NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन पर वरुण गांधी ने दी केंद्र सरकार को हिदायत, शेयर किया अटल बिहारी वाजपेयी का वीडियो
वरुण गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक भाषण को शेयर करते हुए किसानों का समर्थन किया है और अपनी सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। 
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
14 Oct 2021
varun gandhi

किसान आंदोलन ने देश के प्रत्येक आदमी को प्रभावित किया है, वह चाहे पक्ष में हो चाहे विपक्ष में, लखीमपुर खीरी मामले के बाद से किसानों को लेकर देशवासियों में संवेदना और तनाव का भी माहौल है, जिसका अपना एक राजनीतिक प्रभाव भी यूपी चुनावों में देखने को मिल सकता है। अब सत्ताधारी पार्टी के ही सांसद वरुण गांधी भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से किसानों का समर्थन कर रहे हैं और अपनी ही भाजपा सरकार पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। 

अब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक भाषण को शेयर करते हुए किसानों का समर्थन किया है और अपनी सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। 

वरुण गाँधी ने गुरुवार के दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण शेयर किया है जिसमें वे कह रहे हैं ‘’मैं सरकार को चेतावनी देना चाहता हूँ, दमन के तरीके छोड़ दीजिए, डराने की कोशिश मत कीजिए, किसान डरने वाला नहीं है, हम किसानों के आंदोलन का दलीय राजनीति के लिए उपयोग नहीं करना चाहते, लेकिन हम किसानों की उचित मांग का समर्थन करते हैं, और अगर सरकार दमन करेगी, क़ानून का दुरूपयोग करेगी, शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश करेगी तो किसानों के संघर्ष में कूदने में हम संकोच नहीं करेंगे, उनके साथ कंधे से कंधा लगाकर खड़े रहेंगे।’’

ये भी पढ़ें: लखीमपुर नरसंहार: न्यायालय ने उप्र सरकार से पूछा क्या आरोपी गिरफ़्तार किए गए हैं?

इस 42 सेकंड की वीडियो को शेयर करने के साथ ही सांसद वरुण गाँधी ने ये भी लिखा है ‘’बड़े दिल वाले नेता के समझदार शब्द…’’ एक तरह से इस कैप्शन को प्रधानमंत्री मोदी से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जिनके शासन में किसान आंदोलन को दबाने के लिए हर संभव असंवैधानिक तरीकों का उपयोग किया जा रहा है।

ये पहली बार नहीं है जबकि वरुण गाँधी ने किसानों का समर्थन किया है। लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड मामले में भी उन्होंने किसानों का खुलकर समर्थन किया और किसानों की हत्या की जांच की मांग की। चार अक्टूबर के दिन उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखके कहा कि लखीमपुर खीरी मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा जांच की जाए, अपराधियों को जेल भेजा जाए और मृतक किसानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। 

वरुण गाँधी ने लखीमपुर खीरी मामले को सिख बनाम हिन्दू करने वालों को भी जमकर लताड़ा और कहा कि ‘’लखीमपुर खीरी मामले को हिन्दू बनाम सिख की लड़ाई में बदलने का प्रयास किया जा रहा है, ये न केवल एक अनैतिक और झूठा नैरेटिव है बल्कि ऐसे जख्मों को कुरेदने के लिए खतरनाक है जिन्हें भरने में पीढ़ियाँ लग गईं।’’ 

लखीमपुर खीरी मामले की एक वायरल वीडियो (जिसमें थार गाड़ी द्वारा किसानों को कुचलते हुए देखा जा सकता है जिसे कथित तौर पर आशीष मिश्रा चला रहा था, जो भाजपा नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का बेटा है) को शेयर करते हुए वरुण गाँधी ने ट्वीट किया था- ‘’लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ियों से जानबूझकर कुचलने का यह वीडियो किसी की भी आत्मा को झखझोर देगा। पुलिस इस वीडियो का संज्ञान लेकर इन गाड़ियों के मालिकों, इनमें बैठे लोगों, और इस प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों को चिन्हित कर तत्काल गिरफ्तार करे।’’

ये भी पढ़ें: लखीमपुर खीरी कांड : एसकेएम का 18 को रेल रोको, लखनऊ में भी महापंचायत करेंगे किसान

kisan andolan
farmers protest
Varun gandhi
Atal Bihari Vajpayee
BJP
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License