NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बीएचयू: दलित प्रोफेसर पर हमला, फिरोज समर्थक बताकर छात्रों ने दौड़ाया
सोमवार को छात्रों ने साहित्य विभाग, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के एक दलित सहायक प्रोफेसर शांतिलाल सालवी पर हमला किया, जिसके बाद प्रोफेसर किसी तरह जान बचाकर भागे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Dec 2019
BHU

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शिक्षकों के खिलाफ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना दलित सहायक प्रोफेसर शांतिलाल सालवी पर हमले की सामने आई है। 9 दिसंबर सोमवार को छात्रों ने साहित्य विभाग, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के एक दलित सहायक प्रोफेसर शांतिलाल सालवी पर हमला किया, जिसके बाद प्रोफेसर किसी तरह जान बचाकर भागे।

बता दें कि इस समय बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में एबीवापी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान (एसवीडीवी) में छात्रों ने मंगलवार से होने वाली परीक्षा का बहिष्कार करते हुए संकाय में कामकाज बंद करा दिया। जिस समय आंदोलनरत छात्र संकाय बंद करा रहे थे, उसी समय विभागाध्यक्ष उमाकांत के साथ शांतिलाल सालवी बाहर निकल रहे थे। आंदोलनरत छात्रों ने उन्हें फिरोज समर्थक बताते हुए अपशब्द कहे और मारने के लिए दौड़ा लिया।

इस संबंध में प्रोफेसर शांतिलाल सालवी ने कहा, 'आज मैं 12 बजे अपनी कक्ष में बैठा हुआ था। कुछ छात्र आए और हमें बाहर जाने के लिए कहने लगे। जब हम बाहर निकले तो मुनिश कुमार मिश्र और उनके साथी हमारे खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उसके बाद करीब 400 से ज्यादा की भीड़ मेरे पीछे पत्थर लिए बढ़ने लगी, जिसके बाद मैं जान बचाकर भाग निकला।'

उन्होंने आगे कहा कि जिन छात्रों को वह पढ़ाते हैं, वही उन्हें फिरोज समर्थक बताकर हमला कर देंगे, ऐसा उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह कुलपति से शिकायत करने के बाद लंका थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराएंगे।

उधर इस घटना को लेकर अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों व कर्मचारियों के संगठन ने घटना की निंदा करते हुए हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान (एसवीडीवी) में छात्रों ने मंगलवार से होने वाली परीक्षा का बहिष्कार किया और संकाय में कामकाज बंद करा दिया।

इस बीच बीएचयू प्रशासन को एक बार फिर एसवीडीवी (संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान) में होने वाली सेमेस्टर परीक्षा को टालना पड़ा। बता दें कि संकाय की सेमेस्टर परीक्षा पहले 5 दिसंबर से होनी थी, लेकिन छात्रों के विरोध को देखते हुए 29 नवंबर को परीक्षा टालते हुए प्रशासन ने 10 दिसंबर से परीक्षा कराने के लिए नया टाइम टेबल जारी किया था। छात्रों के धरना-प्रदर्शन की वजह से एक बार फिर से अगले आदेश तक परीक्षा टालनी पड़ी।

इसे भी पढ़े: बीएचयू: क्या दबाव के चलते फिरोज़ ख़ान कर रहे हैं संकाय बदलने की तैयारी?

इससे पहले आंदोलनरत छात्रों को मनाने बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर ओपी राय भी पहुंचे लेकिन छात्र नहीं माने और अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखा। बीएचयू प्रशासन ने फिरोज को खुद संकाय चुनने की छूट दे दी है। वहीं, आंदोलन करने वाले छात्रों का कहना है कि नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे और परीक्षाओं का बहिष्कार करेंगे।

हालांकि इस संबंध में छात्रों का एक बड़ा तबका फिरोज़ खान के साथ है और इस नियुक्ति का समर्थन कर रहा है।

बीएचयू के शोध छात्र विकास सिंह ने न्यूज़क्लिक से कहा, 'यह घटना अत्यंत निंदनीय और घृणित है, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। विश्वविद्यालय तथा पुलिस प्रशासन से मांग है कि तुरंत हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए।'

इसे भी पढ़े:  बीएचयू : नहीं थम रहा संस्कृत प्रोफेसर विवाद, लेकिन उम्मीद की किरण अभी बाकी है!

BHU
Dalit Professor
Attack on Professor
Religion Politics
hindu-muslim
Professor Feroz Khan
teachers protest
Education crises
RSS

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

बनारस में ये हैं इंसानियत की भाषा सिखाने वाले मज़हबी मरकज़

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,568 नए मामले, 97 मरीज़ों की मौत 
    15 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 33 हज़ार 917 हो गयी है।
  • tree
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु के चाय बागान श्रमिकों को अच्छी चाय का एक प्याला भी मयस्सर नहीं
    15 Mar 2022
    मामूली वेतन, वन्यजीवों के हमलों, ख़राब स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कारणों ने बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिकों को काम छोड़ने और मैदानी इलाक़ों में पलायन करने पर मजबूर कर दिया है।
  • नतालिया मार्क्वेस
    अमेरिका में रूस विरोधी उन्माद: किसका हित सध रहा है?
    15 Mar 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका का अपनी कार्रवाइयों के सिलसिले में सहमति बनाने को लेकर युद्ध उन्माद की आड़ में चालू पूर्वाग्रहों को बढ़ाने का एक लंबा इतिहास रहा है।
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    डिजिटल फाइनेंस: कैशलेस होती दुनिया में बढ़ते फ़्रॉड, मुश्किलें भी आसानी भी..
    15 Mar 2022
    हर साल 15 मार्च के दिन विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष कंज़्यूमर इंटरनेशनल के 100 देशों में फैले हुए 200 कंज़्यूमर समूहों ने "फेयर डिजिटल फाइनेंस" को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम…
  •  Scheme Workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों आंदोलन की राह पर हैं स्कीम वर्कर्स?
    14 Mar 2022
    हज़ारों की संख्या में स्कीम वर्कर्स 15 मार्च यानि कल संसद मार्च करेंगी। आखिर क्यों हैं वे आंदोलनरत ? जानने के लिए न्यूज़क्लिक ने बात की AR Sindhu से।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License