NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
"मैं बीजेपी विधायक हूँ, तुझे चुटकी में गायब करा दूंगा'
सामूहिक दुष्कर्म मामले में बीजेपी विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी को भदोही पुलिस ने क्लीनचिट दे दी है। लेकिन पीड़िता का कहना है कि बीजेपी नेता और सत्ता पक्ष का विधायक होने के कारण उसे बचाया जा रहा है।
रिज़वाना तबस्सुम
28 Feb 2020
Ravindra Nath Tripathi
''उत्तर प्रदेश के भदोही से भाजपा विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी। फोटो उनके फेसबुक पेज से साभार लिया गया है''

वाराणसी/भदोही : उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के बीजेपी विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी को भदोही पुलिस ने क्लीनचिट दे ही है। इस मामले में पीड़िता ने विधायक समेत परिवार के 7 लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने फिलहाल विधायक के भतीजे संदीप तिवारी को मुख्य आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया है। साथ ही विधायक के पुत्र नीतेश पर महिला के लिए अभद्र भाषा प्रयोग करने का मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ पीड़िता का कहना है कि इसमें विधायक की गिरफ्तारी भी होनी चाहिए। बीजेपी का नेता और सत्ता पक्ष का विधायक होने के कारण उसे बचाया जा रहा है।

वाराणसी की एक 37 वर्षीय विधवा महिला संग दुष्‍कर्म के मामले में भदोही भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य सचिन त्रिपाठी सहित उनके पुत्र दीपक तिवारी, प्रकाश तिवारी, नितेश और भतीजे संदीप त्रिपाठी और चंद्रभूषण तिवारी पर भदोही कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था।

पीड़ित महिला का कहना है कि, 'जब सात लोगों पर एफ़आईआर किया गया तो गिरफ्तार केवल एक ही को क्यों किया गया।' पीड़िता कहती है कि, 'ये तो न्याय नहीं है, मुझे न्याय चाहिए। अब मैं कदम आगे बढ़ा ली हूँ तो अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखूंगी। अब मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है, इन लोगों ने कुछ छोड़ा ही नहीं है।'

एफ़आईआर.jpg
भदोही जिले के एसपी राम बदन सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि विवेचना में पुलिस को सिर्फ संदीप तिवारी के खिलाफ सबूत मिले हैं, वहीं, बीजेपी विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी व उनके चार बेटों के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं इसीलिए उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।

कैसे हुई मुलाक़ात?

वाराणसी की रहने वाली पीड़िता बताती है कि 2014 की बात है, मैं वाराणसी से मुंबई (ट्रेन से) अपने मायके जा रही थी। रास्ते में भदोही रेलवे स्टेशन से संदीप त्रिपाठी भी ट्रेन में आ गया। हम दोनों की सीट आमने-सामने थी। 26 घंटे की यात्रा थी तो थोड़ी बहुत ट्रेन में बात हो गई, संदीप ने मोबाइल नंबर मांगा तो हमने दे दिया, उसके बाद हमारी थोड़ी-थोड़ी बातें होने लगी। दो साल तक हमारी बातें हुई। इसके बाद 2016 में संदीप ने मुझसे कहा कि वो मुझसे शादी करना चाहता है।

5 साल तक देता रहा धोखा

पीड़िता बताती है कि संदीप ने कहा कि उसकी शादी नहीं हुई है, इसलिए मैं उसकी बातों पर भरोसा करने लगी थी। 2016 के बाद से हमारे शारीरिक संबंध बनने लगे थे, जब भी शादी के लिए कहती कोई ना कोई बात करके टाल देते, मुझे लगता था कि शायद बिजी होंगे, काम में होंगे इसलिए ऐसा बोल रहे हैं। इसी बीच 2019 में मैं प्रेगनेंट हो गई। संदीप से शादी करने के लिए बोली तो उन्होंने मुझे कसमें देकर रोक लिया, और कहा कि तीन महीने बाद शादी करेंगे। अभी घर में हालत ठीक नहीं है। बाद में मुझे मालूम चला कि संदीप की शादी हो गई है उसके बच्चे भी हैं। उसकी बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती है।

विधायक ने किया बलात्कार

पीड़िता बताती है कि अक्सर संदीप मुझे अपने साथ ही रखते, हम ज्यादा समय साथ में रहते। क्योंकि उनका भदोही में घर था तो मुझे भदोही के एक होटल में रखते थे। एक दिन ऐसे ही मैं कमरे में बैठी हुई थी, उस जगह का पता संदीप को ही था। संदीप कुछ काम से बाहर गए थे, तभी बेल बजा, मुझे लगा संदीप हैं। मैं दरवाजा खोली तो देखी, रविंद्र त्रिपाठी (विधायक) दरवाजे पर थे, वो कमरे में आ गए, उनको बैठने के लिए बोली। थोड़ी देर बाद वो मेरे साथ छेड़खानी करने लगे, मैं मना की रोई चिल्लाई, उनसे बोली, आप मेरे पिता समान हैं, लेकिन उन्होने मुझे नहीं छोड़ा, और मेरा रेप किया।

Sandeep Tripathi.jpg
शिकायत करने पर मिली जान से मारने की धमकी

मैं पुलिस स्टेशन शिकायत के लिए जा रही थी तो संदीप ने ये कहकर मना कर दिया कि इसी घर में शादी करके आना है इसलिए ठीक नहीं होगा। वो हाथ जोड़कर कहने लगा, मैं खामोश हो गई, लेकिन उसके बाद तो संदीप के बड़े भाई, उसके चचेरे भाई ने मेरे साथ रेप किया। पीड़िता कहती है कि इसके बाद संदीप मुझसे दूरी बनाने लगे, और कम से कम बातें करते थे, 'जब वो इस बात की शिकायत के लिए संदीप के घर गई तो वहाँ पर संदीप, विधायक रविंद्र त्रिपाठी, उसके बेटे और भतीजों ने आकर मुझे वहाँ से मारकर भगा दिया। विधायक ने कहा, 'मैं बीजेपी का विधायक हूँ तुझे चुटकी में गायब करा दूंगा।'

मेरा किसी से नहीं है कोई राजनीतिक संबंध

पीड़िता कहती है कि कुछ लोग इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं लेकिन मैं तो किसी को नहीं जानती। मुझसे शादी का झांसा देकर मुझे धोखा दिया गया है। मेरे साथ बलात्कार किया गया है। मुझे मारा-पीटा गया है। मुझे धमकी दी गई है। मेरा किसी से कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। ये मेरी जिंदगी का सवाल है।

विधवा है पीड़ित महिला

पीड़ित महिला मुंबई की रहने वाली हैं और विधवा हैं। उनकी शादी 1998 में वाराणसी के लोहटिया में हुई थी। 2002 में उनके ससुर और 2007 में उनके पति की मृत्यु हो गई थी। वह वाराणसी में अपने ससुराल में रहती हैं। उनके पति इकलौते भाई थे। उसकी दो ननद हैं जिनकी शादी हो गई है। पीड़िता की सास अपनी छोटी बेटी के घर पर रहती हैं। पीड़िता को उसके ससुराल की ओर से कोई साथ देने वाला नहीं है लेकिन उसकी मां-और भाई उसके साथ खड़े हैं। पीड़िता के पिता का 2016 में देहांत हो चुका है।

विधायक से नहीं हो पा रहा है संपर्क

इस मामले के बारे में जब विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी से बात की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनका फोन लगातार बंद आ रहा है। विधायक के घर से मिली जानकारी के अनुसार, वो कुछ काम से शहर से बाहर गए हैं।

आरोपी विधायक ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा है कि, ‘मैं इस मामले में किसी भी जांच एजेंसी का सामना करने के लिए तैयार हूं। अगर पुलिस की विवेचना में आरोप सच साबित हुए तो सपरिवार फांसी पर लटकने को भी तैयार हूं। महिलाओं की सुरक्षा मेरा पहला दायित्व। सभी महिलाएं हमारी मां-बहन के बराबर हैं। विधायक का दावा है कि यह सब उनकी लोकप्रियता से घबराकर विरोधी खेमे के ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र की तरफ से किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने फेसबुक पर कहा है कि विधायक विजय मिश्र के अवैध खनन समेत अन्य भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने सीएम योगी से की थी तब से वे उनके पीछे पड़ गए हैं।

इस मामले को लेकर विधायक विजय मिश्र से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। उन्हें कॉल भी किया गया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

UttarPradesh
BJP
Ravindra Nath Tripathi
rape case
crimes against women
exploitation of women
Yogi Adityanath

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License