चोर रास्ते से फिर लाए जाएंगे कृषि क़ानून!
    30 Nov 2021
    कृषि कानूनों की वापसी से जुड़े बिल की भाषा बताती है कि केवल कानून वापस लिया गया है। सरकार की सोच नहीं बदली है।
  • Omicron
    भाषा
    ओमीक्रोन: सरकार ने कोविड-19 रोकथाम उपायों की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ाई
    30 Nov 2021
    केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने एक पत्र-व्यवहार में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 25 नवंबर को जारी किये गए परामर्श का सख्ती से पालन करने के लिए कहा। इस परामर्श…
  • football players
    एपी
    मेस्सी रिकॉर्ड सातवीं बार वर्ष के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर बने, पुतेलास सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी
    30 Nov 2021
    मेस्सी ने पुरस्कार जीतने के बाद अनुवादक की मदद से कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं । नये खिताबों के लिये लड़ते रहना अच्छा लगता है ।’’
  • medical camp
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत
    30 Nov 2021
    प्रशासन सिर्फ़ 20 मौतों की पुष्टि कर रहा है। सरकारी दावों के उलट रिहंद जलाशय की तलहटी में बसे सिंदूर मकरा गांव में उदासी और सन्नाटा है। बीमारी और मौत से आदिवासी ख़ासे भयभीत हैं। आदिवासियों की लगातार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License