NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश सरकार ने सैकड़ों रोहिंग्याओं को बाढ़ ग्रस्त द्वीप पर स्थानांतरित किया
अगस्त 2017 में सरकारी सशस्त्र सेना द्वारा रोहिंग्या के गांवों पर हमले के बाद म्यांमार में अपने घरों से भागने को मजबूर हुए रोहिंग्या बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं। यहां इनकी संख्या लगभग एक लाख से अधिक है।
पीपल्स डिस्पैच
29 Dec 2020
बांग्लादेश सरकार ने सैकड़ों रोहिंग्याओं को बाढ़ ग्रस्त द्वीप पर स्थानांतरित किया

कुछ मानवाधिकार समूहों द्वारा उठाए गए चिंताओं के बावजूद बांग्लादेश सरकार ने रोहिंग्या शरणार्थियों के एक अन्य जत्था को बाढ़ ग्रस्त द्वीप पर भेज दिया है। लगभग 1,800 शरणार्थियों को लेकर छह जहाज मंगलवार (29 दिसंबर) की सुबह को भसन चर द्वीप के लिए चत्तोग्राम (चटगांव) से रवाना हो गया।

यह शरणार्थियों का दूसरा जत्था था जिसे मुख्य भूमि से 40 मील दूर मेघना नदी के मुहाने में स्थित भसन चर द्वीप भेजा गया। 4 दिसंबर को 1, 600 शरणार्थियों के पहले जत्थे को इस द्वीप पर स्थानांतरित कर दिया गया था। आलोचकों का कहना है कि ये द्वीप समुद्र से उभर कर सिर्फ 20 साल पहले बना है और बाढ़- ग्रस्त क्षेत्र है।

बांग्लादेश सरकार का दावा है कि इस द्वीप पर शिफ्ट करना स्वैच्छिक है और शरणार्थियों को द्वीप पर ले जाने से पहले बाढ़ और अन्य आपदा जोखिमों से निपटने की तैयारी की गई है। बांग्लादेश सरकार ने उच्च ज्वार के दौरान द्वीप को बाढ़ से बचाने के लिए 12 किमी के तटबंध के निर्माण करने का भी दावा किया है। इसका कहना है कि इसने सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ 100,000 से अधिक लोगों के लिए घर बनाए हैं।

रोहिंग्या पर सरकार प्रायोजित उत्पीड़न और हमलों के बाद म्यांमार के रखाइन प्रांत में अपने घरों से भागने के बाद बांग्लादेश में 1.1 मिलियन से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी हैं जो देश के विभिन्न शिविरों में रह रहे हैं। म्यांमार की सेना ने अलगाववादी समूहों से लड़ने के नाम पर रोहिंग्या गांवों पर हमला किया और बड़ी संख्या में इन गांवों में आग लगा दी और लाखों लोगों को बांग्लादेश और अन्य देशों में भागने के लिए मजबूर किया। संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार की सेना पर रोहिंग्याओं के खिलाफ नरसंहार करने का आरोप लगाया है।

Bangladesh
Rohingyas
Human Rights

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यूक्रेन युद्ध से रूस-चीन के संबंधों में मिली नई दिशा

मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    'सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों' के साथ तालमेल बिठाता रूस  
    13 Mar 2022
    व्लादिमीर पुतिन की पहली प्राथमिकता यही है कि वह ख़ुद को अपने लोगों के प्रति जवाबदेह बनाये रखें।
  • voting
    स्पंदन प्रत्युष
    विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 
    13 Mar 2022
    पंजाब में सत्ता विरोधी लहर ने जहां कांग्रेस सरकार को तहस-नहस कर दिया, वहीं उत्तर प्रदेश में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस पहेली का उत्तर मतदाताओं के दिमाग पर असर डालने वाली पार्टी की विचारधारा की भूमिका में…
  • सोनिया यादव
    विधानसभा चुनाव 2022: पहली बार चुनावी मैदान से विधानसभा का सफ़र तय करने वाली महिलाएं
    13 Mar 2022
    महिला सशक्तिकरण के नारों और वादों से इतर महिलाओं को वास्तव में सशक्त करने के लिए राजनीति में महिलाओं को अधिक भागीदार बनाना होगा। तभी उनके मुद्दे सदन में जगह बना पाएंगे और चर्चा का विषय बन पाएंगे।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में हिन्दुत्व की जीत नहीं, ये नाकारा विपक्ष की हार है!
    12 Mar 2022
    देश के सबसे बड़े राज्य-यूपी में भाजपा की सत्ता में दोबारा वापसी को मीडिया और राजनीति के बड़े हिस्से में 'हिन्दुत्व' की जीत के तौर पर देखा जा रहा है. क्या यह सच है? क्या यह यूपी में विपक्ष का…
  • cpim
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा
    12 Mar 2022
    माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से 2.80 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के खाते में पहुंचने वाली 425 करोड़ की छात्रवृत्ति, मात्र 206 छात्रों के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License