NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में कक्षा 1 से 8 में दाख़िले की संख्या 39% नीचे गिरी
2010-11 में 105 लाख छात्रों ने दाख़िला लिया था, वहीं 2020-21 में ये संख्या 64.34 लाख पर आ गई है।
काशिफ़ काकवी
23 Dec 2021
school admission

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी शासित मध्य प्रदेश में पिछले दशक की तुलना में इस दशक में सरकारी स्कूलों की कक्षा पहली से आठवीं तक के दाख़िले में क़रीब 40% की गिरावट हुई है।

वर्ष 2010-11 में सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के 105 लाख छात्रों के नामांकन की तुलना में 2020-21 में यह संख्या घटकर 64.34 लाख हो गई है। स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने ग्वालियर दक्षिण ग्रेस विधायक प्रवीण पाठक द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विधानसभा को सूचित किया।

पाठक ने आगे पूछा कि जब पिछले एक दशक में राज्य की आबादी में 18% की वृद्धि हुई है, तो नामांकन क्यों गिरा है, और सरकार प्रवेश दर बढ़ाने के लिए क्या उपाय कर रही है?

परमार ने उत्तर दिया कि नामांकन में गिरावट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 25 प्रतिशत छात्रों को नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश, बाल जनसंख्या में गिरावट और समग्र के कारण डेटा शुद्धिकरण का परिणाम है। सामाजिक सुरक्षा मिशन आईडी (SSMID) पंजीकरण। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 6-14 आयु वर्ग के छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं।

*संख्या लाखों में

राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े बताते हैं कि महामारी ने स्कूलों में नामांकन को प्रभावित नहीं किया। 2018 में, इन कक्षाओं में 67 लाख से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया था, जिनकी संख्या 2019 में घटकर 65 लाख और 2020 में 64 लाख हो गई। अकेले ग्वालियर जिले ने 2010-11 की तुलना में 2021-22 तक 88,724 छात्रों की गिरावट दर्ज की है, जबकि सीधी और सिंगरौली में क्रमश: 96, 232 और 85,175 छात्रों की गिरावट दर्ज की गई है।

5 अक्टूबर को जारी संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन की रिपोर्ट 'नो टीचर, नो क्लास: स्टेट ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट फॉर इंडिया, 2021' के अनुसार 1,54,064 स्कूलों में से 84% ग्रामीण क्षेत्रों में और 21,077 स्कूलों में हैं। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में (14%) एक ही शिक्षक है और 22% में राष्ट्रीय औसत से अधिक रिक्तियां हैं। करीब 7.7 फीसदी प्री-प्राइमरी, 4.6 फीसदी प्राइमरी और 3.3 फीसदी अपर प्राइमरी स्कूलों में अयोग्य शिक्षक हैं।

परमार के जवाब के मुताबिक, 2010-11 में कक्षा एक में दाखिला लेने वाले 16.14 लाख बच्चों की संख्या 2020-21 में घटकर 6.96 लाख रह गई। इसी तरह कक्षा दो में प्रवेश 15.46 लाख से घटकर 8.05 लाख, कक्षा तीन में 14.54 लाख से 7.85 लाख, कक्षा चार में 13.97 लाख से 8.62 लाख, कक्षा पांच में 13.15 लाख से 8.31 लाख, छठी कक्षा में 11.68 लाख से 7.81 लाख, कक्षा सात में 11.01 लाख से 8.35 लाख और कक्षा आठ में 9.35 लाख से 8.39 लाख तक हो गया है।

(पीटीआई से इनपुट के साथ)

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें।

In BJP-ruled MP, Enrolment in Classes 1 to 8 drops by 39% in Past Decade

Madhya Pradesh
BJP
Shivraj Singh Chouhan
education
Pandemic
enrolment
COVID

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

शिक्षा को बचाने की लड़ाई हमारी युवापीढ़ी और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई का ज़रूरी मोर्चा

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

नई शिक्षा नीति बनाने वालों को शिक्षा की समझ नहीं - अनिता रामपाल

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 


बाकी खबरें

  • Western media
    नतालिया मार्क्वेस
    यूक्रेन को लेकर पश्चिमी मीडिया के कवरेज में दिखते नस्लवाद, पाखंड और झूठ के रंग
    05 Mar 2022
    क्या दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध का ढोल पीटकर अंग्रेज़ी भाषा के समाचार घराने बड़े पैमाने पर युद्ध-विरोधी जनमत को बदल सकते हैं ?
  •  Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: चुनावी एजेंडे से क्यों गायब हैं मिर्ज़ापुर के पारंपरिक बांस उत्पाद निर्माता
    05 Mar 2022
    बेनवंशी धाकर समुदाय सभी विकास सूचकांकों में सबसे नीचे आते हैं, यहाँ तक कि अनुसूचित जातियों के बीच में भी वे सबसे पिछड़े और उपेक्षित हैं।
  • Ukraine return
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे ठाले:  मौत के मुंह से निकल तो गए लेकिन 'मोदी भगवान' की जय ना बोलकर एंटिनेशनल काम कर गए
    05 Mar 2022
    खैर! मोदी जी ने अपनी जय नहीं बोलने वालों को भी माफ कर दिया, यह मोदी जी का बड़प्पन है। पर मोदी जी का दिल बड़ा होने का मतलब यह थोड़े ही है कि इन बच्चों का छोटा दिल दिखाना ठीक हो जाएगा। वैसे भी बच्चे-…
  • Banaras
    विजय विनीत
    बनारस का रण: मोदी का ग्रैंड मेगा शो बनाम अखिलेश की विजय यात्रा, भीड़ के मामले में किसने मारी बाज़ी?
    05 Mar 2022
    काशी की आबो-हवा में दंगल की रंगत है, जो बनारसियों को खूब भाता है। यहां जब कभी मेला-ठेला और रेला लगता है तो यह शहर डौल बांधने लगाता है। चार मार्च को कुछ ऐसा ही मिज़ाज दिखा बनारस का। यह समझ पाना…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 6 हज़ार नए मामले, 289 मरीज़ों की मौत
    05 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 5,921 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 29 लाख 57 हज़ार 477 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License