NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
राजनीति
आश्रम-3 के सेट पर बजरंग दल का हमला, माकपा ने कहा- ये संविधान पर हमला है 
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही एक वेब सीरीज की शूटिंग के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता सेट पर जबरदस्ती घुस आए और इस दौरान उन्होंने फ़िल्म निर्देशक प्रकाश झा के साथ बदसलूकी की। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Oct 2021
Ashram-3
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

वेब सीरीज आश्रम-3 की शूटिंग के दौरान रविवार को बजरंग दल के कार्यकताओं ने जमकर हंगामा किया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही सीरीज की शूटिंग के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता सेट पर जबरदस्ती घुस आए और इस दौरान उन्होंने फ़िल्म निर्देशक प्रकाश झा के साथ बदसलूकी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्देशक के चेहरे पर स्याही भी फेंकी।

इस हमले की निंदा करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने कहा कि मध्य प्रदेश में राज्य की भाजपा सरकार के संरक्षण में संघ परिवार की आपराधिक और आपत्तिजनक हरकतें लगातार बढ़ रही हैं। कल ही भोपाल और सागर में घटी घटनाएँ निंदनीय ही नहीं चिंताजनक भी हैं।

माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि भोपाल में फिल्म सेट पर हमला और हमलावरों को संरक्षण देने वाले गृहमंत्री का बयान आग में घी डालने का ही काम करेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रकाश झा "आश्रम" नाम से दो फिल्में पहले भी बना चुके हैं। इसी नाम से "आश्रम 3" बनाने पर 3 दिन पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रकाश झा को धमकी दी थी और कल तोड़फोड़ के बाद गृहमंत्री ने भी फिल्म सेट पर की गई तोड़फोड़ और प्रकाश झा के साथ की गई अभद्रता को जायज ठहराया है। इतना ही नहीं गृहमंत्री ने सेंसर बोर्ड को भी चुनौती देते हुए गृह मंत्री ने कहा है कि फिल्म की शूटिंग करने से पहले उसकी स्क्रिप्ट प्रशासन से डिस्कस कर प्रशासन की अनुमति के बाद ही शूटिंग करनी होगी।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि समलैंगिकता पर सर्वोच्च न्यायालय 5 साल पहले ही मान्यता दे चुका है, इसके बाद भी एक विज्ञापन पर गृहमंत्री के आपत्ति निंदनीय ही नहीं संविधान और सर्वोच्च न्यायालय को भी चुनौती है।

माकपा ने कहा है कि चिंता की बात यह है कि इस गुंडागर्दी और आपराधिक तोड़फोड़ के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि संविधान की रक्षा करने की शपथ को लेकर सत्ता में आई सरकार ही संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।

माकपा ने कल सागर में भी एक पंडाल में लगे सामान को उतारने में लगे टेंट व्यवसाई की गिरफ्तारी की भी निंदा की है और कहा है कि जनता में बढ़ते असंतोष के दबाव से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही भाजपा और संघ परिवार सांप्रदायिक उन्माद पैदा करना चाहता है।

माकपा ने गृहमंत्री के बयान की निंदा करते हुए, प्रदेश की धर्मनिरपेक्षता ताकतों को एकजुट होकर, पुलिस की सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश को नाकाम करने की भी अपील की है।

ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश: आख़िर ईद के जुलूस के दौरान भड़की हिंसा की वजह क्या है?

Ashram 3
Ashram 3 set
bajrang dal
CPI(M)

Related Stories


बाकी खबरें

  • आज का कार्टून
    आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!
    05 May 2022
    महंगाई की मार भी गज़ब होती है। अगर महंगाई को नियंत्रित न किया जाए तो मार आम आदमी पर पड़ती है और अगर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश की जाए तब भी मार आम आदमी पर पड़ती है।
  • एस एन साहू 
    श्रम मुद्दों पर भारतीय इतिहास और संविधान सभा के परिप्रेक्ष्य
    05 May 2022
    प्रगतिशील तरीके से श्रम मुद्दों को उठाने का भारत का रिकॉर्ड मई दिवस 1 मई,1891 को अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की शुरूआत से पहले का है।
  • विजय विनीत
    मिड-डे मील में व्यवस्था के बाद कैंसर से जंग लड़ने वाले पूर्वांचल के जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल के साथ 'उम्मीदों की मौत'
    05 May 2022
    जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल की प्राण रक्षा के लिए न मोदी-योगी सरकार आगे आई और न ही नौकरशाही। नतीजा, पत्रकार पवन जायसवाल के मौत की चीख़ बनारस के एक निजी अस्पताल में गूंजी और आंसू बहकर सामने आई।
  • सुकुमार मुरलीधरन
    भारतीय मीडिया : बेड़ियों में जकड़ा और जासूसी का शिकार
    05 May 2022
    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय मीडिया पर लागू किए जा रहे नागवार नये नियमों और ख़ासकर डिजिटल डोमेन में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और अवसरों की एक जांच-पड़ताल।
  • ज़ाहिद ख़ान
    नौशाद : जिनके संगीत में मिट्टी की सुगंध और ज़िंदगी की शक्ल थी
    05 May 2022
    नौशाद, हिंदी सिनेमा के ऐसे जगमगाते सितारे हैं, जो अपने संगीत से आज भी दिलों को मुनव्वर करते हैं। नौशाद की पुण्यतिथि पर पेश है उनके जीवन और काम से जुड़ी बातें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License