NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भाजपा बताये कि करकरे नहीं तो क्या कसाब राष्ट्रवादी था : माकपा
भोपाल में इमरजेंसी की बरसी पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए मालेगांव विस्फोट की आरोपी और सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को देशभक्त कहे जाने पर सवाल उठाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Jun 2021
सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर

भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार फिर मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए कहा है कि वह देशभक्त नहीं है। प्रज्ञा ने कहा कि सच्चे देशभक्त महाराष्ट्र के आईपीएस अधिकारी करकरे को देशभक्त नहीं कहते हैं। इसको लेकर लोग प्रज्ञा की खूब आलोचना कर रहे हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मध्य प्रदेश इकाई ने प्रज्ञा के इस बयान पर तल्ख़ टिप्पणी करते हुए पूछा तो साध्वी को यह भी बताना चाहिए कि फिर देशभक्त कौन है?

बीजेपी सांसद प्रज्ञा ने शुक्रवार को शहीद अफ़सर पर आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे ने पूछताछ के दौरान उनके शिक्षक को प्रताड़ित किया था। जैसा कि सर्वविदित है कि प्रज्ञा खुद मालेगांव विस्फोट मामले में एक आरोपी हैं। ऐसे में उनका ये बयान एक जाबाज अफ़सर के शहादत की बेअदबी से कम नहीं है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास सीहोर में इमरजेंसी की बरसी पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते सांसद ने ये बेतुका बयाना दिया था। हेमंत करकरे वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे।

इससे पहले भी ऐसी ही बेअदबी वाले बयान प्रज्ञा दे चुकी हैं। साल 2019 में भी प्रज्ञा ने अपने एक बयान में कहा था कि करकरे ने हिरासत में उनके साथ बुरा व्यवहार किया था। इसके लिए उन्होंने उन्हें श्राप दिया था, इसलिए करकरे की मृत्यु हो गई। बाद में इस टिप्पणी की आलोचना होने पर प्रज्ञा ने माफी भी मांगनी पड़ी थी। लेकिन एक बार फिर इस तरह का बयान उनकी मंशा पर सवाल उठता है। वो इस तरह की अशोभनीय टिपण्णी करने की आदि हैं। वो कथित तौर पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को लेकर भी गलत बयानबाजी कर चुकी हैं और इसके अलावा वे नाथूराम गोड़से को देशभक्त भी बात चुकी हैं।

प्रज्ञा के इन्हीं बयानों को लकेर विपक्ष हमलावर है और बीजेपी से सवाल पूछ रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि अपनी सांसद के बयान पर भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि वे करकरे को शहीद मानते हैं या नहीं? और यदि करकरे को शहीद मानते हैं तो फिर वे अपनी सांसद के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही करेंगे या पूर्व में राष्ट्रपिता के हत्यारे को देशभक्त करार देने के उनके बयान पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी की तरह उन्हें सिर्फ दिल से माफ नहीं करेंगे?

वामपंथियों को देशद्रोही कहने के बयान पर माकपा नेता ने कहा है कि आजादी के आंदोलन में माफीनामे देने, मुखबिरी कर अंग्रेजों सें पेंशन और वजीफे लेने के सारे कलंकित कारनामे भाजपा नेताओं के नाम ही दर्ज हैं जबकि शहीद ए आजम भगत सिंह सहित आजादी के आंदोलन में वामपंथियों का योगदान इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।

माकपा ने कहा है कि साध्वी प्रज्ञा का बयान भाजपा और संघ की उसी साम्राज्यवाद परस्त सोच को उजागर करता है।

Pragya Singh Thakur
BJP
hemant karkare
RSS
CPIM

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Drugs worth Rs 313 crore seized from three people in Gujarat
    भाषा
    गुजरात में तीन लोगों के पास से 313 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थ जब्त
    11 Nov 2021
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को महाराष्ट्र के ठाणे के रहनेवाले सज्जाद घोसी नाम के व्यक्ति को एक गुप्त सूचना के आधार पर खम्भलिया कस्बे के एक अतिथिगृह से गिरफ्तार किया…
  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    त्रिपुरा हिंसा:सुप्रीम कोर्ट वकीलों, पत्रकार के खिलाफ यूएपीए के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के अनुरोध पर करेगी सुनवाई
    11 Nov 2021
    प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और हिमा कोहली की पीठ को अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सूचित किया कि तथ्य खोज समिति का हिस्सा रहे दो वकील और एक पत्रकार के खिलाफ उनकी सोशल मीडिया…
  • Varun Gandhi said on Kangana Ranaut's remarks about independence - call it madness or sedition
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    आजादी को लेकर कंगना रनौत की टिप्पणी पर बोले वरूण गांधी - इसे पागलपन कहूं या देशद्रोह
    11 Nov 2021
    कंगना रनौत की आलोचना करते हुए गांधी ने ट्वीट कर कहा, ''कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह,…
  •  PM's parliamentary constituency Banaras breathing poisonous air
    विजय विनीत
    स्पेशल रिपोर्टः ज़हरीली हवा में सांस ले रहे पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस के लोग
    11 Nov 2021
    दिवाली के बाद से ही पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में स्थिति दमघोंटू बनी हुई है। इस शहर की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 से नीचे उतरने का नाम नहीं ले रही है। यह स्थिति उन लोगों के…
  • maharastra
    भाषा
    महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की
    11 Nov 2021
    एमएसआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा, "आज राज्य भर में सभी 250 डिपो बंद हैं। कल, कम से कम तीन डिपो चालू थे, लेकिन आज वे भी बंद हैं।" एमएसआरटीसी के कर्मचारी, घाटे में चल रहे निगम के राज्य सरकार में विलय की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License