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"मैं बीजेपी विधायक हूँ, तुझे चुटकी में गायब करा दूंगा'
सामूहिक दुष्कर्म मामले में बीजेपी विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी को भदोही पुलिस ने क्लीनचिट दे दी है। लेकिन पीड़िता का कहना है कि बीजेपी नेता और सत्ता पक्ष का विधायक होने के कारण उसे बचाया जा रहा है।
रिज़वाना तबस्सुम
28 Feb 2020
Ravindra Nath Tripathi
''उत्तर प्रदेश के भदोही से भाजपा विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी। फोटो उनके फेसबुक पेज से साभार लिया गया है''

वाराणसी/भदोही : उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के बीजेपी विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी को भदोही पुलिस ने क्लीनचिट दे ही है। इस मामले में पीड़िता ने विधायक समेत परिवार के 7 लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने फिलहाल विधायक के भतीजे संदीप तिवारी को मुख्य आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया है। साथ ही विधायक के पुत्र नीतेश पर महिला के लिए अभद्र भाषा प्रयोग करने का मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ पीड़िता का कहना है कि इसमें विधायक की गिरफ्तारी भी होनी चाहिए। बीजेपी का नेता और सत्ता पक्ष का विधायक होने के कारण उसे बचाया जा रहा है।

वाराणसी की एक 37 वर्षीय विधवा महिला संग दुष्‍कर्म के मामले में भदोही भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य सचिन त्रिपाठी सहित उनके पुत्र दीपक तिवारी, प्रकाश तिवारी, नितेश और भतीजे संदीप त्रिपाठी और चंद्रभूषण तिवारी पर भदोही कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था।

पीड़ित महिला का कहना है कि, 'जब सात लोगों पर एफ़आईआर किया गया तो गिरफ्तार केवल एक ही को क्यों किया गया।' पीड़िता कहती है कि, 'ये तो न्याय नहीं है, मुझे न्याय चाहिए। अब मैं कदम आगे बढ़ा ली हूँ तो अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखूंगी। अब मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है, इन लोगों ने कुछ छोड़ा ही नहीं है।'

एफ़आईआर.jpg
भदोही जिले के एसपी राम बदन सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि विवेचना में पुलिस को सिर्फ संदीप तिवारी के खिलाफ सबूत मिले हैं, वहीं, बीजेपी विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी व उनके चार बेटों के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं इसीलिए उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।

कैसे हुई मुलाक़ात?

वाराणसी की रहने वाली पीड़िता बताती है कि 2014 की बात है, मैं वाराणसी से मुंबई (ट्रेन से) अपने मायके जा रही थी। रास्ते में भदोही रेलवे स्टेशन से संदीप त्रिपाठी भी ट्रेन में आ गया। हम दोनों की सीट आमने-सामने थी। 26 घंटे की यात्रा थी तो थोड़ी बहुत ट्रेन में बात हो गई, संदीप ने मोबाइल नंबर मांगा तो हमने दे दिया, उसके बाद हमारी थोड़ी-थोड़ी बातें होने लगी। दो साल तक हमारी बातें हुई। इसके बाद 2016 में संदीप ने मुझसे कहा कि वो मुझसे शादी करना चाहता है।

5 साल तक देता रहा धोखा

पीड़िता बताती है कि संदीप ने कहा कि उसकी शादी नहीं हुई है, इसलिए मैं उसकी बातों पर भरोसा करने लगी थी। 2016 के बाद से हमारे शारीरिक संबंध बनने लगे थे, जब भी शादी के लिए कहती कोई ना कोई बात करके टाल देते, मुझे लगता था कि शायद बिजी होंगे, काम में होंगे इसलिए ऐसा बोल रहे हैं। इसी बीच 2019 में मैं प्रेगनेंट हो गई। संदीप से शादी करने के लिए बोली तो उन्होंने मुझे कसमें देकर रोक लिया, और कहा कि तीन महीने बाद शादी करेंगे। अभी घर में हालत ठीक नहीं है। बाद में मुझे मालूम चला कि संदीप की शादी हो गई है उसके बच्चे भी हैं। उसकी बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती है।

विधायक ने किया बलात्कार

पीड़िता बताती है कि अक्सर संदीप मुझे अपने साथ ही रखते, हम ज्यादा समय साथ में रहते। क्योंकि उनका भदोही में घर था तो मुझे भदोही के एक होटल में रखते थे। एक दिन ऐसे ही मैं कमरे में बैठी हुई थी, उस जगह का पता संदीप को ही था। संदीप कुछ काम से बाहर गए थे, तभी बेल बजा, मुझे लगा संदीप हैं। मैं दरवाजा खोली तो देखी, रविंद्र त्रिपाठी (विधायक) दरवाजे पर थे, वो कमरे में आ गए, उनको बैठने के लिए बोली। थोड़ी देर बाद वो मेरे साथ छेड़खानी करने लगे, मैं मना की रोई चिल्लाई, उनसे बोली, आप मेरे पिता समान हैं, लेकिन उन्होने मुझे नहीं छोड़ा, और मेरा रेप किया।

Sandeep Tripathi.jpg
शिकायत करने पर मिली जान से मारने की धमकी

मैं पुलिस स्टेशन शिकायत के लिए जा रही थी तो संदीप ने ये कहकर मना कर दिया कि इसी घर में शादी करके आना है इसलिए ठीक नहीं होगा। वो हाथ जोड़कर कहने लगा, मैं खामोश हो गई, लेकिन उसके बाद तो संदीप के बड़े भाई, उसके चचेरे भाई ने मेरे साथ रेप किया। पीड़िता कहती है कि इसके बाद संदीप मुझसे दूरी बनाने लगे, और कम से कम बातें करते थे, 'जब वो इस बात की शिकायत के लिए संदीप के घर गई तो वहाँ पर संदीप, विधायक रविंद्र त्रिपाठी, उसके बेटे और भतीजों ने आकर मुझे वहाँ से मारकर भगा दिया। विधायक ने कहा, 'मैं बीजेपी का विधायक हूँ तुझे चुटकी में गायब करा दूंगा।'

मेरा किसी से नहीं है कोई राजनीतिक संबंध

पीड़िता कहती है कि कुछ लोग इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं लेकिन मैं तो किसी को नहीं जानती। मुझसे शादी का झांसा देकर मुझे धोखा दिया गया है। मेरे साथ बलात्कार किया गया है। मुझे मारा-पीटा गया है। मुझे धमकी दी गई है। मेरा किसी से कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। ये मेरी जिंदगी का सवाल है।

विधवा है पीड़ित महिला

पीड़ित महिला मुंबई की रहने वाली हैं और विधवा हैं। उनकी शादी 1998 में वाराणसी के लोहटिया में हुई थी। 2002 में उनके ससुर और 2007 में उनके पति की मृत्यु हो गई थी। वह वाराणसी में अपने ससुराल में रहती हैं। उनके पति इकलौते भाई थे। उसकी दो ननद हैं जिनकी शादी हो गई है। पीड़िता की सास अपनी छोटी बेटी के घर पर रहती हैं। पीड़िता को उसके ससुराल की ओर से कोई साथ देने वाला नहीं है लेकिन उसकी मां-और भाई उसके साथ खड़े हैं। पीड़िता के पिता का 2016 में देहांत हो चुका है।

विधायक से नहीं हो पा रहा है संपर्क

इस मामले के बारे में जब विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी से बात की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनका फोन लगातार बंद आ रहा है। विधायक के घर से मिली जानकारी के अनुसार, वो कुछ काम से शहर से बाहर गए हैं।

आरोपी विधायक ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा है कि, ‘मैं इस मामले में किसी भी जांच एजेंसी का सामना करने के लिए तैयार हूं। अगर पुलिस की विवेचना में आरोप सच साबित हुए तो सपरिवार फांसी पर लटकने को भी तैयार हूं। महिलाओं की सुरक्षा मेरा पहला दायित्व। सभी महिलाएं हमारी मां-बहन के बराबर हैं। विधायक का दावा है कि यह सब उनकी लोकप्रियता से घबराकर विरोधी खेमे के ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र की तरफ से किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने फेसबुक पर कहा है कि विधायक विजय मिश्र के अवैध खनन समेत अन्य भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने सीएम योगी से की थी तब से वे उनके पीछे पड़ गए हैं।

इस मामले को लेकर विधायक विजय मिश्र से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। उन्हें कॉल भी किया गया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

UttarPradesh
BJP
Ravindra Nath Tripathi
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crimes against women
exploitation of women
Yogi Adityanath

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