NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी
मंगलवार को बलिया के अलावा आज़मगढ़, मऊ, ग़ाज़ीपुर और बनारस से बड़ी संख्या में पत्रकार व समाजसेवी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसपी के दफ्तरों का घेराव किया। पत्रकारों का भारी हुजूम जुटने की वजह से बलिया जिला मुख्यालय ‘पत्रकारों की छावनी’ बन गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Apr 2022
journalist
खून से लिखी तख्ती लेकर धरने पर बैठे पत्रकार

उत्तर प्रदेश के बलिया में निर्दोष पत्रकारों की रिहाई और डीएम व एसपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ती जा रही है। मंगलवार को बलिया के अलावा आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और बनारस से बड़ी संख्या में पत्रकार व समाजसेवी बलिया कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसपी के दफ्तरों का घेराव किया। पत्रकारों का भारी हुजूम जुटने की वजह से बलिया जिला मुख्यालय ‘पत्रकारों की छावनी’ बन गया।

देश के प्राख्यात समाजसेवी जलपुरुष संदीप पांडेय व पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने निर्दोष पत्रकारों की रिहाई के लिए देश भर में आंदोलन छेड़ने का अल्टीमेटम दिया।

इसे भी पढ़ें : पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

बलिया के पत्रकार अजित कुमार ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता की रिहाई के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पिछले एक पखवाड़े से आंदोलन चलाया जा रहा है। पत्रकारों के समर्थन में अब समूचा बलिया जिला खड़ा हो गया है। हर वर्ग और हर तबका पत्रकारों के साथ खड़ा है। झूठे मामले में फंसाए गए पत्रकारों कि रिहाई के लिए बलिया बंद हो चुका है और जिला मुख्यालय पर पत्रकारों का धरना अनवरत जारी है। भीषण गर्मी और कड़ाके की धूप के बावजूद सैकड़ों पत्रकारों ने मंगलवार को बलिया में कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।

इसे पढ़ें: पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

समाजसेवी राजेंद्र सिंह और पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह भी निर्दोष पत्रकारों की रिहाई के लिए सड़क पर उतर गए हैं। पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह अपने समर्थकों के साथ आंदोलनकारी पत्रकारों से मुलाकात की और उनके साथ बैठे क्रमिक अनशन पर भी बैठे। आंदोलन में शामिल मऊ,आजमगढ़,गाजीपुर समेत कई जिलों के पत्रकारों ने बलिया पहुंचकर पत्रकारों की लड़ाई में कदम से कदम मिलाकर संघर्ष करने का ऐलान किया। बलिया में पत्रकारों का भारी हुजूम जुटने से जिलाधिकारी परिसर पत्रकारों की छावनी में तब्दील हो गया है। आंदोलनकारी पत्रकारों ने कहा है कि निर्दोष साथियों की रिहाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

पत्रकारों के धरने पर बैठे एक्टिविस्ट राजेंद्र सिंह और पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह

आंदोलनकारी पत्रकारों को समर्थन देने के लिए बनारस के किसान नेता चौधरी राजेंद्र और समाजसेवी बल्लभ पांडेय समेत तमाम समाजसेवी बलिया पहुंचे। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन (ग्रापए) के आंदोलन में उतरने से निर्दोष पत्रकारों की रिहाई की मांग तेज हो गई है। ग्रापए के जिलाध्य़क्ष शशिकांत सिंह अपने साथियों को लेकर रोजाना क्रमिक अनशन पर बैठ रहे हैं। आंदोलनकारी पत्रकारों के नेतृत्व भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के महासचिव मधुसूदन सिंह के अलावा वरिष्ठ पत्रकार सुधीर ओझा, जयवीर, अनिल सिंह आदि प्रमुख लोग कर रहे हैं। पत्रकारों ने निर्णय लिया है कि वो अब रोजाना खून से लिखे पत्रक पीएम और सीएम को भेजेंगे। पत्रकारों की रिहाई के साथ डीएम-एसपी का निलंबन बलिया के आंदोलनकारी पत्रकारों की प्रमुख डिमांड है।

इसे भी पढ़ें: देश में पत्रकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकार, "बुराड़ी से बलिया तक हो रहे है हमले"

UttarPradesh
Ballia
UP Paper leak
Paper Leak Case
journalist
Press freedom

Related Stories

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

यूपी चुनाव: योगी राज में पेपर लीक और परीक्षा-संबंधित घोटालों की कोई कमी नहीं

बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार

पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?

यूपी के चंदौली में 50 दिन से धरने पर बैठा है एक पत्रकार, लेकिन कोई सुनवाई नहीं


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार कोरोना को लेकर लापरवाह तो नहीं ?
    11 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज बात कर रहे हैं कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बारे में. क्या मोदी सरकार ओमिक्रोन को ले कर कोई तैयारी कर रही है या लापरवाही से बस देश में होने वाले चुनाव में ही…
  • meter
    एम.ओबैद
    बिहारः "सबसे पहले सरकारी आवासों में प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हो'
    11 Dec 2021
    स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जाने के विद्युत मंत्रालय के आदेश के बाद बिहार एक्टू के सचिव रणविजय ने कहा,'सरकार ने ग़रीब-विरोधी अपना चेहरा दिखाया है। जनता कह रही है कि सबसे पहले सचिवालय,…
  • Beti Bachao, Beti Padhao
    सोनिया यादव
    क्या सरकार वाकई बेटियों को बचाना और पढ़ाना चाहती है!
    11 Dec 2021
    एक रिपोर्ट के मुताबिक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लगभग 80 फीसदी फंड सरकार ने इसके प्रचार-प्रसार पर खर्च किए हैं। यानी बेटियों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के पैसे प्रचार और विज्ञापनों में बहा…
  • Julian Assange
    पीपल्स डिस्पैच
    मानवाधिकार दिवस पर ब्रिटेन के कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी
    11 Dec 2021
    ब्रिटिश हाई कोर्ट के फ़ैसले ने, इस साल जनवरी में डिस्ट्रिक्ट जज के उस फ़ैसले को पलट दिया, जिसमें असांज के प्रत्यर्पण को "दमनकारी" बताया गया था। नागरिक अधिकारों के पैरोकारों और असांज के समर्थक व…
  • Gogoi
    वी. वेंकटेशन
    क्या रंजन गोगोई ख़ुद को क्लीन चिट देने में कामयाब रहे ?
    11 Dec 2021
    भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और अब संसद सदस्य जस्टिस रंजन गोगोई की लिखी किताब, ‘जस्टिस फ़ॉर द जज: एन ऑटोबायोग्राफ़ी’ में सुप्रीम कोर्ट में उनके विवादास्पद कार्यकाल को लेकर कई ख़ुलासे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License